Dharm
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मानव के उपर राहु का प्रभाव
नीलाम्बरो नीलवपु: किरीटी करालवक्त्र: करवालशूली। चतुर्भुजश्चर्मधरश्च राहु: सिंहासनस्थो वरदोऽस्तु मह्यम्।। राहु और केतु की प्रतिष्ठा अन्य ग्रहों की भांति ही…
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ऐसा होगा कलियुग…
वालव्यास सुमनजी महाराज ने अपने प्रवचन के दौरान कलियुग की चर्चा की, और कहा कि सतयुग में शिव, त्रेता में…
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09 चमत्कारिक वस्तुएं…
धरती पर समुद्र का हिस्सा 70 से 75 प्रतिशत है. 25 से 30 प्रतिशत धरती पर अधिकतर हिस्सा नदियों और…
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‘कर्पूर’ जलाना क्यों जरूरी?
कर्पूरगौरम करुणावतारम संसारसारं भुजगेंद्रहारम। सदावसंतम हृदयारविन्दे भवम भवानी सहितं नमामि।। अर्थात : कर्पूर के समान चमकीले गौर वर्णवाले, करुणा के…
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पुनर्जन्म की मान्यता है…
हिंदू धर्म में पुनर्जन्म की मान्यता है, चूँकि हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार प्राणी का केवल शरीर नष्ट होता है,…
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मौली या कलावा….
हिन्दू संस्कृति के किसी भी धार्मिक अनुष्ठान या यज्ञ में मौली बाँधने की परम्परा है आखिर मौली क्यों बांधा जाता…
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‘स्वाहा’ क्यों कहते हैं…?
यज्ञ या हवन के दौरान आपने देखा होगा कि आहूति देते समय ‘स्वाहा’ का उच्चारण होता हैं. क्या आप जानते…
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मन की चंचलता नियंत्रित होती है…
अभ्यास और वैराग्य से मन की चंचलता नियंत्रित होती है। इसलिए मन का निरोध करने के लिए अभ्यास और वैराग्य…
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धर्म को समझने के लिए सत्य को समझना आवश्यक है।
भगवान शिव, श्रीकृष्ण, वृन्दावन आदि सब हमारे ही भीतर है। किन्तु जानकारी के अभाव में हम इन्हें तीर्थों में खोजते…
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प्राण-प्रतिष्ठा महायज्ञ…
आप देख रहें हैं ज्ञानसागरटाइम्स.कॉम सर्वेश्वरी मन्दिर(छक्कन टोला, उत्तरी मंदिरी) में प्राण –प्रतिष्ठा महायज्ञ का आयोजन किया गया है. इस…
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