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रसायन विज्ञान से संबंधित-120.

1.      द्रव का ताप बढ़ने पर उसका पृष्ठ-तनाव घटता है.

2.      केशिकात्व सिद्धांत के कारण लालटेन में बत्ती के सहारे तेल चढ़ता है.

3.      जल की सतह पर धूल अथवा कोई चिकनाई (जैसे, तेल या ग्रीज) गिराने पर जल का पृष्ठ-तनाव घट जाता है.

4.      यदि किसी द्रव में घुलनशील पदार्थ मिलाया जाये, तो द्रव का पृष्ठ तनाव बढ़ जाता है.

5.      किसी भी तत्व के परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों की संख्या, उस तत्व की परमाणु संख्या कहलाती है.

6.      किसी भी तत्व के परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों और न्यूट्रानों की संयुक्त संख्या, उस तत्व की द्रव्यमान संख्या कहलाती है.

7.      अधिक भारी अणुओं में न्यूट्रानों की संख्या की अपेक्षा प्रोटॉनों की संख्या अधिक होती है.

8.      यदि क्लोरोफॉर्म को सूर्य के प्रकाश में वायुमण्डल में खुला छोड़ दिया जाए, तो वह विषैली गैस फॉस्जीन (COCL2) में बदल जाता है.

9.      वायुमण्डलीय मुक्त नाइट्रोजन को नाइट्रेट में परिवर्तन करने की क्रिया नाइट्रोजन स्थिरीकरण कहलाती है.

10. पानी की स्थाई कठोरता दूर करने के लिए पोटेशियम क्लोराइड सर्वाधिक उपयुक्त होता है.

11. मिट्टी में क्षारकत्व को घटाने के लिए जिप्सम का प्रयोग किया जाता है.

12. धातुओं के टुकड़े को टांका लगने वाला मिश्रण, टीन और सीसा का मिश्रण होता है.

13. पुरातत्व अवशेषों अथवा जीवाश्मों की अथवा आयु निर्धारित करने के लिए, रेडियो-सक्रिय कार्बन (C-14) का उपयोग सबसे अधिक किया जाता है.

14. हीरे का अपवर्तनांक सबसे अधिक होता है और पूर्ण आतरिक परावर्तन के कारण वह अत्यधिक चमकीला दिखाई देता है.

15. डयुटेरियम ऑक्साइड अर्थात् भारी जल (D2O) रंगहीन, गंधहीन तथा स्वादहीन होता है.

16. नाभिकीय विखण्डन के लिए यूरेनियम-238 की तुलना में यूरेनियम 235 अधिक उपयोगी होता है, क्योंकि यूरेनियम-235 का नाभिक अपेक्षाकृत अधिक अस्थायी होता है.

17. प्लैटिनस सबसे कठोर धातु है जबकि अधातु हीरा, विश्व के सभी पदार्थों से अधिक कठोर है.

18. पिक्रिक ऐसिड एक कार्बनिक यौगिक है, जिसका उपयोग प्रयोगशालाओं में अभिकर्मक के रूप में किया जाता है.

19. शुष्क बर्फ अर्थात ठोस कार्बन डाइऑक्साइड को गरम करने पर वह सीधे गैस में परिवर्तित हो जाती  है.

20. टेल्कम पाउडर के निर्माण में थियोफेस्टस खनिज का उपयोग किया जाता है.

21. स्फुरण (Phosphorescence): – कुछ पदार्थों को सूर्य के प्रकाश में रखने के बाद तथा प्रकाश से हटाये जाने के बाद भी उससे विकिरण उत्सर्जित होती रहती है. इस घटना को स्फुरण कहते हैं जैसे- कैल्सियम सल्फाइड.

22. प्रतिदीप्ति (Fluorescence): – कुछ पदार्थों में दृश्य प्रकाश को अवशोषित करने से उनके इलेक्ट्रॉन उत्तेजित अवस्था में आ जाते हैं तथा कुछ समय पश्चात जब इलेक्टॉन मूल अवस्था में आते हैं, तो विभिन्न तरंगदैर्ध्य के विकिरण उत्सर्जित होते हैं. इस क्रिया को प्रतिदीप्ति कहते हैं.

23. उत्फुल्लन (Efflorescence): – कुछ लवणों में क्रिस्टलन जल अधिक होता है और जब इन्हें वायु में रख दिया जाता है, तो क्रिस्टल में से जलवाष्प बनकर उड़ जाता है और क्रिस्टल चूर्ण में परिणत हो जाता है. इसी क्रिया को उत्फुल्लन कहते हैं, जैसे- Na2SO4.10H2O, Na,CO3.10H2O, CuSO4.5H2O, FeSO4.7H2O, ZnSO47H2O, MgSO4.7H2O, CaSO4.H2O इत्यादि.

24. उर्ध्वपातन (sublimation): – उर्ध्वपातन वह क्रिया है, जिसमें ठोस पदार्थ गर्म किये जाने पर बिना द्रव अवस्था में बदले गैसीय अवस्था में परिणत हो जाते हैं और फिर ठंडा किये जाने पर गैसीय अवस्था से बिना द्रव अवस्था में बदले ठोस अवस्था में परिणत हो जाते हैं. बेंजोइक अम्ल, ऐन्थ्रासीन, नेप्थलीन, ऐन्थ्राक्वीनोन, कपूर, अमोनियम क्लोराइड इत्यादि का शुद्धीकरण इसी विधि द्वारा होता है.

25. समस्थानिक (isotopes): – वैसे तत्व जिनकी परमाणु संख्या समान, परन्तु परमाणु भार भिन्न-भिन्न होती है, समस्थानिक कहलाते हैं, जैसे- हाइड्रोजन के तीन समस्थानिक हैं- प्रोटियम (1H1) ड्यूटेरियम (1H2) ट्राइटियम (1H3).

26. समभारिक (Isobar): – ऐसे परमाणु जिनके परमाणु क्रमांक भिन्न-भिन्न होते हैं, परन्तु परमाणु द्रव्यमान समान होते हैं, समभारिक कहलाते है. जैसे – आर्गन (20Ar40) पोटैशियम (19K40) तथा कैल्सियम (18Ca40).

27. धातुओं की सक्रियता श्रेणी (Activity series of Metals): – धातुओं की एक ऐसी सामान्य क्रम सूची जो उनकी घटती हुई अभिक्रियाशीलताओं के आधार पर क्रमबद्धित होती है, सक्रियता श्रेणी (Activity series) कहलाती है. सक्रियता श्रेणी में हाइड्रोजन से ऊपर स्थित धातुएँ तनु अम्लों से हाइड्रोजन विस्थापित करती है और  अधिक अभिक्रियाशील धातु कम अभिक्रियाशील धातु को उसके लवण विलयन से विस्थापित कर देती है.जैसे-  पोटेशियम(k),सोडियम(Na), कैल्सियम( Ca), मैग्नीशियम(Mg), ऐलुमिनियम(Al).

28. संक्षारण (Corrosion): – धातु-सतह जब जल, वायु अथवा आस-पास के अन्य किसी पदार्थ से प्रभावित होती है, तो इसकी धातु का संक्षारित होना कहते हैं तथा इस परिघटना को संक्षारण कहते हैं. जैसे- सोना (Au) और चांदी (Ag) जैसी धातुएँ सगुगमतापूर्वक संक्षारित नहीं होती हैं, वहीं तांबा, लोहा जैसी धातुएँ आसानी से संक्षारित हो जाती हैं.

29. आघातवर्ध्यता (Malleability): – आघातवर्ध्यता से तात्पर्य धातुओं के उस गुणधर्म से है, जिसके अंतर्गत उन्हें पीट-पीट कर उनकी पतली चादरें बनायी जा सकती है. धातुएँ आघातवर्ध्यनीयता का गुण प्रदर्शित करते हैं.जैसे- सोना, और चांदी सर्वाधिक आघातवर्ध्यनीय धातुएँ होती हैं.

30. तन्यता (Ductility): – तन्यता से तांत्पर्य धातुओं के उस गुणधर्म से है, जिसके अंतर्गत उन्हें पतले तार में परिणत किया जा सकता है. सभी धातुएँ एक समान तन्य नहीं होती हैं. सोना और चांदी सर्वाधिक तन्य धातुएँ मानी जाती है. 01 ग्राम सोने से लगभग 02 कि०मी० लंबी तार बनायी जा सकती है.

31. जस्तीकरण (Galvanization): – लोहा को गलित जस्ता में डुबा देने से लोहा पर जस्ता की एक परत चढ़ जाती है. इस क्रिया को जस्तीकरण कहा जाता हैं. जस्ते की परत लोहे की ढंककर उसे नम जल के संपर्क में नहीं आने देती है, जिस कारण लोहे पर जंग नहीं लग पाता है. इसी कारण से लोहा का जस्तीकरण किया जाता है.

32. परमाणुकता (Atomicity): – किसी तत्व के एक अणु में उपस्थित परमाणुओं की संख्या को परमाणुकता कहते हैं. सल्फर के एक अणु में सल्फर के 08 परमाणु रहते हैं, अतः इसकी परमाणुकता 08 होती है.

33. रासायनिक परिवर्तन (Chemical Change): – वह परिवर्तन जो पदार्थ के अणु की रचना को बदलकर पदार्थ के कुछ विशिष्ट गुणों को बदल देता है, रासायनिक परिवर्तन कहलाता है. रासायनिक परिवर्तन के फलस्वरूप नए अणुओं की रचना होती है या यूँ कहें कि, रासायनिक परिवर्तन के पश्चात एक नया पदार्थ बनता है, जिसका गुणधर्म मूल पदार्थ से पूर्णतया भिन्न होता है. रासायनिक परिवर्तन के पश्चात बने पदार्थ को मूल पदार्थ में पुनः परिवर्तित नहीं किया जा सकता है, जैसे- मैग्नीशियम के तार का जलना, मोमबत्ती का जलना, दूध से दही बनना, लोहे में जंग लगना, लौह-चूर्ण को गंधक के साथ गर्म करना, जल में विद्युत धारा प्रवाहित करने पर हाइड्रोजन व ऑक्सीजन का प्राप्त होना, अगरबत्ती का जलना.

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1.      As the temperature of a liquid increases, its surface tension decreases.

2.      Due to the principle of capillarity, oil rises in the lantern with the help of the wick.

3.      When dust or any lubricant (eg, oil or grease) is dropped on the surface of water, the surface tension of water decreases.

4.      If a soluble substance is added to a liquid, the surface tension of the liquid increases.

5.      The number of protons present in the nucleus of an atom of any element is called the atomic number of that element.

6.      The combined number of protons and neutrons present in the nucleus of an atom of any element is called the mass number of that element.

7.      In heavier molecules, the number of protons is more than the number of neutrons.

8.      If chloroform is left exposed in the atmosphere in sunlight, it turns into poisonous gas phosgene (COCL2).

9.      The process of converting atmospheric free nitrogen into nitrate is called nitrogen fixation.

10.  Potassium chloride is most suitable for removing permanent hardness of water.

11.  Gypsum is used to reduce alkalinity in soil.

12.  The mixture used to solder pieces of metal is a mixture of tin and lead.

13.  To determine the age of archaeological remains or fossils, radio-active carbon (C-14) is most commonly used.

14.  Diamond has the highest refractive index and due to total internal reflection it appears extremely bright.

15.  Deuterium oxide i.e. heavy water (D2O) is colorless, odorless and tasteless.

16.  Uranium 235 is more useful for nuclear fission than Uranium-238, because the nucleus of Uranium-235 is relatively more unstable.

17.  Platinus is the hardest metal while non-metal diamond is harder than all the substances in the world.

18.  Picric acid is an organic compound, which is used as a reagent in laboratories.

19.  When dry ice i.e. solid carbon dioxide is heated, it directly converts into gas.

20.  Thiophaestus mineral is used in the manufacture of talcum powder.

21.  Phosphorescence: – Some substances keep emitting radiation even after being kept in sunlight and even after being removed from the light. This phenomenon is called phosphorescence, like calcium sulphide.

22.  Fluorescence: – By absorbing visible light in some substances, their electrons come into excited state and after some time when the electrons come back to the ground state, radiation of different wavelengths are emitted. This process is called fluorescence.

23.  Efflorescence: – Some salts have more water of crystallization and when they are kept in air, water vapor evaporates from the crystal and the crystal turns into powder. This process is called swelling, like Na2SO4.10H2O, Na,CO3.10H2O, CuSO4.5H2O, FeSO4.7H2O, ZnSO47H2O, MgSO4.7H2O, CaSO4.H2O etc.

24.  Sublimation: – Sublimation is the process in which when solid substances are heated, they transform into gaseous state without changing into liquid state and then when cooled, they transform from gaseous state into solid state without changing into liquid state. Become. Benzoic acid, anthracene, naphthalene, anthraquinone, camphor, ammonium chloride etc. are purified by this method.

25.  Isotopes: – Elements which have the same atomic number but different atomic weights are called isotopes, for example, hydrogen has three isotopes – Protium (1H1), Deuterium (1H2) and Tritium (1H3).

26.  Isobar: – Atoms which have different atomic numbers, but have the same atomic mass, are called isobar. Like – Argon (20Ar40), Potassium (19K40) and Calcium (18Ca40).

27.  Activity series of metals: – A general list of metals which is sorted on the basis of their decreasing reactivity is called activity series. Metals located above hydrogen in the reactivity series displace hydrogen from dilute acids and more reactive metals displace less reactive metals from their salt solutions. For example, potassium (k), sodium (Na), calcium (Ca), magnesium. (Mg), Aluminum(Al).

28.  Corrosion: – When a metal surface is affected by water, air or any other surrounding substance, the metal is said to be corroded and this phenomenon is called corrosion. For example, metals like gold (Au) and silver (Ag) do not corrode easily, whereas metals like copper and iron corrode easily.

29.  Malleability: – Malleability refers to the property of metals under which they can be made into thin sheets by beating them. Metals exhibit the property of malleability. For example, gold and silver are the most malleable metals.

30.  Ductility: – Ductility refers to the property of metals under which they can be converted into thin wires. Not all metals are equally ductile. Gold and silver are considered to be the most ductile metals. About 02 km long wire can be made from 01 gram of gold.

31.  Galvanization: – By immersing iron in molten zinc, a layer of zinc gets coated on the iron. This process is called galvanization. The zinc layer covers the iron and prevents it from coming in contact with moist water, due to which the iron does not get rusted. For this reason, iron is galvanized.

32.  Atomicity: – The number of atoms present in a molecule of an element is called atomicity. There are 08 atoms of sulfur in one molecule of sulfur, hence its atomicity is 08.

33.  Chemical Change: – The change which changes some specific properties of the substance by changing the structure of the molecule of the substance is called chemical change. As a result of chemical change, new molecules are formed or in other words, after chemical change a new substance is formed, whose properties are completely different from the original substance. The substance formed after chemical change cannot be converted back into the original substance, such as burning magnesium wire, burning of candle, making curd from milk, rusting iron, heating iron powder with sulphur, Obtaining hydrogen and oxygen by passing electric current in water, burning of incense sticks.

 

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