भगवान् शिव और माता पार्वती का विवाह फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी के दिन हुआ था. महाशिवरात्रि. इस दिन त्रिदेवों के एक देव महादेव की उपासना की जाती है. पौराणिक ग्रन्थों के अनुसार, फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को भगवान शंकर का ब्याह या यूँ कहें कि, विवाह माता पार्वती से हुआ था. माता पार्वती भी भगवान गंगाधर को पाने के लिए कठोर तपस्या की थी. उसके बाद माता का विवाह भगवान विशेश्वर से हुआ था. भगवान मृत्युंजय ने माता पार्वती से विवाह के दौरान सात वचन दिए थे, तभी से ये परम्परा वर्तमान समय तक चला आ रहा है. देश व राज्य में महाशिवरात्रि का महापर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है. प्राचीन शिव मंदिर, कोयरी टोला, डॉ. नारायणप्रसाद लेन पटना में महाशिवरात्रि के अवसर पर स्नान व श्रृंगार, आरती के बाद भगवान् भोलेनाथ की बारात निकली गई. हजारो की संख्यां में भक्त बारात में शामिल हुए.
संकलन: – ज्ञानसागरटाइम्स टीम.
Video Link: – https://youtu.be/_Td3qy22EKM



