Article

सरदार वल्लभ भाई पटेल

सरदार वल्लभभाई पटेल भारत के पहले गृह मंत्री थे. इन्हें लौह पुरुष के नाम से भी जाना जाता है. पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नाडियाड में हुआ था. पटेल के पिता का नाम झवेरभाई भाई पटेल था और माता का नाम लाड बाई था. सरदार किसान परिवार में पैदा हुए वह बचपन से ही मेहनती और परिश्रमी थे. वर्ष 1897 में मैट्रिक पास कर सरदार पटेल ने लंदन में बैरिस्टर की पढ़ाई करने को गए और लंदन से वापस आने के बाद पटेल अहमदाबाद में वकालत करने लगे. घर के स्थिति खराब होने के बावजूद पटेल के पिता उन्हें कॉलेज भेजना चाहते थे पर पटेल घर पर ही मेहनत कर जिले के नेता की परीक्षा पास की.

पटेल 6 भाई-बहनों में चौथे नंबर के थे पटेल का विवाह 16 वर्ष की आयु में झवेरबा से हुआ था. पटेल प्रधानमंत्री के पद के लिए सबसे बड़े दावेदार थे परंतु, गांधी के कहने पर खुद को पीछे कर लिया और नेहरू का समर्थन किया. पटेल 2 सितम्बर, 1946 को तत्कालीन सरकार में उपप्रधानमंत्री, गृह, सूचना एवं प्रसारण मंत्री बने. गृह मंत्री के रूप में पटेल की पहली प्राथमिकता देशी रियासतों को एक करना था. सरदार पटेल में कुल 562 रियासतों को एक किया था.

सरदार पटेल हैदराबाद के विलय के लिए ऑपरेशन पोलो चलाया था. सरदार पटेल ने नवंबर 1950 में ही पंडित नेहरू को चीन के संभावित खतरे से आगाह किया था. वर्ष 1909 में सरदार पटेल के पत्नी का निधन हो गया और जब यह समाचार सरदार पटेल को मिला तब वह अदालत में जिरह कर रहे थे. लेकिन फिर भी वह अपना काम जारी रखें सरदार पटेल को गांधी से काफी लगाव था. गांधी के हत्या के बाद पटेल की भी तबीयत बिगड़ने लगी, यहां तक कि 2 महीने बाद उन्हें हार्ट अटैक आया. पटेल ने गृह मंत्री होने के तौर पर ‘गांधीजी’ के हत्या के कारण RSS पर प्रतिबंध लगा दिया था. पटेल RSS के खिलाफ कभी नहीं रहे पटेल ने ही सोमनाथ के भग्न मंदिर के पुनः निर्माण का संकल्प लिया जिसे नेहरू के तीव्र विरोध के बाद भी बनाया गया. पटेल ने ही ICS को IAS बनाया था.

पटेल ने अंग्रेजों के विरुद्ध जमींदारों से खराब फसल होने के बावजूद पूरा लगान वसूली के विरोध में बारदोली के आंदोलन का सफल नेतृत्व किया जिसके कारण उन्हें सरदार की उपाधि  प्राप्त हुई. 15 दिसंबर 1950 को सरदार पटेल का निधन हो गया मरणोपरांत 1991 में सरदार पटेल को भारत के सबसे बड़े सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया. सरदार पटेल ने कहा था मैंने कला या विज्ञान के विशाल गगन में ऊंची उड़ाने नहीं भरी मेरा विकास कच्ची झोपड़ियों में गरीब किसान के खेती की भूमि और शहरों के गंदे मकानों में हुआ है. सरदार पटेल के जन्मदिन को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है गुजरात में सरदार पटेल की विश्व में सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैचू आफ यूनिटी का निर्माण किया गया है।

प्रभाकर कुमार

: [responsivevoice_button voice="Hindi Female"]

Related Articles

Back to top button