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नाक क्यों छिदवाती हैं?

भारतीय महिलाऐं नाकों में ‘नथ’ या उनसे जुड़े गहने जरुर पहनती हैं. क्या आप बता सकते हैं कि, अक्सर महिलाऐं नाक छिदवाने के लिए क्यूँ तैयार हो जाती हैं? अधिकतर लोग इसे महिलाओं के श्रृंगार से जोड़कर देखते हैं. दरअसल, यह आम धारणा बन चुकी है कि, महिला नाक इसलिए छिदवाती हैं ताकि वे सुंदर आभुषण पहनकर खुद को सुसज्जीत कर सकें. आइए जानते हैं ‘नाक छिदवाने’ का राज…

आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से महिलाओं के नाक छिदवाने की प्रक्रिया को बेहद खास माना जाता है. आयुर्वेदिक ग्रंथों के अनुसार ‘नाक छिदवाने’ की प्रक्रिया को चिकित्सा से जोड़ कर देखा जाता है. आयुर्वेदिक चिकित्सक के अनुसार, अगर औरत अपनी बाईं ओर की नाक छिदवाती है तो उसे प्रसव के दौरान पीड़ा सहन करने में खासी मदद मिलेगी. यह क्रिया सीधे तौर पर प्रजनन अंगों पर प्रभाव डालती है. खासतौर पर शादी के मौकों पर दुल्हन को नाक में नथ पहनाई जाती है. भले ही महिला ने नाक न छिदवाया हो फिर भी, एक रिवाज के रूप में सभी उसके अनुरूप चलते हैं. भारतीय महिलाएं भी खुशी-खुशी के विशेष मौको पर अपनी नाक में छल्ले पहनने के लिए तैयार हो जाती हैं.

डॉ० मिनाक्षी स्वराज. 

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Why do you pierce your nose?

Indian women definitely wear ‘nath’ or ornaments related to them on their noses. Can you tell why women often agree to get their noses pierced? Most people associate it with the makeup of women. Actually, it has become a common belief that women pierce their noses so that they can adorn themselves by wearing beautiful ornaments. Let’s know the secret of ‘nose piercing’…

Ayurvedic point of view, the process of piercing the nose of women is considered very special. According to Ayurvedic texts, the process of ‘nose piercing’ is linked to medicine. According to Ayurvedic doctors, if a woman gets her nose pierced on her left side, it will help her to bear the pain during childbirth. This action directly affects the reproductive organs. Especially on the occasion of marriage, the bride wears a nose ring. Even if the woman has not pierced her nose, everyone follows suit as a custom. Indian women also happily get ready to wear rings on their noses on special occasions.

Dr. Meenakshi Swaraj.

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