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छोटा सा कलमकार हूँ…
भारत की निष्पक्ष पत्रकारिता की दमनकारी नीति कोई नई बात नहीं है. भारत के पत्रकारों ने जब कभी इतिहास को…
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आँख खुले…
देश में इस समय इतिहास को बदलने, इतिहास का पुनर्लेखन करने और खासकर मुगल सल्तनत के दौर को टारगेट करने…
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दो लाइन…
सच्चाई के हम दो वचन कहतें हैं उकेरे सियाही से , काले दो अक्षर कवी जी इसी को सृजन कहतें…
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गाँव-शहर
गांव देहातों को जाना है। अधिकांश लोग ऐसे गांवों में पले बढ़े, जहां परस्पर सहयोगी होना तो दूर, एक दूसरे…
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बोस ने आज ही के दिन कांग्रेस से इस्तीफा दिया था…
इतिहास के पन्नों में कई तरह की घटनाएँ दर्ज हैं. आज से करीब 84 वर्ष पूर्व एक घटना हुई थी…
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गांधीवाद क्या है?
महात्मा गांधी के विचारो को गांधीवाद कहा जाता है. गांधीवाद के सम्बन्ध मे सर्वप्रथम प्रश्न यह है कि क्या गांधीवाद…
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आधुनिक मीरा…
भारतीय साहित्य के आकाश में महादेवी वर्मा का नाम धुर्व तारे के समान प्रकाशमान है. इनकी गिनती हिंदी कविता के…
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वीर कुंवर सिंह साहस और वीरता के पर्याय थे:- प्रो. गौरीशंकर
बाबू वीर कुंवर सिंह की 246 वीं जन्मोत्सव के अवसर पर जमुई स्थित केकेएम कालेज के परिसर में’स्वतंत्रता सेनानी बाबू…
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चिठ्ठी
खो गयी वो चिठ्ठियाँ जिसमें लिखने के सलीके छुपे होते थे, कुशलता की कामना से शुरू होते थे, बडों के…
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कैसे कहूं
किससे कहूँ कैसे कहूँ कोई सुनता यहाँ नहीं सब अपनी धुन में हैं कोई देखता यहाँ नहीं मित्रों को मैं…
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