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याद आते वो पल-68.

  1. दक्कन का वायसराय:- आज ही के दिन वर्ष 1636 में मुगल बादशाह शाहजहां ने औरंगजेब को दक्कन का वायसराय नियुक्त किया था.
  2. सिखों के आठवें गुरु हर किशन:- आज ही के दिन वर्ष 1656 में सिखों के आठवें गुरु, गुरु हर किशन का जन्म किरतपुर साहेब में हुआ था. उनकी माता का नाम माता किशन कौर था. महज 8 वर्ष की छोटी-सी आयु में ही आपको गुरु गद्दी प्राप्त हुई थी. इन्होंने सिर्फ़ तीन वर्ष तक शासन किया, लेकिन वह बहुत बड़े ज्ञानी थे और हिन्दू धर्मग्रंथ भगवद्गीता के ज्ञान से अपने पास आने वाले ब्राह्मणों को चमत्कृत कर देते थे. गुरु हरराय जी ने 1661 में गुरु हरकिशन जी को आठवीं पादशाही गुरु के रूप में सौंपी। बहुत ही कम समय में गुरु हर किशन साहिब जी ने सामान्य जनता के साथ अपने मित्रतापूर्ण व्यवहार से राजधानी में लोगों में लोकप्रियता हासिल की.
  3. गोपाल गणेश आगरकर:- आज ही के दिन वर्ष 1856 में गोपाल गणेश आगरकर का जन्म महाराष्ट्र में सतारा ज़िले के ‘तेम्मू’ नामक स्थान पर हुआ था. उन्होंने पुणे के ‘दक्कन कॉलेज’ में उच्च शिक्षा प्राप्त की थी। अपने विद्यार्थी जीवन में ही उन्होंने देश और समाज सेवा का व्रत ले लिया था. आगरकर जी, लोकमान्य तिलक और उनके सहयोगी यह मानते थे कि शिक्षा-प्रसार से ही राष्ट्र का पुनर्निर्माण संभव है. इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिये जनवरी, 1880 में ‘न्यू इंग्लिश स्कूल’ की स्थापना की गई. 02 जनवरी, 1881 से उन्होंने अंग्रेज़ी साप्ताहिक ‘मराठा’ का और 4 जनवरी से मराठी साप्ताहिक ‘केसरी’ का प्रकाशन आरंभ किया. वर्ष 1894 में ‘दक्कन एजुकेशनल सोसाईटी’ की स्थापना हुई और दूसरे वर्ष ‘फ़र्ग्युसन कॉलेज’ अस्तित्व में आया. गोपाल गणेश आगरकर वर्ष 1892 में फ़र्ग्युसन कॉलेज के प्रधानाचार्य नियुक्त किये गए और वे जीवन पर्यंत इसी पद पर रहे. आगरकर जी बड़े उदार विचारों के व्यक्ति थे. उन्होंने छुआछूत और जाति प्रथा का खुलकर विरोध किया. वे ‘विधवा विवाह’ के पक्षपाती थे. उनका कहना था कि लड़कों की विवाह की उम्र 20-22 वर्ष और लड़कियों की 15-16 वर्ष होनी चाहिए. 14 वर्ष तक की अनिवार्य शिक्षा और सह शिक्षा का भी उन्होंने समर्थन किया था.
  4. साहित्यकार राजा लक्ष्मण सिंह:- आज ही के दिन वर्ष 1869 में हिन्दी साहित्य के इतिहास से जुड़े साहित्यकार राजा लक्ष्मण सिंह का जन्म आगरा, उत्तर प्रदेश में हुआ था. घर पर उर्दू और हिंदी पढ़ने के बाद उन्होंने कॉलेज में अंग्रेजी की शिक्षा प्राप्त की और पश्चिम उत्तर प्रदेश लेफ्टिनेंट गवर्नर के कार्यालय में अनुवादक नियुक्त हो गये. फिर वे तहसीलदार बने और वर्ष 1857 में अंग्रेज़ों की सहायता करने पर डिप्टी कलेक्टर का पद और ‘राजा’ की उपाधि मिली. किंतु विदेशी सरकार की सेवा करते हुए भी साहित्य के क्षेत्र में भी वे सक्रिय रहे थे. वर्ष 1861 में राजा लक्ष्मण सिंह ने आगरा से “प्रजा हितैषी” नामक पत्र निकाला। 1863 में महाकवि कालिदास की अमर कृति “अभिज्ञान शाकुन्तलम्” का हिंदी अनुवाद, “शंकुतला नाटक” के नाम से प्रकाशित हुआ। इसमें हिंदी की खड़ी बोली का जो नमूना आपने प्रस्तुत किया, उसे देखकर लोग चकित रह गए थे.
  5. स्वतंत्रता सेनानी देशबंधु गुप्त:- आज ही के दिन वर्ष 1900 में स्वतंत्रता सेनानी और पत्रकार देशबंधु गुप्त का जन्म पानीपत, हरियाणा के एक व्यवसायी परिवार में हुआ था. उनके पिता लाला शादीलाल पक्के आर्य समाजी थे. इनके घर में वैदिक रीति-रिवाजों का पूरी तरह से पालन होता था. देशबंधु गुप्त की आरम्भिक शिक्षा उन दिनों व्यवसायी लिखा-पढ़ी में प्रचलित महाजनी लिपि में हुई. फिर वे नगरपालिका के स्कूल और अंबाला के ‘आर्य वैदिक हाईस्कूल’ में भर्ती हुए. देशबंधु गुप्त ने उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली के ‘हिन्दू कॉलेज’ में प्रवेश लिया. गुप्त जी उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे थे, तब उसी अवधि में कई इतिहास प्रसिद्ध घटनाएं घटीं थी. महात्मा गाँधी के नेतृत्व में रॉलेट एक्ट के विरोध में पहला व्यापक आन्दोलन चलाया था. उसके बाद  जलियाँवाला बाग़ में भीषण हत्याकांड हुआ और भारत की प्रबुद्ध जनता ने एक स्वर से ब्रिटिश राजकुमार की भारत-यात्रा का विरोध किया। विद्यार्थी जीवन में ही देशबंधु गुप्त राष्ट्रीय आन्दोलन में कूद पड़े और गिरफ़्तार कर लिये गए. लाला लाजपत राय गुप्त जी की प्रतिभा से काफ़ी प्रभावित हुए। ये उनकी प्रतिभा ही थी, जिससे प्रभावित होकर लाला जी ने उन्हें अपने साथ ले लिया। देशबंधु गुप्त को आर्य समाज के प्रसिद्ध नेता तथा देशभक्त स्वामी श्रद्धानन्द के साथ जेल में रहने का भी अवसर मिला था.
  6. स्वतंत्रता सेनानी चन्द्रभानु गुप्त:- आज ही के दिन वर्ष 1902 में स्वतंत्रता सेनानी और उत्तर प्रदेश के भूतपूर्व मुख्यमंत्री चन्द्रभानु गुप्त का जन्म उत्तर प्रदेश में अलीगढ़ ज़िले के ‘बिजौली’ नामक स्थान पर हुआ था. उनके पिता का नाम हीरालाल था. उनकी प्रारम्भिक शिक्षा लखीमपुर खीरी में हुई. बाद में वे उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए लखनऊ चले आए. यहाँ ‘लखनऊ विश्वविद्यालय’ से एम.ए. और एलएल.बी. की परीक्षा उत्तीर्ण की. इसके बाद नवाबों का शहर लखनऊ ही उनका कार्यक्षेत्र बन गया. अपने जुझारूपन और खरी बात बोलने के कारण सी.बी. गुप्त युवा राजनीति में तेज़ी से उभरे. वर्ष 1919 में ‘रौलट एक्ट’ के विरोध में प्रदर्शन करने के बाद कांग्रेसजन चन्द्रभानु जी की क्षमताओं के कायल हो गए. ‘काकोरी रेल कांड’ के क्रांतिकारियों के बचाव पक्ष में वकालत करने के बाद तो चन्द्रभानु गुप्त सुर्खियों में आ गए. कांग्रेस को एक ऐसे ही तेजतर्रार युवा की ज़रूरत थी. चन्द्रभानु गुप्त को वर्ष 1928 में लखनऊ शहर कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया. कानपुर में हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन में लखनऊ से डेलीगेट भी चुने गए. पूरे राष्ट्रीय आंदोलन में उन्होंने सक्रिय सिपाही की भूमिका निभाई. भारत की स्वतंत्रता के बाद वर्ष 1948 में बनी पहली प्रदेश सरकार में चन्द्रभानु गुप्त गोविन्द वल्लभ पन्त के मंत्रीमण्डल में सचिव के रूप में सम्मिलित हुए. फिर वर्ष 1948-57 तक उन्होंने अनेक प्रमुख विभागों के मंत्री के रूप में काम किया. चन्द्रभानु जी वर्ष 1960 -63 तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे.
  7. केरल के प्रथम मुख्यमंत्री ई. एम. एस. नमबूद्रिपद:- आज ही के दिन वर्ष 1909 में केरल के प्रथम मुख्यमंत्री ई. एम. एस. नमबूद्रिपद का जन्म मल्लापुरम ज़िले में पेरिंथलामन्ना तालुक के एलमकुलम गाँव में हुआ था. उनके पिता परमेश्वरन बड़े जमींदार थे. युवावस्था में नम्बूदिरीपाद जाति प्रथा के ख़िलाफ़ चलने वाले सुधार आन्दोलन की तरफ आकर्षित हुए. वर्ष 1957 में केरल में विश्व की पहली लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई मार्क्सवादी सरकार के मुख्यमंत्री थे. उन्होंने वाम दल में लोकतांत्रिक हौसले को जिंदा रखा और उस आंदोलन को प्रेरित किया जिससे केरल भारत का पहला पूर्ण साक्षर राज्य बन गया था.
  8. राजनीतिज्ञ शंकरराव चह्वाण:- आज ही के दिन वर्ष 1920 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राजनीतिज्ञ शंकरराव चह्वाण का जन्म हुआ था. शंकरराव चाह्वाण 21 फ़रवरी, 1975 से 16 मई, 1977 तक और फिर 12 मार्च, 1986 से 26 जून, 1988 तक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद पर रहे. वर्ष 1987 से 1989 के दौरान भारत के केद्रीय वित्त मंत्री भी रहे.
  9. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कैलाश चंद्र जोशी:- आज ही के दिन वर्ष 1929 में भारतीय जनता पार्टी के एक राजनेता और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके कैलाश चंद्र जोशी का जन्म हाटपिपल्या, देवास राज्य, ब्रिटिश भारत में हुआ था. वर्ष 1951 में स्थापित जनसंघ के संस्थापक सदस्य भी रहे. इसके बाद उन्होंने वर्ष 1954 -60 तक देवास जिले में जनसंघ के मंत्री के तौर पर काम किया. वर्ष 1962 से लगातार सात बार बागली क्षेत्र से विधान सभा के सदस्य चुने गए. कैलाश चंद्र जोशी वर्ष 1972-77 तक मध्य प्रदेश में नेता प्रतिपक्ष रहे. आपात काल के समय में एक माह भूमिगत रहने के बाद 28 जुलाई, 1975 को विधान सभा के द्वार पर गिरफ़्तार होकर कैलाश चंद्र जोशी 19 माह तक मीसा में नजरबंद रहे. 24 जून, 1977 को कैलाश चंद्र जोशी मध्य प्रदेश के इतिहास में पहले गैर कांग्रेसी मुख्यमंत्री हुए.
  10. अभिनेत्री सुधा शिवपुरी:- आज ही के दिन वर्ष 1937 में अभिनेत्री सुधा शिवपुरी का जन्म मध्यप्रदेश के इंदौर में हुआ था. राजस्थान में पली-बढ़ी, सुधा शिवपुरी ने अपने कैरियर की शुरुआत तब की जब आठवीं में पढ़ रही थीं. उसी दौरान उनके पिता की मृत्यु हो गई और उनकी माँ बीमार पड़ गईं, इस तरह पैसे कमाने के लिए सुधा को कम उम्र में ही काम करना पड़ा था. एनएसडी में पढ़ाई के दौरान ही सुधा और ओम पुरी ने शादी कर ली. ओम शिवपुरी अपने जमाने के मशहूर विलेन रहे. उन्होंने अपनी खुद की थिएटर कंपनी दिशांतर बनाई, जिसने कई नाटकों का निर्माण किया, जिनमें आधे अधूरे, तुगलक और विजय तेंदुलकर की खामोश अदालत जारी है शामिल है. वर्ष 1974 में, वह मुंबई शिफ्ट हो गईं, क्योंकि उनके पति को हिंदी फिल्मों के लिए कई प्रस्ताव मिलने लगे थे. सुधा शिवपुरी ने अपने फिल्मी कैरियर की शुरुआत फिल्म ‘स्वामी’ से की थी. सुधा को वर्ष 2000 में टेलीविजन में ब्रेक एकता कपूर का धारावाहिक क्योंकि सास भी कभी बहू थी में उन्होंने ‘बा’ की भूमिका निभाकर घर-घर में लोकप्रिय हो गई.
  11. अभिनेता ओम शिवपुरी:- आज ही के दिन वर्ष 1938 में अभिनेता ओम शिवपुरी का जन्म जयपुर में हुआ था. उन्होंने अपने फिल्मी कैरियर की शुरूआत मणि कौल की फिल्म आषाढ़ का एक दिन से की थी. इसके अलावा ओम शिवपुरी ने नमक हराम, आंधी, खुशबू, शोले, मौसम, बालिका वधू, पति पत्नी और वो आदि उनकी कुछ प्रमुख फिल्में भी की. बताते चलें कि, राजस्थान संगीत नाटक अकादमी द्वारा प्रतिवर्ष उनकी स्मृति में ड्रामा फेस्टिवल ओम शिवपुरी स्मृति ड्रामा फेस्टिवल आयोजित किया जाता है.
  12. नौवीं लोकसभा के सदस्य के. कालीमुत्तु:- आज ही के दिन वर्ष 1942 में नौवीं लोकसभा के सदस्य के. कालीमुत्तु का जन्म मूलैपोळी गाँव, तूतीकोरीन जिला, तमिलनाडु में हुआ था.
  13. उद्योगपति शिव नाडार:- आज ही के दिन वर्ष 1945 में टेक्नोलॉजी क्षेत्र के दिग्गज उद्योगपति शिव नाडार का जन्म हुआ था. नाडार ने अपना कैरियर पुणे में वॉलचंद ग्रुप कूपर इंजीनियरिंग के साथ शुरू किया. इसके बाद वर्ष 1967 में उन्होंने सात साथियों के साथ मिलकर माइक्रोकॉप कंपनी बनाई और उसे बाद में टेलीडिजिटल कैलकुलेटर को बेच दिया. वर्ष 2008 में उन्हें आईटी के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया. यही नहीं मद्रास यूनिवर्सिटी ने उन्हें डॉक्टरेट की उपाधि भी दी.
  14. उद्योगपति अजिम हाशिम प्रेमजी:- आज ही के दिन वर्ष 1945 में उद्योगपति अजिम हाशिम प्रेमजी का जन्म बॉम्बे में हुआ था. उनके पिता एक प्रसिद्ध व्यापारी थे और उन्हें बर्मा के चावल राजा के रूप में जाना जाता था. विभाजन के बाद, जब जिन्ना ने इनके पिता मोहम्मद हशम प्रेमजी को पाकिस्तान आने के लिए आमंत्रित किया, तो उन्होंने अनुरोध बंद कर दिया और भारत में रहने का फैसला किया. प्रेमजी के पास स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी, यूएसए से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग डिग्री (इंजीनियरिंग डिग्री के स्नातक के समतुल्य) में बैचलर ऑफ साइंस है. स्टेनफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी के इंजीनियरिंग स्नातक प्रेमजी वर्ष 1966 ई. में अपने पिता की मृत्यु के बाद अपना पारिवारिक व्यवसाय, ‘वेस्टर्न इण्डिया वेजिटेबल प्रोडक्ट्स लिमिटेड’ (विप्रो) सम्भालने के लिए भारत लौटे. उन्होंने उस समय प्रचलित व्यापारिक नियमों को अनदेखा करते हुए, औद्योगिक उत्पादन पर नियंत्रण रखने वाले नौकरशाहों की खुशामद करने के बजाए उपभोक्ताओं की प्राथमिकताओं और ज़रूरतों पर ध्यान दिया. सामान्य उत्पादों को भी उन्होंने आकर्षक पैकेजिंग के ज़रिए बेहतर बनाया और विप्रो के ब्रांड नाम के विकास पर ध्यान केन्द्रित किया. अपने उत्पाद का वितरण बिचौलियों से कराने के बजाए प्रेमजी ने सीधे वितरकों को वितरण करके अपने लाभांश को बढ़ाया. देश के कई पारिवारिक व्यापार प्रतिष्ठानों के विपरीत उन्होंने सर्वश्रेष्ठ प्रबंधन तथा इंजीनियरिंग स्कूलों के स्नातकों को नौकरी पर रखा. उन्होंने नहाने के साबुन, बिजली के उपकरण, शिशु उत्पाद तथा वित्त के क्षेत्रों में भी क़दम रखा था.
  15. लोकसभा सांसद अनिल फिरोजिया:- आज ही के दिन वर्ष 1971 में लोकसभा सांसद अनिल फिरोजिया का जन्म हुआ था.
  16. अभिनेत्री मधु सप्रे:- आज ही के दिन वर्ष 1971 में अभिनेत्री मधु सप्रे का जन्म नागपुर में हुआ था. मधु बचपन में एक एथलीट थीं, लेकिन कम उम्र में मॉडलिंग करियर में कदम रखकर उन्होंने जल्द ही लोकप्रियता हासिल कर ली थी. वर्ष 1992 में मिस इंडिया बनकर चर्चा में आई थीं. मिस इंडिया का खिताब जीतने के बाद मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और तीसरा स्थान हासिल किया. मिलिंद सोमन के साथ वर्ष 1995 में एक शूज कंपनी के ऐड में नजर आईं. मधु सप्रे की  एकमात्र फिल्म साल 2003 में आई ‘बूम’ है.
  17. संगीत निर्देशक मदन मोहन:- आज ही के दिन वर्ष 1975 में संगीत निर्देशक मदन मोहन का निधन मुंबई, महाराष्ट्र में हुआ था.
  18. चिकित्सा विज्ञानी रमन विश्वनाथन:- आज ही के दिन वर्ष 1982 में चिकित्सा विज्ञानी रमन विश्वनाथन का निधन हुआ था.
  19. बोडो उग्रवादियों ने:- आज ही के दिन वर्ष 1994 में असम के बसबारी में बोडो उग्रवादियों ने 37 मुस्लिमों की हत्या की थी.
  20. पहली महिला ग्रैंडमास्टर:- आज ही के दिन वर्ष 2000 में एस. विजयलक्ष्मी शतरंज की पहली महिला ग्रैंडमास्टर बनीं थी. वर्ष 2001 में एस. विजयलक्ष्मी ने महिला ग्रैंडमास्टर (डब्ल्यूजीएम) का खिताब हासिल करने वाली पहली भारतीय बनीं. सुब्बारमन विजयलक्ष्मी ने इंटरनेशनल मास्टर और महिला ग्रैंडमास्टर की फिडे उपाधि धारण की है. वर्ष 2001 में भारत सरकार ने उन्हें अर्जुन पुरस्कार दिया था.
  21. अभिनेत्री लीला चिटनिस:- आज ही के दिन वर्ष 2003 में अभिनेत्री लीला चिटनिस का निधन हुआ था.
  22. चित्रकार ललित मोहन राय:- आज ही के दिन वर्ष 2003 में चित्रकार ललित मोहन राय का निधन दुमका में हुआ था.
  23. सात वीजा काल सेंटर:- आज ही के दिन वर्ष 2004 में इटली ने भारतीय पर्यटकों के लिए सात वीजा काल सेंटर शुरू करने का फैसला लिया था.
  24. भूतपूर्व 16वें मुख्य न्यायाधीश वाई. वी. चंद्रचूड़:- आज ही के दिन वर्ष 2008 में भारत के भूतपूर्व 16वें मुख्य न्यायाधीश वाई. वी. चंद्रचूड़ का निधन हुआ था.

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Remember those moments- 67.

  1. Viceroy of Deccan:- On this day in the year 1636, Mughal Emperor Shah Jahan appointed Aurangzeb as the Viceroy of Deccan.
  2. Eighth Guru Har Kishan of Sikhs:- On this day in the year 1656, the eighth Guru of Sikhs, Guru Har Kishan was born in Kiratpur Saheb. His mother’s name was Mata Kishan Kaur. You got the Guru Gaddi at the very young age of just 8 years. He ruled only for three years, but he was very knowledgeable and used to enlighten the Brahmins who came to him with the knowledge of the Hindu scripture Bhagavad Gita. Guru Harrai ji handed over Guru Harkishan ji as the eighth Padshahi Guru in 1661. Within a very short span of time, Guru Har Kishan Sahib Ji gained popularity among the people in the capital by his friendly behavior toward the general public.
  3. Gopal Ganesh Agarkar:- On this day in the year 1856, Gopal Ganesh Agarkar was born at a place called ‘Temmu’ in the Satara district of Maharashtra. He did his higher education at ‘Deccan College’ in Pune. In his student life itself, he had taken a vow to serve the country and society. Agarkar ji, Lokmanya Tilak, and their associates used to believe that the reconstruction of the nation is possible only through the spread of education. To achieve this objective, the ‘New English School’ was established in January 1880. From January 2, 1881, he started publishing the English weekly ‘Maratha’ and from January 4, the Marathi weekly ‘Kesari’. In the year 1894 the ‘Deccan Educational Society’ was established and in the second year ‘Fergusson College’ came into existence. Gopal Ganesh Agarkar was appointed Principal of Fergusson College in the year 1892 and he remained in this position for the rest of his life. Agarkar Ji was a person of very liberal thoughts. He openly opposed untouchability and the caste system. He was in favor of ‘widow marriage’. He said that the age of marriage for boys should be 20-22 years and for girls 15-16 years. He also supported compulsory education and co-education for up to 14 years.
  4. Writer Raja Laxman Singh:- On this day in the year 1869, writer Raja Laxman Singh, associated with the history of Hindi literature, was born in Agra, Uttar Pradesh. After studying Urdu and Hindi at home, he learned English in college and was appointed translator in the office of the Lieutenant Governor of West Uttar Pradesh. Then he became Tehsildar and in the year 1857 got the post of Deputy Collector and the title of ‘Raja’ for helping the British. But even while serving the foreign government, he was also active in the field of literature. In the year 1861, Raja Laxman Singh brought out a letter named “Praja Hitaishi” from Agra. In 1863, the Hindi translation of Mahakavi Kalidas’s immortal work “Abhigyan Shakuntalam” was published in the name of “Shankutala Nataka”. People were amazed to see the sample of Hindi’s spoken language that you presented in it.
  5. Freedom Fighter Deshbandhu Gupta:- On this day in the year 1900, freedom fighter and journalist Deshbandhu Gupta was born in a business family in Panipat, Haryana. His father Lala Shadilal was a staunch Arya Samaji. Vedic customs were completely followed in his house. The initial education of Deshbandhu Gupta took place in the Mahajani script prevalent in those days. Then he was admitted to the municipal school and the ‘Arya Vedic High School’ in Ambala. Deshbandhu Gupta took admitted to Delhi’s ‘Hindu College’ for higher education. Gupta ji was getting higher education, then many history famous incidents happened in the same period. Under the leadership of Mahatma Gandhi, the first comprehensive movement was launched against the Rowlatt Act. After that there was a gruesome massacre in Jallianwala Bagh and the enlightened public of India unanimously opposed the visit of the British prince to India. In student life itself, Deshbandhu jumped into the secret national movement and was arrested. Lala Lajpat Rai was greatly impressed by the talent of Gupta. This was his talent, being impressed by which Lala Ji took him with him. Deshbandhu Gupta also had the opportunity to stay in jail with the famous leader of Arya Samaj and patriot Swami Shraddhanand.
  6. Freedom fighter Chandrabhanu Gupta:- On this day in the year 1902, freedom fighter and former Chief Minister of Uttar Pradesh Chandrabhanu Gupta was born at a place called ‘Bijauli’ in Aligarh district in Uttar Pradesh. His father’s name was Hiralal. His early education took place in Lakhimpur Kheri. Later he moved to Lucknow to pursue higher education. Here at ‘Lucknow University’ M.A. and LL.B. Passed the test. After this, the city of Nawabs, Lucknow itself became his workplace. Because of his fighting spirit and speaking the truth, C.B. Gupta’s youth emerged rapidly in politics. In the year 1919, after demonstrating against the ‘Rowlatt Act’, the Congressmen became convinced of Chandrabhanu ji’s capabilities. After advocating in the defense of the revolutionaries of the ‘Kakori Rail Incident’, Chandrabhanu Gupta came into the limelight. Congress needed such a fiery youth. Chandrabhanu Gupta was made the President of the Lucknow City Congress in the year 1928. Delegates were also elected from Lucknow in the national convention of Congress held in Kanpur. He played the role of an active soldier in the entire national movement. Chandrabhanu Gupta joined Govind Vallabh Pant’s cabinet as a secretary in the first state government formed in the year 1948 after India’s independence. Then till the year 1948-57, he worked as a minister of many major departments. Chandrabhanu ji was the Chief Minister of Uttar Pradesh till the year 1960-63.
  7. The first Chief Minister of Kerala, E.M.S. Namboodiripada: – On this day in the year 1909, the first Chief Minister of Kerala, E.M.S. Namboodiripada was born in Elamkulam village of Perinthalmanna taluk in Mallapuram district. His father Parameswaran was a big landlord. In his youth, Namboodiripad was attracted to the reform movement against the caste system. In the year 1957, he was the Chief Minister of the world’s first democratically elected Marxist government in Kerala. He kept the democratic spirit alive in the Left party and inspired the movement that made Kerala India’s first fully literate state.
  8. Politician Shankarrao Chavan: – On this day in the year 1920, Indian National Congress politician Shankarrao Chavan was born. Shankarrao Chavan served as the Chief Minister of Maharashtra from 21 February 1975 to 16 May 1977 and again from 12 March 1986 to 26 June 1988. During the year 1987 to 1989, he was also the Union Finance Minister of India.
  9. Chief Minister of Madhya Pradesh Kailash Chandra Joshi:- On this day in the year 1929, Kailash Chandra Joshi, a politician of the Bharatiya Janata Party and former Chief Minister of Madhya Pradesh, was born in Hatpipalya, Dewas State, British India. He was also the founding member of the Jana Sangh established in the year 1951. After this, he worked as a minister of Jansangh in Dewas district till the year 1954-60. From the year 1962, the member of the Legislative Assembly was elected from the Bagli region seven times in a row. Kailash Chandra Joshi was the Leader of the Opposition in Madhya Pradesh from 1972-77. Kailash Chandra Joshi remained under house arrest in MISA for 19 months after being arrested at the gate of Vidhan Sabha on July 28, 1975, after being underground for a month during the Emergency. On June 24, 1977, Kailash Chandra Joshi became the first non-Congress Chief Minister in the history of Madhya Pradesh.
  10. Actress Sudha Shivpuri:- On this day in the year 1937, actress Sudha Shivpuri was born in Indore, Madhya Pradesh. Brought up in Rajasthan, Sudha Shivpuri started her career when she was studying in class VIII. During that time her father died and her mother fell ill, thus Sudha had to work at an early age to earn money. Sudha and Om Puri got married while studying at NSD. Om Shivpuri was a famous villain of his time. He formed his own theater company, Dishantar, which produced several plays, including Aade Adhure, Tughlaq, and Vijay Tendulkar’s Khamosh Adalat Zari Hai. In the year 1974, she shifted to Mumbai, as her husband started getting many offers for Hindi films. Sudha Shivpuri started her film career with the film ‘Swami’. Sudha broke into television in the year 2000 and became a household name by playing the role of ‘Baa’ in Ekta Kapoor’s serial Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi.
  11. Actor Om Shivpuri: – On this day in the year 1938, actor Om Shivpuri was born in Jaipur. He started his film career with Mani Kaul’s film Ashadh Ka Ek Din. Apart from this, Om Shivpuri also did some of his major films like Namak Haram, Aandhi, Khushboo, Sholay, Mausam, Balika Vadhu, Pati Patni Aur Woh, etc. Let us inform you that, the drama festival Om Shivpuri Smriti Drama Festival is organized every year by Rajasthan Sangeet Natak Akademi in his memory.
  12. Member of the 9th Lok Sabha K. Kalimuthu: On this day in the year 1942, member of the 9th Lok Sabha, K. Kalimuthu was born in Moolaipoli village, Tuticorin district, Tamil Nadu.
  13. Industrialist Shiv Nadar:- On this day in the year 1945, the veteran industrialist of the technology sector Shiv Nadar was born. Nadar started his career with Walchand Group Cooper Engineering in Pune. After this, in the year 1967, along with seven companions, he formed the Microcop Company and later sold it to Teledigital Calculator. He was also awarded the Padma Bhushan in the year 2008 for his contribution to the field of IT. Not only this, but Madras University also gave him a doctorate degree.
  14. Industrialist Azim Hashim Premji:- On this day in the year 1945, industrialist Azim Hashim Premji was born in Bombay. His father was a famous merchant and was known as the Rice King of Burma. After the partition, when Jinnah invited his father Mohammad Hashem Premji to come to Pakistan, he turned down the request and decided to stay in India. Premji holds a Bachelor of Science in Electrical Engineering degree (equivalent to a Bachelor of Engineering degree) from Stanford University, USA. An engineering graduate from Stanford University, Premji returned to India in 1966 to take over the family business, ‘Western India Vegetable Products Limited’ (Wipro), after his father’s death. He paid attention to the preferences and needs of consumers rather than pandering to the bureaucrats who controlled industrial production, ignoring the trade regulations prevalent at the time. He also refined simple products with attractive packaging and focused on developing the Wipro brand name. Instead of distributing its products through middlemen, Premji increased its profits by distributing directly to distributors. Unlike many family business establishments in the country, they hired graduates from the best management and engineering schools. He also ventured into the fields of bath soap, electrical appliances, baby products, and finance.
  15. Lok Sabha MP Anil Firoziya:- On this day in the year 1971, Lok Sabha MP Anil Firoziya was born.
  16. Actress Madhu Sapre:- On this day in the year 1971, actress Madhu Sapre was born in Nagpur. Madhu was an athlete as a child, but she soon gained popularity by venturing into a modeling career at an early age. In the year 1992, she came into the limelight by becoming Miss India. After winning the Miss India title, she participated in the Miss Universe pageant and secured the third position. In 1995, she appeared in a shoe company ad with Milind Soman. Madhu Sapre’s only film is ‘Boom’ in the year 2003.
  17. Music director Madan Mohan:- On this day in the year 1975, music director Madan Mohan passed away in Mumbai, Maharashtra.
  18. Medical scientist Raman Vishwanathan: – On this day in the year 1982, medical scientist Raman Vishwanathan passed away.
  19. Bodo militants: – On this day in the year 1994, 37 Muslims were killed by Bodo militants in Basbari, Assam.
  20. First Woman Grandmaster: – On this day in the year 2000, S. Vijayalakshmi became the first woman Grandmaster of chess. In the year 2001, S. Vijayalakshmi became the first Indian to hold the title of Woman Grandmaster (WGM). Subbaraman Vijayalakshmi holds the FIDE title of International Master and Woman Grandmaster. In the year 2001, the Government of India gave him the Arjuna Award.
  21. Actress Leela Chitnis: On this day in the year 2003, actress Leela Chitnis passed away.
  22. Painter Lalit Mohan Rai:- On this day in the year 2003, painter Lalit Mohan Rai died in Dumka.
  23. Seven Visa Call Centers: – On this day in the year 2004, Italy decided to start seven Visa Call Centers for Indian tourists.
  24. Former 16th Chief Justice Y. V. Chandrachud:- On this day in the year 2008, former 16th Chief Justice of India Y. V. Chandrachud passed away.
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