Dharm
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पौष पुत्रदा एकादशी…
वालव्याससुमनजीमहाराज कहते हैं पौष (पूस) का महीना अत्यंत ही पावन और पवित्र महीना होता है. हिन्दू पंचांग के अनुसार साल…
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सुन्दरकाण्ड-16-7
दोहा: – रावन क्रोध अनल निज स्वास समीर प्रचंड। जरत बिभीषनु राखेउ दीन्हेहु राजु अखंड।। वाल व्यास सुमनजी महाराज श्लोक…
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मकर संक्राति…
हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी संक्रांति आ ही गई. आज के बाद भगवान भास्कर उत्तरायण हो जायेंगें. अब…
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सुन्दरकाण्ड-16-6
दोहा: – सगुन उपासक परहित निरत नीति दृढ़ नेम। ते नर प्रान समान मम जिन्ह कें द्विज पद प्रेम ।।…
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शिव के शिष्य…
शिव तो जगत के गुरु हैं. मान्यताओं के अनुसार सबसे पहले उन्होंने अपना ज्ञान सप्त ऋषियों को दिया था. सप्त…
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सुन्दरकाण्ड-16-5
दोहा: – अहोभाग्य मम अमित अति राम कृपा सुख पुंज। देखेउँ नयन बिरंचि सिब सेब्य जुगल पद कंज ।। वाल…
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सुन्दरकाण्ड-16-4
दोहा: – श्रवन सुजसु सुनि आयउँ प्रभु भंजन भव भीर। त्राहि त्राहि आरति हरन सरन सुखद रघुबीर ।। वाल व्यास…
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सुन्दरकाण्ड-16-3.
दोहा: – उभय भाँति तेहि आनहु हँसि कह कृपानिकेत। जय कृपाल कहि चले अंगद हनू समेत ।। वाल व्यास सुमनजी…
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सुन्दरकाण्ड-16-2.
दोहा: – सरनागत कहुँ जे तजहिं निज अनहित अनुमानि। ते नर पावँर पापमय तिन्हहि बिलोकत हानि ।। श्लोक का अर्थ…
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उत्पन्ना एकादशी…
सत्संग के दौरान एक भक्त ने महाराजजी से पूछा कि, महाराजजी पुण्यमयी एकादशी तिथि की उत्पत्ति कैसे हुई, इसके बारे…
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