भारतीय संस्कृति में नदियाँ केवल जल श्रोत नहीं होती है बल्कि ये संस्कृति की संवाहक भी होती है. गंगा दशहरा का पर्व केवल एक धार्मिक अनुष्ठान मात्र नहीं है, बल्कि यह भारत की जीवनदायिनी नदी गंगा के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने, पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने के साथ-साथ मानवीय चेतना को शुद्ध करने का भी पावन अवसर है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार गंगा दशहरा के दिन गंगा नदी में पवित्र स्नान करने से मनुष्य के दस प्रकार के पाप (कायिक,वाचिक, मानसिक) नष्ट हो जाते हैं.
गंगा दशहरा के दिन गंगा नदी के तट पर दीप दान किया जाता है, जिसमें दीपकों को जलाकर गंगा में प्रवाहित किया जाता है.गंगा दशहरा के पावन अवसर पर पटना के कंगन घाट पर गंगा आरती की गई, जिसमें हजारो श्रद्धालु मौजूद थे.
संकलन: – ज्ञानसागरटाइम्स टीम.
Video Link: – https://youtu.be/5L603Gxfcp8



