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लीची…

लीची गर्मियों का एक प्रमुख फल है जो स्वाद में मीठा और रसीला होता है. इसका वैज्ञानिक नाम लिची चिनेंसिस (Litchi chinensis) है जो सोपबैरी परिवार से आता है. यह उष्णकटिबंधीय फल है जिसका मूल निवास चीन है. लीची को कई नामो से पुकारा जाता है जैसे:- हिंदी में लीची, तमिल में विलाजी पज्हम. बताते चलें कि, चीन में लीची की खेती करीब 4 हजार से अधिक वर्षों से हो रही है. चीन में लीची को रोमांस का प्रतीक माना जाता है. वर्तमान समय में लीची की खेती कई देशों में हो रही है लेकिन, लीची का मुख्य उत्पादन दक्षिन पूर्व एशिया, चीन, भारत और दक्षिण अफ्रीका के कुछ हिस्सों में होता है.

यह मैडागास्कर, उत्तरी वियतनाम, इंडोनेशिया, थाईलैंड, फिलिपिन्स, दक्षिण अफ्रीका, भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान, दक्षिण ताइवान और दक्षिण अफ्रीका में पाई जाती है. यह एक सदाबहार पेड़ होता है जिसकी उंचाई 15-20 मीटर तक होती है. इसकी पत्तियां लगभग 15-25 सेंटीमीटर लम्बी होती है. लीची देखने में  नर्म, सफेद और गुलाबी रंग की होती है और इसका आकर 2 इंच ऊँचा व 2 इंच चौड़ा होता है. लीची कई प्रकार के होते हैं किसी के बीज मोटे या पतले भी होते है. भारत में इसे कई नामों से पुकार जाता है जैसे शाही, कलकतिया व देहरादून. लेकिन इन सब में शाही लीची को सबसे अधिक पसंद किया जाता है. चुकि, शाही लीची में गुदे या पल्प अधिक मात्रा में पाए जाते हैं और यह स्वादिष्ट भी ज्यादा होता है.

भारत में लीची का सबसे अधिक उत्पादन बिहार में होता है, इसके अलावा देश के कई राज्यों में भी लीची उगाई जाती है. लीची सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है. लीची में कार्बोहाइड्रेट, विटामिन सी, विटामिन बी 6, राइबोफोल्बिन, पोटेशियम, फास्फोरस, मैग्नीशियम, आयरन और मिनिरल्स सहित अन्य पोषक तत्व भी पाए जाते हैं. लीची में कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो कैंसर से लड़ने में सहायक होते हैं. इसके नियमित सेवन से कब्ज दूर होता है. खाना खाने के बाद अगर आप लीची खाते है तो यह आपके भोजन को पचाने में सहायता करता है. यह हमारे इम्युनिटी सिस्टम को मजबूत बनाने में सहायक होता है.

गर्मियों के मौसम में थकान या कमजोरी महसूस होने पर आप लीची का प्रयोग करें. चुकीं लीची में नियासिन नामक तत्व मौजूद होता है जो हमारे शरीर में हीमोग्लोबिन का निर्माण करता है. लीची में मौजूद पोटेशियम भी हमारे हृदय के अनियमित गति को ठीक करने में मदद करता है. लीची में ओलिगोनोल नामक तत्व पाया जाता है जो वजन कम करने में सहायक होता है साथ ही सूर्य की हानिकारक किरणों से भी हमारी रक्षा करता है. लीची खाने से बच्चों का शारीरिक विकास ठीक से होता है. यह त्वचा में होने वाली एलर्जी से भी हमे बचाता है साथ ही इन्फेक्शन से होने वाली बीमारियों से भी बचाने में सहायक होता है.

लीची उम्र के बढ़ते असर को भी रोकने में मदद करता है साथ ही चेहरे पर पड़ी झाइयों को भी हटाने में मदद करता है. अगर आपका चेहरा धुप से काला पड़ गया हो तो लीची का जूस निकलकर उसमें विटामिन ई के कैप्सूल को मिला लें, उसके बाद काले पड़े हिस्से पर लगायें और 30 मिनट बाद आप ठंडे पानी से धो लें. बताते चलें कि, लीची के बीजों से दवाइयों का निर्माण भी किया जाता है. अधिक मात्र में लीची खाने से आपको कई प्रकार के परेशानियों का सामना करना पद सकता है. एक स्वस्थ व्यक्ति को एक दिन में 10 से अधिक लीची का प्रयोग नहीं करना चाहिए. कभी भी लीची को खाली पेट में नहीं खाना चाहिए.

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Lychee…

Litchi is a major summer fruit which is sweet and juicy in taste. Its scientific name is Litchi chinensis which comes from the soapberry family. It is a tropical fruit whose native is China. Litchi is called many names like:- Litchi in Hindi, and Vilaji Pazham in Tamil. Let us tell you that litchi cultivation is being done in China for more than 4000 years. Litchi is considered a symbol of romance in China. At present, litchi is being cultivated in many countries, but the main production of litchi is in parts of South East Asia, China, India, and South Africa.

It is found in Madagascar, North Vietnam, Indonesia, Thailand, Philippines, South Africa, India, Bangladesh, Pakistan, South Taiwan, and South Africa. It is an evergreen tree whose height is up to 15-20 meters. Its leaves are about 15-25 cm long. Litchi is soft, white, and pink in color and its size is 2 inches high and 2 inches wide. There are many types of Litchi, and the seeds of some are thick or thin. In India, it is called by many names like Shahi, Calcutta, and Dehradun. But among all these, Shahi Litchi is liked the most. Chuki, Gude, or pulp is found in more quantity in Shahi Litchi and it is also more tasty.

The highest production of litchi in India is in Bihar, apart from this, litchi is also grown in many states of the country. Litchi is very beneficial for health. Other nutrients are also found in litchi including carbohydrates, vitamin C, vitamin B6, riboflavin, potassium, phosphorus, magnesium, iron, and minerals. Many such elements are found in litchi which are helpful in fighting cancer. Constipation is cured by regular consumption. If you eat litchi after eating food, it helps in digesting your food. It helps in strengthening our immunity system.

Use litchi when you feel tired or weak in the summer season. An element called niacin is present in dried litchi, which produces hemoglobin in our body. Potassium present in litchi also helps in correcting the irregular movement of our heart. An element called oligonol is found in litchi, which helps in reducing weight and also protects us from the harmful rays of the sun. By eating litchi, the physical development of children is done properly. It also protects us from skin allergies as well as helps in preventing diseases caused by infections.

Litchi also helps in preventing the aging effect and also helps in removing freckles on the face. If your face has turned black due to the sun, extract the juice of litchi and mix vitamin E capsule in it, then apply it on the blackened area and wash it with cold water after 30 minutes. Let us tell you that, medicines are also manufactured from litchi seeds. By eating litchi in excess, you may have to face many problems. A healthy person should not consume more than 10 litchis in a day. Litchi should never be eaten on an empty stomach.

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