वर्तमान समय में वर्षा ऋतू अपने चरम पर है साथ ही नदियों के बढ़ते जलस्तर ने आम-आवाम के माथे पर चिंता की लकीर खींच दी है. साथ ही प्रशासन व सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाये हुए हैं. अभी हाल ही में नेपाल में प्रकृति के रौद्र रूप की तस्वीरों ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है. यह घटना पहली नहीं है इससे पहले भी ऐसी घटनाएं होती रही है परन्तु हमने कभी सबक नहीं ली है.
नेपाल की त्रासदी के बाद बिहार में कोशी, गंडक और गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर चिता और भी बढ़ गई है. वहीं, पटना के दीघा घाट पर गंगा का जलस्तर 50.80 मीटर दर्ज किया गया है, जो खतरे के निशान (50.45 मीटर) से 35 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है. एकतरफ गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है वहीं, गंगा नदी किनारे सेल्फी लेना, पिकनिक मनाना व नदी किनारे या यूँ कहें कि, पानी के बेहद करीब जाना किसी बड़ी घटना को न्योता दे सकता है.
एक तरफ गंगा नदी में जलस्तर की बढ़ोतरी हो रही है वहीं, जेपी गंगा पथ के किनारे दुकान लगाने वाले कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. जेपी गंगा पथ और दीघा इलाके में गंगा किनारे दुकान लगाने वाले छोटे कारोबारियों पर बाढ़ का सीधा असर पड़ा है. पानी बढ़ने के कारण दुकानदारों को अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाना पड़ रहा है और उनके कारोबार पर भी असर पड़ा है.
बताते चलें कि, पटना नगर निगम की ओर से प्रभावित दुकानदारों को लेकर अभी तक कोई विशेष निर्देश जारी नहीं किया गया है. ऐसे में कारोबारियों के सामने राहत और सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं. सबसे बड़ी चिंता सिर्फ कारोबारियों की नहीं है, बल्कि उन परिवारों की सुरक्षा को लेकर भी है जो गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर के बाद भी जेपी गंगा पथ व गंगा किनारे अपने परिवार व छोटे बच्चों के साथ पहुँच रहें हैं
प्रकृति के सामने इंसान की ताकत बेहद छोटी होती है. चुकि, जब प्रकृति अपने रौद्र रूप में आती है तो बड़े-बड़े निर्माण, पुल, सड़कें और दूसरी संरचनाएं भी उसकी ताकत के सामने बौने नजर आतें है. किसी भी घटना व दुर्घटना से सीख लेनी चाहिए वहीं, पटनाइट्स अपने परिवार व दोस्तों के साथ पार्टी व मौज-मस्ती कर रहें है.
जिस प्रकार गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है, ऐसे में जरूरी है कि लोग प्रशासन की चेतावनियों को गंभीरता से लें और गंगा के किनारे अनावश्यक रूप से जाने से बचें. अक्सर आपने नदी व उसकी लहरों को शांत व स्थिर देखा है लेकिन, उसकी धारा कब अपना रौद्र रूप ले ले. इसका अंदाजा लगाना मुश्किल होता है.
नेपाल में हुई तबाही एक चेतावनी है जिसे बिहार वासियों की सीख लेने की जरूरत है. सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और नदियों में बढ़ते जलस्तर के बीच खुद को और अपने परिवार को नदी से दूरी बनाए रखें…
संकलन: – ज्ञानसागरटाइम्स टीम.
Video Link: – https://youtu.be/DGJnpNs9VTw



