Dharm
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शिव के शिष्य…
शिव तो जगत के गुरु हैं. मान्यताओं के अनुसार सबसे पहले उन्होंने अपना ज्ञान सप्त ऋषियों को दिया था. सप्त…
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सुन्दरकाण्ड-16-5
दोहा: – अहोभाग्य मम अमित अति राम कृपा सुख पुंज। देखेउँ नयन बिरंचि सिब सेब्य जुगल पद कंज ।। वाल…
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सुन्दरकाण्ड-16-4
दोहा: – श्रवन सुजसु सुनि आयउँ प्रभु भंजन भव भीर। त्राहि त्राहि आरति हरन सरन सुखद रघुबीर ।। वाल व्यास…
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सुन्दरकाण्ड-16-3.
दोहा: – उभय भाँति तेहि आनहु हँसि कह कृपानिकेत। जय कृपाल कहि चले अंगद हनू समेत ।। वाल व्यास सुमनजी…
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सुन्दरकाण्ड-16-2.
दोहा: – सरनागत कहुँ जे तजहिं निज अनहित अनुमानि। ते नर पावँर पापमय तिन्हहि बिलोकत हानि ।। श्लोक का अर्थ…
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उत्पन्ना एकादशी…
सत्संग के दौरान एक भक्त ने महाराजजी से पूछा कि, महाराजजी पुण्यमयी एकादशी तिथि की उत्पत्ति कैसे हुई, इसके बारे…
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सुन्दरकाण्ड-16-1.
दोहा: – जिन्ह पायन्ह के पादुकन्हि भरतु रहे मन लाइ। ते पद आजु बिलोकिहउँ इन्ह नयनन्हि अब जाइ ।। वाल्व्यास…
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सुन्दरकाण्ड-16.
दोहा: – रामु सत्यसंकल्प प्रभु सभा कालबस तोरि। मै रघुबीर सरन अब जाउँ देहु जनि खोरि ।। वाल्व्याससुमनजीमहाराज श्लोक का…
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सुन्दरकाण्ड-15-3.
दोहा: – तात चरन गहि मागउँ राखहु मोर दुलार । सीता देहु राम कहुँ अहित न होइ तुम्हार ।। वाल…
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उगते सूर्य को अर्घ्य…
पौराणिक काल से ही भगवान भास्कर की पूजा-अर्चना हो रही है. भगवान भास्कर के उपासना की चर्चा विष्णु पुराण, श्रीमद्भागवत…
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