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व्यक्ति विशेष

डॉ. ज़ाकिर हुसैन

डॉ. ज़ाकिर हुसैन मशहूर शिक्षाविद् और आधुनिक भारत के द्रष्टा थे. वो  बिहार के राज्यपाल,  भारत के उपराष्ट्रपति और भारत के तीसरे राष्ट्रपति (कार्यकाल-13 मई 1967 से 3 मई 1969) थे.

डॉ. ज़ाकिर हुसैन का जन्म  8 फ़रवरी 1897 को हैदराबाद, आंध्र प्रदेश में हुआ था. वर्ष 1920 में उन्होंने ‘जामिया मिलिया इस्लामिया’ की स्थापना में योगदान दिया तथा इसके उपकुलपति बने. डॉ. हुसैन के नेतृत्व में जामिया मिलिया इस्लामिया का राष्ट्रवादी कार्यों तथा स्वाधीनता संग्राम की ओर झुकाव रहा.

देश के युवाओं से सरकारी संस्थानों का वहिष्कार की, गाँधी की अपील का हुसैन ने पालन किया. महात्मा गाँधी के निमन्त्रण पर वह प्राथमिक शिक्षा के राष्ट्रीय आयोग के अध्यक्ष भी बने, जिसकी स्थापना वर्ष 1937 में स्कूलों के लिए गाँधीवादी पाठ्यक्रम बनाने के लिए हुई थी.

डॉ० ज़ाकिर हुसैन भारत के राष्ट्रपति बनने वाले पहले मुसलमान थे. देश के ऐसे पहले राष्ट्रपति थे जिन्होंने, अपनी मृत्यु तक भारत के तीसरे राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया. 

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ठुमरी गायिका शोभा गुर्टू

शोभा गुर्टू भारतीय शास्त्रीय शैली की एक प्रसिद्ध गायिका थीं. शोभा गुर्टू को ‘ठुमरियों की रानी’ कहा जाता है. उन्होंने ठुमरी के अतिरिक्त कजरी, होरी और दादरा आदि उप-शास्त्रीय शैलियों के अस्तित्व को भी बचाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

 ठुमरी गायिका शोभा गुर्टू का जन्म 08 फ़रवरी, 1925 को कर्नाटक के बेलगाँव ज़िले में हुआ था. उनका मूल नाम ‘भानुमति शिरोडकर’ था. शोभा के बारे में कहा जाता है कि, न केवल अपने गले की आवाज़ से बल्कि अपनी आँखों से भी गाती थीं. शोभा गुर्टू ने कई हिन्दी और मराठी फ़िल्मों में भी गीत गाए. वर्ष 1972 में आई कमल अमरोही की फ़िल्म ‘पाक़ीज़ा’ में उन्हें पहली बार पार्श्वगायन का मौका मिला था.

प्रमुख फिल्मों के गाने : –

बंधन बांधो’ गाया, ‘मोरे सैय्याँ बेदर्दी बन गए कोई जाओ मनाओ, ‘मैं तुलसी तेरे आँगन की और ‘सैय्याँ रूठ गए मैं मनाऊँ कैसे आदि.

शोभा गुर्टू को कई पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया.शोभा गुर्टू को 2002 में ‘पद्मभूषण सम्मान से सम्मानित किया गया था.

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जगजीत सिंह

जगजीत सिंह एक भारतीय पार्श्वगायक और संगीतकार हैं. उनका नाम बेहद ही लोकप्रिय ग़ज़ल गायकों में शुमार हैं. उनकी  पत्नी का नाम चित्रा सिंह है. वो गजल गायिका हैं. पार्श्वगायक जगजीत जी सुनने वालों को उनकी सहराना आवाज़ दिल की गहराइयों में ऐसे उतरती रही मानो गाने और सुनने वाले दोनों के दिल एक हो गए हों.

जगजीत सिंह का जन्म 08 फरवरी 1941 को  राजस्थान के गंगानगर में हुआ था. जगजीत के बचपन का नाम जीत था. जगजीत सिंह को बचपन में अपने पिता से संगीत विरासत में मिला. कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान संगीत में उनकी दिलचस्पी देखकर कुलपति प्रोफ़ेसर सूरजभान ने जगजीत सिंह जी को काफ़ी उत्साहित किया. जगजीत सिंह का पहला एलबम ‘द अनफ़ॉरगेटेबल्स 1976 में आया था जो की हिट रही थी. जगजीत सिंह ने कई फिल्मों में भी गजल गायें है.

प्रमुख फिल्मे और उनके गाने: –

प्रेमगीत – ‘होठों से छू लो तुम मेरा गीत अमर कर दो,

खलनायक – ओ मां तुझे सलाम,

दुश्मन – चिट्ठी ना कोई संदेश,

जॉगर्स पार्क – बड़ी नाज़ुक है ये मंज़िल,

साथ-साथ – ये तेरा घर, ये मेरा घर,

सरफ़रोश – होशवालों को ख़बर क्या बेख़ुदी क्या चीज़ है.

जगजीत सिंह ने हिंदी के अलावा पंजाबी और भक्ति के एलबमों में गाने गाये हैं जो हिट रहें हैं. जगजीत सिंह को 2003 में भारत सरकार द्वारा कला के क्षेत्र में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था. जगजीत सिंह का निधन 10 अक्टूबर 2011 को मुंबई में  हुआ था.

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पूर्व क्रिकेटर अज़हरुद्दीन मोहम्मद

अज़हरुद्दीन मोहम्मद, भारतीय क्रिकेट के पूर्व कप्तान और एक प्रमुख क्रिकेटर थे. उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान के रूप में कई बड़े और महत्वपूर्ण अन्तर्राष्ट्रीय मैचों का नेतृत्व किया।

अज़हरुद्दीन क्रिकेट की दुनिया में उनका नाम बहुत महत्वपूर्ण है, विशेष रूप से उनके बल्लेबाज़ी के क्षेत्र में. उन्होंने अपने क्रिकेट कैरियर में कई महत्वपूर्ण क्रिकेटीय रिकॉर्ड बनाए और भारतीय क्रिकेट टीम के लिए अहम योगदान दिया.

हालांकि, उन्होंने अपने क्रिकेट कैरियर के दौरान कुछ विवादों में भी रहे, जिससे उनका कैरियर कुछ संवेदनशीलता के माध्यम से गुजरा. फिर भी, उनका योगदान भारतीय क्रिकेट के इतिहास में अहम है और उन्हें एक प्रमुख क्रिकेट व्यक्तित्व के रूप में याद किया जाता है.

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