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संस्कृत के बारे में…
मात्र 3,000 वर्ष पूर्व तक भारत में संस्कृत बोली जाती थी तभी तो ईसा से 500 वर्ष पूर्व पाणिणी ने…
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स्वाधीनता संग्राम…
25 मार्च 1931 को कानपुर में एक अत्यंत दुःखद घटना हुयी थी. एक साम्प्रदायिक उन्माद से भरी भीड़ ने गणेश…
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पुस्तकें मुर्दा दिलों में भी जान डाल देती हैं:- प्रो० गौरी शंकर
प्रो० गौरी शंकर पासवान ने कहा कि, मानव जीवन में पुस्तकों का विशेष महत्व है. पुस्तकें बच्चों की सच्ची दोस्त…
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रात…
जब सूरज थककर चला जाता है विश्राम करने,रात मनाती है खुशियाँ,झींगुरों के स्वरबद्ध गीतों के साथ,चमगादड़ों संग इठलाते हुए.वह मिलती…
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मल्लाह…
मेरा भी पाला अजब ग़ज़ब लोगों से पड़ा है। जीवन के ये वो मोती हैं जो मानवीय रिश्तों के गहरे…
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1857 की कहानी
नहीं हाल-ए-देहली सुनाने के क़ाबिल ये क़िस्सा है रोने रुलाने के क़ाबिल उजाड़े लुटेरों ने वो क़स्र उसके जो थे…
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ख्याल आता है कि…
ख्याल आता है कि परिंदे तक उदास हो जाते हैं. उनके आवाज़ की खनक टूटी हुई लगती है. घुघ्घू के…
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राणा हरराय चौहान…
आज हम आपको चौहान वंश के ऐसे वीर यौद्धा की गाथा सुनाएंगे जिनके बारे आज बहुत कम लोग जानते हैं,एक…
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खाली हाथ आए थे, खाली हाथ जाना है.लेकिन प्रश्न यह कि क्यों ?
क्यों आए थे और क्यों खाली हाथ जाना है और जब खाली हाथ ही जाना है, तो फिर कमाना किसके…
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खकरा पुल…
एक ऐसा पुल भी जिसके पास 1857 ई. मे तकरीबन ढाई सौ (250) क्रांतिकारियों को फांसी देकर शहीद कर दिया…
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