Dharm
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दुर्गास्तोत्रम्…
यह स्तोत्र शिव कृत दुर्गा स्तोत्र हैं जो कि ब्रह्मवैवर्तपुराण से लिया गया हैं इसका नियमित पाठ करने से अज्ञानता…
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माता कुष्मांडा…
ऊं जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा, स्वधा नामोस्तुते।। नवरात्रा के चौथे दिन माँ कुष्मांडा की…
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माँ चंद्रघंटा…
या देवी सर्वभूतेषु माँ चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।। नवरात्रा के तीसरे दिन माँ चंद्रघंटा की पूजा…
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सुन्दरकाण्ड-14-1…
दोहा: – राम बान अहि गन सरिस निकर निसाचर भेक। जब लगि ग्रसत न तब लगि जतनु करहु तजि टेक…
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नवरात्र के दूसरे दिन होती है…
या देवी सर्वभूतेषु माँ ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।। नव रात्री के दुसरे दिन माँ ब्रह्मचारिणी की…
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शारदीय नव रात्रि…
वाल व्यास सुमन जी महाराज धार्मिक चर्चा कर रहें थे. धार्मिक चर्चा के दौरान महाराज जी ने कहा कि आश्विन…
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गया तीर्थ की कथा…
ब्रह्माजी जब सृष्टि की रचना कर रहे थे उस दौरान उनसे असुर कुल में गया नामक असुर की रचना हो…
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सुन्दरकाण्ड-14…
चौपाई :- उहाँ निसाचर रहहिं ससंका। जब ते जारि गयउ कपि लंका।। निज निज गृहँ सब करहिं बिचारा। नहिं निसिचर…
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सुन्दरकाण्ड-13-1.
छंद :- चिक्करहिं दिग्गज डोल महि गिरि लोल सागर खरभरे। मन हरष सभ गंधर्ब सुर मुनि नाग किन्नर दुख टरे।।…
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सुन्दरकाण्ड-13.
दोहा :- कपिपति बेगि बोलाए आए जूथप जूथ। नाना बरन अतुल बल बानर भालु बरूथ ।। वाल्व्याससुमनजी महाराज श्लोक का…
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