Health

गाजर…

गाजर का प्रयोग हम सभी सब्जी या फल के रूप में करते हैं. यह हमारे शरीर के बहुत  ही फायेदेमंद होता है. कहा जाता है कि, एक गिलास गाजर का जूस पीने से हमारे शरीर में तंदुरस्ती बनी रहती है और यह कई बीमारियों में भी काम करती है. गाजर में कैरोटिन और विटामिन ए पाया जाता है जो शरीर के लिए बहुत ही लाभदायक होता है. नारंगी रंग के गाजर में कैरोटिन की मात्रा सबसे अधिक पाई जाती है, साथ ही इसकी पत्तियों में भी प्रोटीन, मिनिरलस व विटामिन पाए जाते हैं. गाजर मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, आसाम, कर्नाटक, आन्ध्राप्रदेश, पंजाब और हरियाणा में उगाई जाती है. इसकी खेती के लिए दोमट मिटटी अच्छी होती है. बुआई के समय मिटटी अच्छी तरह से भुरभुरी होनी चाहिए.

गाजर न तो ज़्यादा मीठा ही होता है, और न ही फीका, इसमें सही मात्रा में मिठास पायी जाती है और यह कई प्रकार के रंगों में पायी जाती है और यह पुरे साल उपलब्बध होती है. इसे प्राय: सलाद के रूप में प्रयोग करते है, कुछ लोग इसकी सब्जी या खीर भी खाते है, लेकिन गाजर का हलवा सभी की मनपसन्द होती है. गाजर में कुछ ऐसे तत्त्व भी पाए जाते है जो कैंसर से लड़ने में मदद करते है.

गाजर में पाए जाने वाले पोषक तत्व:-

किलोजौलेस 167 केजे

कैलोरी 40 किलो कैलोरी

प्रोटीन 0.95 ग्राम

9.27 ग्राम कार्बोहाइड्रेट

चीनी 3. 9 ग्राम

वसा 0.15 ग्राम

संतृप्त फैट 0.027 ग्राम

मोनोअनसैचुरेटेड फैट 0.071 ग्राम

संतृप्त फैट 0.071 ग्राम

कोलेस्ट्रॉल 0 मिलीग्राम

फाइबर 0.8 ग्राम

सोडियम 29 मिलीग्राम

पोटेशियम 291 मिलीग्राम

गाजर दो प्रकार के होते हैं एशियाई और यूरोपियन. यूँ तो गाजर का रंग गुलाबी और बैंगनी होता है. बताते चलें कि, बैंगनी रंग के गाजर को ही भारतीय माना जाती है, जबकि पीले या गुलाबी रंग की गाजर को विदेशी कहा जाता है. भारतीय कृषि वैज्ञानिकों ने भी गाजर का विकास किया है उसे पूसा केसर कहते हैं . इस गाजर में देशी और विदेशी दोनों ही किस्मों के गुण होते हैं. इसके आलावा गाजर की यूरोपियन किस्मे होती है जो आकार में ठूंठदार, बेलनाकार, स्वाद में मीठी तथा रंग में नारंगी होती हैं.

गाजर के जूस से रक्त में बढ़ोतरी होती हैं साथ ही पाचन तन्त्र भी मजबूत होता है. आपने देखा होगा कि, गाजर के गूदे के बीच में सख्त लम्बी लकड़ी होती है, इसमें बीटा-कैरोटिन नामक औषधीय तत्व पाया जाता है. यह कैंसर नियंत्रण करने में उपयोगी होता है. गाजर की पत्तियों में गाजर से 6 गुना अधिक आयरन होता है, इसे चबाकर खाने से ज्यादा लाभ मिलता है. गाजर का रस हर प्रकार के ज्वर, दुर्बलता, नाड़ी सम्बन्धी रोग, अवसाद की अवस्था में लाभदायक होता है. सर्दी के मौसम में गाजर के सेवन से शरीर गर्म रहता है और सर्दी से बचाव होता है. ज्ञात है कि गाजर और दूध में समान गुण होते हैं लेकिन गाजर का रस दूध से भी उत्तम होता है. यदि गाजर के रस को शहद मिलाकर पियें तो इम्युनिटी सिस्टम मजबूत होता है जबकि, गाजर के रस में मिश्री या काली मिर्च मिलाकर पीने से खांसी ठीक हो जाती है और ठंड से उत्पन्न कफ भी समाप्त हो जाता है. गाजर और आंवले के रस में काला नमक मिलकर पीने पेशाब सम्बन्धित बीमारियों से छुटकारा मिल जाता है. गाजर पालक और चुकन्दर का मिश्रित रस पीने से खून बढ़ता है.

चुकीं, शरीर के अंगों का निर्माण खाद्य पदार्थों से प्राप्त होने वाले खनिजो और लवणों से होता है. फल-सब्जियों में मिलने वाले मिनरल, विटामिन्स तथा खनिज इनको कुदरती रूप में ही खाने से हमारे शरीर में आसानी से पहुँच पाते हैं. उबालकर, छीलकर या तेल में तलकर इनके काफी गुण नष्ट हो जाते है इसलिए, ध्यान रखें कि, फल-सब्जियों को कच्चा छिलके सहित ही खाना चाहिए.

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Carrot…

We all use carrots as a vegetable or fruit. It is very beneficial for our bodies. It is said that drinking a glass of carrot juice keeps our body healthy and it also helps in curing many diseases. Carotene and Vitamin A are found in carrots which are very beneficial for the body. The highest amount of carotene is found in orange-coloured carrots, along with this, proteins, minerals and vitamins are also found in its leaves. Carrots are mainly grown in Uttar Pradesh, Assam, Karnataka, Andhra Pradesh, Punjab and Haryana. Loamy soil is good for its cultivation. The soil should be well-friable at the time of sowing.

Carrots are neither too sweet nor bland, they have just the right amount of sweetness and are available in a variety of colours and are available throughout the year. It is often used as a salad, some people also eat vegetables or kheer, but carrot halwa is everyone’s favourite. Some elements are also found in carrots which help in fighting cancer.

Nutrients found in carrots: –

Kilojoules 167 kJ

Calories 40 kcal

Protein 0.95 grams

9.27 grams carbohydrates

Sugar 3.9 grams

Fat 0.15 grams

Saturated Fat 0.027 grams

Monounsaturated Fat 0.071 grams

Saturated Fat 0.071 grams

Cholesterol 0 mg

Fiber 0.8 grams

Sodium 29 mg

Potassium 291 mg

There are two types of carrots, Asian and European. Actually, the colour of carrots is pink and purple. Let us tell you that only purple colored carrots are considered Indian, whereas yellow or pink colored carrots are considered foreign. Indian agricultural scientists have also developed carrot and it is called Pusa Kesar. This carrot has the qualities of both local and foreign varieties. Apart from this, there are European varieties of carrots which are stubby, cylindrical in shape, sweet in taste and orange in colour.

Carrot juice increases blood and also strengthens the digestive system. You must have noticed that there is a hard long wood in the middle of the carrot pulp, a medicinal element called beta-carotene is found in it. It is useful in controlling cancer. Carrot leaves contain 6 times more iron than carrots, chewing them gives more benefits. Carrot juice is beneficial in all types of fever, weakness, vascular diseases and depression. Consuming carrots in winter season keeps the body warm and protects from cold. It is known that carrot and milk have similar properties but carrot juice is better than milk. If you drink carrot juice mixed with honey, your immune system gets strengthened, whereas drinking carrot juice mixed with sugar candy or black pepper cures cough and also eliminates phlegm caused by cold. Drinking carrot and gooseberry juice mixed with black salt helps in getting relief from urinary related diseases. Drinking mixed juice of carrot, spinach and beetroot increases blood.

After all, body parts are formed from minerals and salts obtained from foods. Minerals, vitamins and minerals found in fruits and vegetables easily reach our body by eating them in their natural form. Many of their properties are destroyed by boiling, peeling or frying in oil, hence, keep in mind that fruits and vegetables should be eaten raw with their peels only.

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