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आर्थिक आजादी की जरूरत…

# त्रेता में भगवान राम ने अपने  पिता दशरथ जी के श्राद्ध क्रम नही किये वही जटायु गिद्ध का श्राद्ध किए।

# द्वापर में भगवान कृष्ण ने हस्तीनापुर नरेश का निमंत्रण को अस्वीकार कर दासी पुत्र विदूर के घर जाकर साग खाए।

# कलियुग में भगवान बुद्ध ने कपिलवस्तु के राज पाट, यशोधरा जैसी पत्नी, राहुल जैसा बेटा को छोड़कर पीड़ित मानवता की सेवा के लिए सम्पूर्ण दुनिया को शांति का संदेश दिए।

# भगवान महावीर ने अहिंसा का संदेश प्राणी मात्र के लिए दिए।

# राजा हरिशचन्द्र ने राज पाट छोड़कर सत्य के परिभाषा को परिभाषित किया, और डोम राजा के यहां चौकीदारी किए।

# भगीरथ के तपस्या से- गंगा…

# भगवान कृष्ण की वाणी -गीता….

# विश्वामित्र के तपस्या से -गायत्री…..।

# महाराणा प्रताप… सुख आयेगा चला जायेगा, दुःख आयेगा चला जाएगा, देश के आन बान और शान के लिए घास की रोटी खाना पसंद की लेकिन अकबर की अधीनता को स्वीकार नही किया।

वर्ष 1857 स्वतंत्रता संग्राम के अग्रगणी योद्धा बाबू वीर कुँवर सिंह जिन्होंने अँग्रेजों की गोली हाथ को छूने के बाद अपना हाथ काटकर गंगा मईया को समर्पित कर दिए।

चंबल का डाकू भी सामाजिक न्याय के लिए अमीरों से धन लूटकर गरीबों में बाँट देते  थे ।

# प्रधानमंत्री वी०पी०सिंह ने मंडल कमीशन लागू कर सामाजिक न्याय के मसीहा हुए। वहीं अर्जुन सिंह ने मेडिकल कॉलेज और इंजीनियरिंग कालेज में 27℅ आरक्षण की व्यवस्था कर पिछड़े समाज को मुख्य धारा में लाने का कार्य किये। आज क्षत्रिय समाज को खलनायक साबित करने की कोशिश की जा रही है,  बिहार में जातीय जनगणना के खेल में नही उलझना है, आपके पूर्वजों द्वारा किया गया खेती को मजबूती से कीजिए। इनका त्याग तपस्या और बलिदान को जन जन तक पहुंचाये। आप का त्याग और तपस्या और बलिदान से देश और प्रदेश बचा है।

अभी आजादी की लड़ाई नहीं है आपको घर के अँग्रेज से लड़ाई है, देश आर्थिक गुलामी के जंजीर में जकडा़ चला जा रहा है, अमीर-अमीर बनता चला जा रहा है और गरीब-गरीब बनता चला जा रहा है, अमीरी और गरीबी के खाई को कम करने के लिए कोई काम नही किया जा रहा है और गरीबी रूपी कटोरा धरा कर और गरीब बना दिया जा रहा है, ऐसे संक्रमण काल के समय में क्षत्रिय समाज की महती भूमिका की जरूरत है, देश को अभी आजादी मिल पायी है लेकिन आर्थिक आजादी मिलना अभी बाकी है।

 संजय कुमार सिंह, संस्थापक,

ब्रह्म बाबा सेवा एवं शोध संस्थान

निरोग धाम अलावलपुर पटना.

 

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