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क्या वंशवाद ही वर्तमान राजनीती का मूल आधार है…?
भारतीय लोकतंत्र की आत्मा जनप्रतिनिधित्व में निहित है, जहाँ हर नागरिक को समान अवसर मिलना चाहिए। वहीँ, वंशवाद ही वर्तमान…
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विभीषण से परेशान…कैसे जीत पायेंगें किला!
अरे भाई! यह बिहार चुनाव का ‘किला’ तो रावण की लंका से भी ज़्यादा अभेद्य हो गया है! लंका में…
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बॉम्बाली, धुआँआली = दीपावली
दीपावली शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के दो शब्दों से मिलकर बना है, “दीप” का अर्थ होता है “दिया” और “आवली”…
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दुविधा…
भारत को उत्सवों का देश कहा जाता है. यहाँ का हर मौसम किसी न किसी त्योहार की दस्तक देता है.…
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एक और महाभारत -2025.
इतिहास एक बार फिर दोहरा रहा है लेकिन, आधुनिक सोच या मानसिकता के कारण हम सभी महूसस नहीं कर पा…
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इच्छा पर भारी बना कर्म…
विश्व के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में से एक है नोबेल शांति पुरस्कार. यह उन व्यक्तियों और संस्थाओं को दिया जाता…
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क्या वर्तमान भारत लोहिया का भारत है?…
डॉ. राममनोहर लोहिया समकालीन भारतीय राजनीति के एक ऐसे चिंतक और सिद्धांतकार थे, जिनके विचारों ने दशकों तक भारत की…
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क्या वर्तमान बिहार में व्यवस्था परिवर्तन संभव है?…
बिहार का इतिहास गवाह है कि यह धरती व्यवस्था परिवर्तन की ललक को कभी भुला नहीं पाई. सम्पूर्ण क्रांति से…
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क्या सम्पूर्ण क्रान्ति बस… एक नारा था?
“सम्पूर्ण क्रान्ति” का नारा वर्ष 1970 के दशक में भारतीय राजनीति के आकाश में एक विद्युत-चमक की तरह कौंधा था,…
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हुई घोषणा बिहार चुनाव की…
दुनिया को जिसने गणतंत्र का पहला पाठ पढ़ाया, वह एक बार फिर अपने सबसे बड़े लोकतांत्रिक पर्व के लिए तैयार…
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