Dharm
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मौली या कलावा का महत्व क्या है….
हिन्दू संस्कृति के किसी भी धार्मिक अनुष्ठान या यज्ञ में मौली बाँधने की परम्परा है आखिर मौली क्यों बांधा जाता…
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सुन्दरकाण्ड-12…
चौपाई :- चलत महाधुनि गर्जेसि भारी। गर्भ स्त्रवहिं सुनि निसिचर नारी।। नाघि सिंधु एहि पारहि आवा। सबद किलकिला कपिन्ह सुनावा…
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रुद्राक्ष पहनने के फायदे एवम नुकसान
सावन का पवित्र मास चल रहा है। इस माह में शिव जी की पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति की हर मनोकामना…
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सुन्दरकाण्ड-11…
दोहा :- पूँछ बुझाइ खोइ श्रम धरि लघु रूप बहोरि। जनकसुता के आगें ठाढ़ भयउ कर जोरि ।। वाल्व्याससुमनजीमहाराज श्लोक…
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पाप का गुरू कौन…
एक पंडित जी कई वर्षों तक काशी में शास्त्रों का अध्ययन करने के बाद अपने गांव लौटे. गांव के एक…
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धर्म का मर्म-02…
आप देख रहें हैं ज्ञानसागरटाईम्स…. वर्तमान समय में हर आमलोग धर्म की बात करते हैं. आखिर धर्म है क्या…? कहा…
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सुन्दरकाण्ड-10-1…
दोहा :- हरि प्रेरित तेहि अवसर चले मरुत उनचास। अट्टहास करि गर्ज कपि बढ़ि लाग अकास ।। वाल्व्याससुमनजी महाराज श्लोक…
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शिव के अस्त्र…
शिव का धनुष पिनाक :- शिव ने जिस धनुष को बनाया था उसकी टंकार से ही बादल फट जाते थे…
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ऐसा होगा कलियुग…
वालव्याससुमनजी महाराज ने अपने प्रवचन के दौरान कलियुग की चर्चा की, और कहा कि सतयुग में शिव, त्रेता में राम,…
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सुन्दरकाण्ड-10…
दोहा :- कपि कें ममता पूँछ पर सबहि कहउँ समुझाइ। तेल बोरि पट बाँधि पुनि पावक देहु लगाइ ।। वाल्व्याससुमनजीमहाराज…
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