Dharm
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सुन्दरकाण्ड-12-5…
चौपाई :- बार बार प्रभु चहइ उठावा। प्रेम मगन तेहि उठब न भावा।। प्रभु कर पंकज कपि कें सीसा। सुमिरि…
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रक्षासूत्र…
रक्षिष्ये सर्वतोहं त्वां सानुगं सपरिच्छिदम्। सदा सन्निहितं वीरं तत्र मां दृक्ष्यते भवान्॥ हिन्दू परम्परा में हर एक दिन कोई ना…
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सुन्दरकाण्ड-12-4…
चौपाई :- सुनि सीता दुख प्रभु सुख अयना। भरि आए जल राजिव नयना।। बचन काँय मन मम गति जाही। सपनेहुँ…
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शिव-शम्भू…
सनातन धर्म का पावन और पवित्र महीना जो देवों के देव का अतिप्रिय है. पौराणीक ग्रंथों के अनुसार, शिव जिसे…
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सुन्दरकाण्ड-12-3…
चौपाई :- चलत मोहि चूड़ामनि दीन्ही। रघुपति हृदयँ लाइ सोइ लीन्ही।। नाथ जुगल लोचन भरि बारी। बचन कहे कछु जनककुमारी…
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भोलेनाथ…
।वेदो शिवम शिवो वेदम।। भगवन शिव ने कहा था कि कल्पना’ ज्ञान से ज्यादा महत्वपूर्ण होता है. हम जैसी कल्पना…
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देवों के देव महादेव…
हिन्दू परम्परा बड़ी ही अलौकिक है, इस परम्परा का इतिहास सदियों पुराना है. उसी प्रकार हिन्दू परम्परा के ग्रन्थ भी…
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सुन्दरकाण्ड-12-2…
चौपाई :- जामवंत कह सुनु रघुराया। जा पर नाथ करहु तुम्ह दाया।। ताहि सदा सुभ कुसल निरंतर। सुर नर मुनि…
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सुन्दरकाण्ड-12-1…
चौपाई :- जौं न होति सीता सुधि पाई। मधुबन के फल सकहिं कि खाई।। एहि बिधि मन बिचार कर राजा।…
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शिव के गण…
आज से 15 से 20 हजार वर्ष पूर्व वराह काल की शुरुआत में जब देवी-देवताओं ने धरती पर कदम रखे…
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