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अक्षय तृतीया

अक्षय तृतीया, सनातन धर्मालम्बियों  का एक प्रमुख त्योहार है. यह वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तीसरी तिथि को मनाया जाता है. इस दिन को “अक्षय” कहा जाता है, जिसका अर्थ है कि जो कभी कम नहीं होता. इसे भाग्यशाली और शुभ मुहूर्त माना जाता है, जिसमें किया गया कोई भी शुभ कार्य या निवेश सदैव फलदायक माना जाता है.

अक्षय तृतीया के दिन कई शुभ कार्य किए जाते हैं, जैसे कि नया व्यापार शुरू करना, विवाह करना, नए घर में प्रवेश करना, और मुख्य रूप से सोना खरीदना. यह दिन सुदामा और श्रीकृष्ण की मित्रता, और महाभारत की गाथा से जुड़े कई ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व का भी है.

भारतीय संस्कृति में अक्षय तृतीया को बहुत ही शुभ और मांगलिक माना जाता है, और इसे धार्मिक उत्साह के साथ मनाया जाता है.

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Akshaya Tritiya

Akshaya Tritiya is a major festival of Sanatan Dharma followers. It is celebrated on the third day of Shukla Paksha of Vaishakh month. This day is called “Akshay”, which means that which never diminishes. It is considered a lucky time, in which any auspicious work or investment is always considered fruitful.

Many auspicious works are done on the day of Akshaya Tritiya, such as starting a new business, getting married, entering a new house, and mainly buying gold. This day also has many historical and mythological significance related to the friendship of Sudama and Shri Krishna and the saga of Mahabharata.

Akshaya Tritiya is considered very auspicious and auspicious in Indian culture, and it is celebrated with religious enthusiasm.

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