अन्तराष्ट्रीय मजदूर दिवस… - Gyan Sagar Times
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अन्तराष्ट्रीय मजदूर दिवस…

“ लेबर यूनियन मूवमेंट ” और मजदूरों के सम्मान में मनाया जाने वाल दिवस जिसे हम सभी मजदूर दिवस के नाम से जानते हैं. यह दुनिया के करीब 80 देशों में मनाया जाता है. वहीं, यूरोपीय देशों में एक मई के दिन मई दिवस भी मनाया जाता है. इस दिन लोग एक दुसरे को गिफ्ट देते है व नाचते-गाते हैं. बताते चलें कि, 1856 में मजदूरों (श्रमिक) की छुट्टी का विचार आया और इसकी शुरुआत आस्ट्रेलिया से हुई, धीरे-धीरे यह पूरी दुनिया में फ़ैल गया. मजदूर दिवस की शुरुआत अमेरिका में 1 मई 1886 को हुई थी उस वक्त अमेरिका के मजदूर संघों ने मिलकर निश्‍चय किया था कि वे 8 घंटे से ज्‍यादा काम नहीं करेंगे.

बताते चलें कि, संयुक्त राज्य अमेरिका में तीन दिनों की आम हडताल के दौरान हेमार्केट स्क्वायर (शिकागो) में शांतिपूर्ण प्रदर्शन हो रहा था. लेकिन पुलिस भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आगे बढ़ी, तभी वहां पर विस्फोट हुआ जिससे कई मजदूरों की जान चली गई व घायल हो गयें. सालों बाद हेमार्केट शहीदों की याद में मजदूर दिवस मनाया जाने लगा. 1889 पेरिस में अन्तराष्ट्रीय महासभा की दूसरी बैठक फ्रेंच क्रान्ति को याद करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया गया कि फ्रेंच क्रान्ति को अन्तराष्ट्रीय मजदूर दिवस के रूप में मनाया जाय साथ ही मजदूरों को 8 घंटे काम करने की इजाजत दी गई और इसकी शुरुआत अमेरिका से की गई.

भारत में सबसे पहले मजदूर दिवस की शुरुआत चेन्नई में लेबर किसान पार्टी ऑफ हिंदुस्‍तान ने 1 मई 1923 को चेन्नई में हुई थी. उस वक्त इसे मद्रास दिवस के तौर पर मनाया जाता था. संयुक्त राष्ट्र के अंतर्गत आने वाली अंतरराष्ट्रीय मजदूर संस्था दुनियाभर में लेबर क्लास के लोगों का जीवन स्तर सुधारने की दिशा में काम करती है साथ ही यह संस्था दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रैली और मार्च निकालती है ताकि मजदूर उत्पीड़न, न्यूनतम मजदूरी कानून और अप्रवासी मजदूरों को लेकर जागरुकता फैलाई जा सके. एक मई के दिन सभी श्रमिकों की छुट्टी होती है या यूँ कहें कि, पब्लिक हालीडे होता है लेकिन जितना महत्व पहले होता था उसके अनुरूप वर्तमान समय में महत्व नगण्य प्राय हो गया है.

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