Apni Virasat
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नवरात्र के दूसरे दिन होती है…
या देवी सर्वभूतेषु माँ ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।। नव रात्री के दुसरे दिन माँ ब्रह्मचारिणी की…
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शारदीय नव रात्रि…
वाल व्यास सुमन जी महाराज धार्मिक चर्चा कर रहें थे. धार्मिक चर्चा के दौरान महाराज जी ने कहा कि आश्विन…
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गया तीर्थ की कथा…
ब्रह्माजी जब सृष्टि की रचना कर रहे थे उस दौरान उनसे असुर कुल में गया नामक असुर की रचना हो…
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सुन्दरकाण्ड-14…
चौपाई :- उहाँ निसाचर रहहिं ससंका। जब ते जारि गयउ कपि लंका।। निज निज गृहँ सब करहिं बिचारा। नहिं निसिचर…
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सुन्दरकाण्ड-13-1.
छंद :- चिक्करहिं दिग्गज डोल महि गिरि लोल सागर खरभरे। मन हरष सभ गंधर्ब सुर मुनि नाग किन्नर दुख टरे।।…
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सुन्दरकाण्ड-13.
दोहा :- कपिपति बेगि बोलाए आए जूथप जूथ। नाना बरन अतुल बल बानर भालु बरूथ ।। वाल्व्याससुमनजी महाराज श्लोक का…
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शुभकामना-23.
समस्त देशवासियों व राज्य वासियों को ज्ञानसागरटाइम्स परिवार की ओर से विश्वकर्मा पुजा की हार्दिक बधाई व शुभकामना…
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सुन्दरकाण्ड-12-6…
चौपाई :- नाथ भगति अति सुखदायनी। देहु कृपा करि अनपायनी।। सुनि प्रभु परम सरल कपि बानी। एवमस्तु तब कहेउ भवानी…
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प्रकटोत्सव…
ममाखिलपापप्रशमनपूर्वक सर्वाभीष्ट सिद्धये श्रीकृष्ण जन्माष्टमी व्रतमहं करिष्ये॥ हिन्दू पंचांग के अनुसार साल के छठे महीने को भाद्रपद अथवा भादों का महीना कहते…
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सुन्दरकाण्ड-12-5…
चौपाई :- बार बार प्रभु चहइ उठावा। प्रेम मगन तेहि उठब न भावा।। प्रभु कर पंकज कपि कें सीसा। सुमिरि…
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