Dharm
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कथा…
साध्वी श्वेताम्बरजी के श्रीमुख से श्रीमदमहाभागवत पुराण की कथा डाकबंगला (हाजीपुर) में चल रही है. संकलन :- ज्ञानसागर टाइम्स. छायाकार…
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छठ पूजा इतिहास:- उत्पत्ति और अर्थ
माना जाता है कि छठ पूजा के रूप में जाना जाने वाला सूर्य भगवान को सम्मानित करने और उनकी स्तुति…
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वासंती नवरात्रि…
रक्ष रक्ष महादेवि दुर्गे दुर्गतिनाशिनि। मां भक्त मनुरक्तं च शत्रुग्रस्तं कृपामयि॥ हिन्दू पंचांग के अनुसार, वर्ष का नया महीना चैत…
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प्रणाम में बड़ी ताकत होती है…
पहले लोग सुबह सुबह उठ कर घर के बड़े बुजुर्गों को झुक कर प्रणाम करते थे उनके चरण स्पर्श कर…
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महाकाल यानी शिव
धर्म ग्रंथों में भगवान शिव को महाकाल भी कहा गया है, महाकाल का अर्थ है काल यानी मृत्यु भी जिसके…
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मानव के उपर राहु का प्रभाव
नीलाम्बरो नीलवपु: किरीटी करालवक्त्र: करवालशूली। चतुर्भुजश्चर्मधरश्च राहु: सिंहासनस्थो वरदोऽस्तु मह्यम्।। राहु और केतु की प्रतिष्ठा अन्य ग्रहों की भांति ही…
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ऐसा होगा कलियुग…
वालव्यास सुमनजी महाराज ने अपने प्रवचन के दौरान कलियुग की चर्चा की, और कहा कि सतयुग में शिव, त्रेता में…
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09 चमत्कारिक वस्तुएं…
धरती पर समुद्र का हिस्सा 70 से 75 प्रतिशत है. 25 से 30 प्रतिशत धरती पर अधिकतर हिस्सा नदियों और…
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‘कर्पूर’ जलाना क्यों जरूरी?
कर्पूरगौरम करुणावतारम संसारसारं भुजगेंद्रहारम। सदावसंतम हृदयारविन्दे भवम भवानी सहितं नमामि।। अर्थात : कर्पूर के समान चमकीले गौर वर्णवाले, करुणा के…
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पुनर्जन्म की मान्यता है…
हिंदू धर्म में पुनर्जन्म की मान्यता है, चूँकि हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार प्राणी का केवल शरीर नष्ट होता है,…
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