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ॐ के उच्चारण से होते हैं …?

अगर हम वैदिक रीति की बात करें तो, एक परम्परा की बात आती है. जो कई पीढ़ियों से चली आ रही नियम व कानून है. जिसक पालन वर्तमान समय में भी किया जा रहा है. एक ऐसी परम्परा या यूँ कहें कि वैदिक नियम व कानून जिसके आगे वैज्ञानिक भी शीस झुकाते हैं. आज हम बात कर रहें है “ॐ” की. हाल ही में नासा ने एक विडियो जारी की थी जिसमें सूर्य से “ॐ” की प्रतिध्वनी सुनाई पड़ रही है. वैसे तो हर सनातनी हर दिन “ॐ” का उच्चारण करते हैं. “ॐ” का उच्चारण करने के बाद दिल, दिमाग व मन शांत होकर प्रफुल्लित हो जाता है. लेकिन, क्या आप जानते हैं कि, “ॐ” का उच्चारण करने से ही कई बीमारियाँ ठीक हो जाती है. आइये जानते हैं “ॐ” क्या है और इसके क्या-क्या लाभ हैं…

बताते चलें कि,  ॐ शब्द, अ, उ और म अक्षर से मि‍लकर बना है. जिनमें “अ” का अर्थ है उत्पन्न होना, “उ” का तात्पर्य है उठना तथा उड़ना अर्थात् विकास एवं “म” का मतलब है मौन हो जाना अर्थात् “ब्रह्मलीन” हो जाना. जब भी आप “ॐ” का उच्चारण करते हैं तो इसका असर आप भी मानसिक स्तर पर महसूस करते हैं.

  • “ॐ” की शक्ति सिर्फ मानसिक रोगियों को ठीक करने तक सीमित नहीं हैं बल्कि, पाचन क्रिया पर सकारात्मक असर डालता है, साथ ही पाचन तंत्र को सुचारु बनाए रखने में भी मदद करता है.
  • अगर आप नींद की समस्या से परेशान रहतें हैं तो आपको और परेशान होने की जरूरत नहीं हैं. आप भी “ॐ” का उच्चारण करें तो, कुछ ही देर में आपका दिमाग शांत हो जाएगा और आप अच्छी नींद ले सकेंगे.
  • अगर आप तनाव से परेशान रहतें हैं तो आपकों भी कुछ समय तक “ॐ” का उच्चारण करें तो आपका तनाव गायब हो जायेगा.
  • अगर आपका मन घबरा रहा हो, बेचैनी हो तो आप भी “ॐ” का उच्चारण करें तो, कुछ ही देर में आपका मन और आत्मा बिल्कुल शांत हो जात है. वैसे तो घबराहट का मतलब ही होता है व्याकुलता.
  • आधुनिक युग में घर-घर में थायरॉइड के रोगी मौजूद हैं. इस बीमारी से घबराने की जरूरत नहीं है बल्कि आप प्रतिदिन 05 मिनट तक “ॐ” का उच्चारण करें.बताते चलें कि, “ॐ” का उच्चारण करने पर आपके स्वर और गले में कंपन्न पैदा करता है जिसका असर थायरॉइड ग्रंथि‍ पर भी सकारात्मक रूप से पड़ता है.
  • “ॐ” का उच्चारण करने से रक्त संचार को संतुलन बनाए रखता है. रक्तचाप सम्बन्धित समस्याओं में “ॐ” का उच्चारण लाभदायक होता है.
  • अगर आप आलस्य से परेशान हों तो आप भी “ॐ” का उच्चारण करें . “ॐ “ का उच्चारण मानसिक और शारीरिक ताजगी देता है साथ ही स्फूर्ति का संचार करता है.
  • अगर आप किसी भी प्रकार के काम से थकान महसूस कर रहे हैं, तो आपके लिए “ॐ” का उच्चारण दवा का काम करेगा.
  • आगरा आपको सांस संबंधित परेशानी है तो आप भी “ॐ” का उच्चारण करें. इससे आपके स्वस्थ व मजबूत होंगे.
  • “ॐ” का उच्चारण करने से उत्पन्न कंपन शरीर के आंतरिक अंगों को स्वस्थ रखने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. साथ ही रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाता है और तंत्रिका तंत्र को सुचारू रूप से कार्य करने के लिए सहायक होता है.

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Are formed by the pronunciation of Om…?

If we talk about Vedic rituals, then it comes to a tradition. Which is the rule and law that has been going on for many generations. Which is being followed even in the present time. Such a tradition or should we say that Vedic rules and regulations before which even scientists bow their heads. Today we are talking about “Om”. Recently, NASA released a video in which the echo of “Om” is being heard from the Sun. By the way, every Sanatani chants “Om” every day. After pronouncing “Om”, the heart, mind, and mind become calm and cheerful. But, do you know that many diseases can be cured only by pronouncing “Om”? Let us know what is “Om” and what are its benefits…

Let us tell that the word Om is made up of the letters A, U, and M. In which “A” means to be born, “U” means to rise and fly i.e. development and “M” means to become silent i.e. to become “Brahmalin”. Whenever you pronounce “Om”, you also feel its effect at the mental level.

  • The power of “Om” is not only limited to curing mental patients but also has a positive effect on digestion, as well as helps in maintaining the smooth functioning of the digestive system.
  • If you are troubled by the problem of sleep, then you do not need to worry anymore. If you also pronounce “Om”, your mind will become calm in no time and you will be able to sleep well.
  • If you are troubled by stress, then you should also chant “Om” for some time, then your stress will disappear.
  • If your mind is feeling anxious, and restless, then you should also pronounce “Om”, then your mind and soul will become completely calm in no time. By the way, nervousness only means distraction.
  • In the modern era, thyroid patients are present in every household. There is no need to be afraid of this disease, rather you should chant “om” daily for 05 Let us tell you that, pronouncing “om” creates vibration in your voice and throat, which also has a positive effect on the thyroid gland. Does matter.
  • Pronouncing “Om” maintains the balance of blood circulation. Pronunciation of “Om” is beneficial in problems related to blood pressure.
  • If you are troubled by laziness, then you also pronounce “Om”. The pronunciation of “Om” gives mental and physical freshness as well as communicates enthusiasm.
  • If you are feeling tired from any kind of work, then the pronunciation of “Om” will work as medicine for you.
  • Agra If you have breathing-related problems, then you should also pronounce “Om”. This will make you healthy and strong.
  • The vibration produced by pronouncing “Om” plays a very important role in keeping the internal organs of the body healthy. Also strengthens the spinal cord and helps the nervous system to function smoothly.
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