Apni Virasat
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CELEBRATING THE LEGACY OF ATAL BIHARI VAJPAYEE: A STATESMAN’S ENDURING IMPACT
As we commemorate the birth anniversary of one of India’s most revered leaders, Atal Bihari Vajpayee, it’s imperative to reflect…
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सुन्दरकाण्ड-16-4
दोहा: – श्रवन सुजसु सुनि आयउँ प्रभु भंजन भव भीर। त्राहि त्राहि आरति हरन सरन सुखद रघुबीर ।। वाल व्यास…
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GENDER AND IDENTITY…
An individual’s sense of self and place in society is profoundly shaped by the complex and interconnected ideas of gender…
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सुन्दरकाण्ड-16-3.
दोहा: – उभय भाँति तेहि आनहु हँसि कह कृपानिकेत। जय कृपाल कहि चले अंगद हनू समेत ।। वाल व्यास सुमनजी…
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सुन्दरकाण्ड-16-2.
दोहा: – सरनागत कहुँ जे तजहिं निज अनहित अनुमानि। ते नर पावँर पापमय तिन्हहि बिलोकत हानि ।। श्लोक का अर्थ…
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उत्पन्ना एकादशी…
सत्संग के दौरान एक भक्त ने महाराजजी से पूछा कि, महाराजजी पुण्यमयी एकादशी तिथि की उत्पत्ति कैसे हुई, इसके बारे…
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सुन्दरकाण्ड-16-1.
दोहा: – जिन्ह पायन्ह के पादुकन्हि भरतु रहे मन लाइ। ते पद आजु बिलोकिहउँ इन्ह नयनन्हि अब जाइ ।। वाल्व्यास…
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सुन्दरकाण्ड-16.
दोहा: – रामु सत्यसंकल्प प्रभु सभा कालबस तोरि। मै रघुबीर सरन अब जाउँ देहु जनि खोरि ।। वाल्व्याससुमनजीमहाराज श्लोक का…
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देवदीवाली…
‘नमो स्तवन अनंताय सहस्त्र मूर्तये, सहस्त्रपादाक्षि शिरोरु बाहवे। सहस्त्र नाम्ने पुरुषाय शाश्वते, सहस्त्रकोटि युग धारिणे नम:।।‘ हिन्दू पंचांग अनुसार कार्तिक…
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सुन्दरकाण्ड-15-3.
दोहा: – तात चरन गहि मागउँ राखहु मोर दुलार । सीता देहु राम कहुँ अहित न होइ तुम्हार ।। वाल…
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