श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी की रात्रि में हुआ था. शास्त्रों के अनुसार, भगवान कृष्ण का जन्म अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था, और इस दिन वृष राशि में चंद्रमा व सिंह राशि में सूर्य था. चूंकि, भगवान श्रीकृष्ण का रोहिणी नक्षत्र में हुआ था.
स्कन्द पुराण के अनुसार कृष्ण जन्माष्टमी का व्रत एक अत्यंत महत्वपूर्ण व्रत होता है वहीं, ब्रह्म पुराण के अनुसार कलियुग में भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी में अट्ठाईसवें युग में देवकी के पुत्र श्रीकृष्ण उत्पन्न हुए. श्रीकृष्ण-जन्माष्टमी की रात्रि को मोह रात्रि भी कहा जाता है, इस रात्रि में योगेश्वर श्रीकृष्ण का ध्यान, नाम अथवा मंत्र जपते हुए जगने से संसार की मोह-माया से मुक्ति प्राप्त होती है. जन्माष्टमी के मौके पर पुरे देश में हर्षोल्लास होता है. मन्दिरों को सजाया जाता है और पूरा देश कृष्णमय हो जाता है.
संकलन: – ज्ञानसागरटाइम्स टीम
Video Link: – https://youtu.be/T4ru83m2AYg



