Apni Virasat
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सुन्दरकाण्ड-15.
दोहा :- सचिव बैद गुर तीनि जौं प्रिय बोलहिं भय आस। राज धर्म तन तीनि कर होइ बेगिहीं नास ।।…
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जानिए सोलह कलाओं का रहस्य…
राम 12 कलाओं के ज्ञाता थे तो भगवान श्रीकृष्ण सभी 16 कलाओं के ज्ञाता हैं. चंद्रमा की सोलह कलाएं होती…
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दीपक जलाने के फायदे…
सनातन परम्परा के अनुयायी घरों से लेकर मंदिरों तक दीपक जलाने की परंपरा रही है. वहीँ, वर्तमान दौर में लोग…
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माँ गौरी…
या देवी सर्वभूतेषु माँ गौरी रूपेण संस्थिता । नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम: ।। नवरात्री के आठवें दिन साधक माँ…
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दुर्गास्तोत्रम्…
यह स्तोत्र शिव कृत दुर्गा स्तोत्र हैं जो कि ब्रह्मवैवर्तपुराण से लिया गया हैं इसका नियमित पाठ करने से अज्ञानता…
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माँ चंद्रघंटा…
या देवी सर्वभूतेषु माँ चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।। नवरात्रा के तीसरे दिन माँ चंद्रघंटा की पूजा…
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सुन्दरकाण्ड-14-1…
दोहा: – राम बान अहि गन सरिस निकर निसाचर भेक। जब लगि ग्रसत न तब लगि जतनु करहु तजि टेक…
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नवरात्र के दूसरे दिन होती है…
या देवी सर्वभूतेषु माँ ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।। नव रात्री के दुसरे दिन माँ ब्रह्मचारिणी की…
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गया तीर्थ की कथा…
ब्रह्माजी जब सृष्टि की रचना कर रहे थे उस दौरान उनसे असुर कुल में गया नामक असुर की रचना हो…
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सुन्दरकाण्ड-14…
चौपाई :- उहाँ निसाचर रहहिं ससंका। जब ते जारि गयउ कपि लंका।। निज निज गृहँ सब करहिं बिचारा। नहिं निसिचर…
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