देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना नवरात्रि के नौ दिनों में की जाती है. इनमें प्रथम स्वरूप माँ शैलपुत्री का है, जिनकी पूजा नवरात्र के प्रथम दिन की जाती है. “शैलपुत्री” शब्द दो भागों से मिलकर बना है, “शैल” अर्थात पर्वत और “पुत्री” अर्थात बेटी. इस प्रकार शैलपुत्री का अर्थ है “पर्वतराज हिमालय की पुत्री”.
नवरात्र के प्रथम दिन माँ शैलपुत्री की आराधना की जाती है. इस दिन भक्त देवी की आराधना में लाल या सफेद फूल अर्पण करते हैं. माँ शैलपुत्री की आराधना करने से शक्ति, धैर्य और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है.
संकलन: – ज्ञानसागरटाइम्स टीम.
Video Link: – https://youtu.be/meyoobjaI5A



