Dharm
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भोलेनाथ…
।वेदो शिवम शिवो वेदम।। भगवन शिव ने कहा था कि कल्पना’ ज्ञान से ज्यादा महत्वपूर्ण होता है. हम जैसी कल्पना…
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देवों के देव महादेव…
हिन्दू परम्परा बड़ी ही अलौकिक है, इस परम्परा का इतिहास सदियों पुराना है. उसी प्रकार हिन्दू परम्परा के ग्रन्थ भी…
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परमा एकादशी…
सत्संग की समाप्ति के बाद भक्तों ने महाराजजी से पूछा कि, महाराजजी पुरुषोत्तम मास के कृष्ण पक्ष में जो एकादशी…
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सुन्दरकाण्ड-12-2…
चौपाई :- जामवंत कह सुनु रघुराया। जा पर नाथ करहु तुम्ह दाया।। ताहि सदा सुभ कुसल निरंतर। सुर नर मुनि…
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महादेव…
जटा टवी गलज्जलप्रवाह पावितस्थले गलेऽव लम्ब्यलम्बितां भुजंगतुंग मालिकाम्। डमड्डमड्डमड्डमन्निनाद वड्डमर्वयं चकारचण्डताण्डवं तनोतु नः शिव: शिवम् ॥१॥ सनातन परम्परा बड़ी ही…
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सुन्दरकाण्ड-12-1…
चौपाई :- जौं न होति सीता सुधि पाई। मधुबन के फल सकहिं कि खाई।। एहि बिधि मन बिचार कर राजा।…
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शिव के गण…
आज से 15 से 20 हजार वर्ष पूर्व वराह काल की शुरुआत में जब देवी-देवताओं ने धरती पर कदम रखे…
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मौली या कलावा का महत्व क्या है….
हिन्दू संस्कृति के किसी भी धार्मिक अनुष्ठान या यज्ञ में मौली बाँधने की परम्परा है आखिर मौली क्यों बांधा जाता…
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परमा या हरिवल्लभ एकादशी…
सत्संग की समाप्ति के बाद भक्तों ने महाराजजी से पूछा कि, महाराजजी पुरुषोत्तम मास के कृष्ण पक्ष में जो एकादशी…
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सुन्दरकाण्ड-12…
चौपाई :- चलत महाधुनि गर्जेसि भारी। गर्भ स्त्रवहिं सुनि निसिचर नारी।। नाघि सिंधु एहि पारहि आवा। सबद किलकिला कपिन्ह सुनावा…
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