Apni Virasat
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योगी अनंत शिव…
नागेंद्रहाराय त्रिलोचनाय भस्मांग रागाय महेश्वराय| नित्याय शुद्धाय दिगंबराय तस्मे न काराय नम: शिवाय:॥ सनातन प्रेमियों के विशेष महिने श्रावन की…
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पाप का गुरू कौन…
एक पंडित जी कई वर्षों तक काशी में शास्त्रों का अध्ययन करने के बाद अपने गांव लौटे. गांव के एक…
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धर्म का मर्म-02…
आप देख रहें हैं ज्ञानसागरटाईम्स…. वर्तमान समय में हर आमलोग धर्म की बात करते हैं. आखिर धर्म है क्या…? कहा…
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सुन्दरकाण्ड-10-1…
दोहा :- हरि प्रेरित तेहि अवसर चले मरुत उनचास। अट्टहास करि गर्ज कपि बढ़ि लाग अकास ।। वाल्व्याससुमनजी महाराज श्लोक…
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शिव के अस्त्र…
शिव का धनुष पिनाक :- शिव ने जिस धनुष को बनाया था उसकी टंकार से ही बादल फट जाते थे…
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ऐसा होगा कलियुग…
वालव्याससुमनजी महाराज ने अपने प्रवचन के दौरान कलियुग की चर्चा की, और कहा कि सतयुग में शिव, त्रेता में राम,…
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सुन्दरकाण्ड-10…
दोहा :- कपि कें ममता पूँछ पर सबहि कहउँ समुझाइ। तेल बोरि पट बाँधि पुनि पावक देहु लगाइ ।। वाल्व्याससुमनजीमहाराज…
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भगवान शिव…
।वेदो शिवम शिवो वेदम।। हिन्दू धर्म में त्रिदेव का वर्णन आता है. त्रिदेव का संधि होता है त्रि + देव.…
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धर्म का मर्म-01…
वर्तमान समय में हर आमलोग धर्म की बात करते हैं. आखिर धर्म है क्या…? कहा जाता है “धर्म रक्षिते: धर्म:”…
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सुन्दरकाण्ड-09-2…
दोहा :- मोहमूल बहु सूल प्रद त्यागहु तम अभिमान। भजहु राम रघुनायक कृपा सिंधु भगवान।। वाल्व्याससुमनजीमहाराज श्लोक का अर्थ बताते…
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