Dharm
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सुन्दरकाण्ड-05…
चौपाई :- जुगुति बिभीषन सकल सुनाई। चलेउ पवनसुत बिदा कराई ।। करि सोइ रूप गयउ पुनि तहवाँ। बन असोक सीता रह…
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सुन्दरकाण्ड-04…
दोहा:- रामायुध अंकित गृह सोभा बरनि न जाइ। नव तुलसिका बृंद तहँ देखि हरषि कपिराइ ।। वाल्व्याससुमनजीमहाराज श्लोक का अर्थ…
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सुन्दरकाण्ड-03…
चौपाई: – नाना तरु फल फूल सुहाए। खग मृग बृंद देखि मन भाए।। सैल बिसाल देखि एक आगें। ता पर…
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सुन्दरकाण्ड-02…
दोहा – 2 राम काजु सबु करिहहु तुम्ह बल बुद्धि निधान। आसिष देई गई सो , हरिष चलेऊ हनुमान ।।…
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सुन्दरकाण्ड-01…
दोहा – 1 हनूमान तेहि परसा कर पुनि कीन्ह प्रनाम। राम काजु कीन्हें बिनु मोहि कहाँ बिश्राम ।। महाराजजी श्लोक…
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खास सपने लाते हैं…
दिवस के प्रथम पहर का स्वप्न तथा मध्यान काल के स्वप्न इच्छाशक्ति मनोबल आत्मशक्ति का सोच स्वप्न द्वारा जैसा भी…
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स्वास्तिक का रहस्य…
वैदिक ऋषियों ने अपने आध्यात्मिक अनुभवों के आधार पर कुछ विशेष चिन्हों की रचना की या यूँ कहें कि मंगल…
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सुन्दरकाण्ड…
सत्संग –वार्ता के दौरान एक भक्त ने महाराजजी से पूछा कि महाराजजी ब्राहमण, ज्ञानी और विद्वतजन सुन्दरकाण्ड पढ़ने की सलाह…
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हनुमान के 108 नाम…
भारतीय पौराणिक महाकाव्य रामायण में प्रमुख चरित्र है हनुमान. इनकी उत्पत्ति के बारे में कहा जाता है कि, भगवान भोलेनाथ…
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सूर्य को जगत की आत्मा कहा जाता है…
।।ऊँ ह्राँ ह्रीँ ह्रौँ स: सूर्याय नम: ।। सूर्य से ही इस पृथ्वी पर जीवन सम्भव है यह आज का…
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