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व्यक्ति विशेष – 742.

लेखिका शोभा डे

शोभा डे एक भारतीय लेखिका, पत्रकार, और सामाजिक अध्ययनकर्ता हैं जिन्होंने अपने लेखन के माध्यम से भारतीय समाज के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार प्रस्तुत किए हैं. उनका जन्म 7 जनवरी 1948 को बोम्बे (अब मुंबई), महाराष्ट्र, भारत में हुआ था.

शोभा डे का लेखन विशेषकर उनकी उपन्यास, कहानियाँ, और कलमबजारी की वजह से प्रसिद्ध हैं. उन्होंने अपने लेखन में बदलते समाज की दृष्टि से विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किए हैं, जैसे कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता, यौनता, समाजिक बदलाव, और भारतीय समाज की रूचियां.

शोभा डे ने कई पुस्तकें लिखी हैं, जिनमें ‘स्टार्दस्ट’, ‘स्वप्न विलास’, ‘सुकाना’, ‘स्नेहा’, ‘शोभा डे का दिल से’, और ‘स्नेहा सुमंगला’ शामिल हैं. उनका लेखन विविधता और उत्कृष्टता के साथ पहचाना जाता है, जिससे उन्हें भारतीय साहित्य में महत्वपूर्ण स्थान मिला है.

शोभा डे के अलावा, उन्होंने सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय देने के लिए अखबारों और पत्रिकाओं में भी लेखन किया है. उनकी बहुभाषी और उदार दृष्टिकोण से उन्होंने अपने पाठकों को बातचीत में शामिल किया है और उन्हें समझाया है कि कैसे समाज में परिवर्तन किया जा सकता है.

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फ़िल्म अभिनेत्री बिपाशा बसु

बिपाशा बसु एक भारतीय फिल्म अभिनेत्री है जो अपने काम के लिए जानी जाती है. उनका जन्म 7 जनवरी 1979 को हुआ था. उन्होंने अपने कैरियर की शुरुआत मॉडलिंग से की और फिर बॉलीवुड में कई सफल फिल्मों में अभिनय किया.

बिपाशा ने अपने कैरियर की शुरुआत मॉडलिंग से की और बाद में उन्होंने 2001 में रिलीज हुई फिल्म ‘Ajnabee’ में अपने बॉलीवुड डेब्यू किया। इसके बाद, उन्होंने कई सफल फिल्मों में काम किया, जैसे कि ‘Raaz’, ‘Jism’, ‘No Entry’, ‘Corporate’, ‘Dhoom 2’, ‘Race’, ‘Raaz 3’ और ‘Alone’ जैसी.

बिपाशा बसु ने अपने अभिनय के लिए कई पुरस्कार भी जीते हैं और उनकी खूबसूरती और अभिनय क्षमता की वजह से वह बॉलीवुड में एक प्रमुख और लोकप्रिय अभिनेत्री बन गई हैं.

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हास्य कलाकार जॉनी लीवर

भारतीय सिनेमा के एक ऐसे कलाकार हैं जिन्होंने ‘कॉमेडी’ शब्द को बॉलीवुड में एक नई पहचान दी उनका नाम है जॉनी लीवर. अपनी बेमिसाल कॉमिक टाइमिंग, चेहरे के हाव-भाव और मिमिक्री की अद्भुत कला के कारण उन्हें “कॉमेडी का किंग” भी कहा जाता है.

 जॉनी लीवर का जन्म 14 अगस्त 1957 को आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले में एक तेलुगु ईसाई परिवार में हुआ था. उनका असली नाम जॉन प्रकाश राव जनुमाला है. उनका बचपन मुंबई के धारावी इलाके में बीता था. आर्थिक तंगी के कारण वह केवल सातवीं कक्षा तक ही पढ़ सके. घर चलाने के लिए उन्होंने मुंबई की सड़कों पर पेन बेचने से लेकर बड़े-बड़े ट्रकों से सामान उतारने तक का काम किया.

जॉनी लीवर ने अपने कैरियर की शुरुआत स्टैंड-अप कॉमेडी और स्टेज शोज से की. वह ‘तबलक’  ग्रुप के साथ मिमिक्री किया करते थे. उन्हें संगीतकार कल्याणजी-आनंदजी ने पहचाना और अपने वर्ल्ड टूर का हिस्सा बनाया. वर्ष 1980 के दशक की शुरुआत में सुनील दत्त ने उन्हें एक स्टेज शो में देखा और अपनी फिल्म ‘दर्द का रिश्ता’ (1982) में पहला मौका दिया था.

वर्ष 1993 में आई फिल्म ‘बाजीगर’ में ‘बाबूलाल’ के किरदार ने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया. उनके ‘भूलने की बीमारी’ वाले किरदार को आज भी याद किया जाता है. जॉनी लीवर किसी भी अभिनेता या व्यक्ति की आवाज और बॉडी लैंग्वेज को हूबहू उतारने में माहिर हैं. उनके चेहरे की मांसपेशियां इतनी लचीली हैं कि वे बिना बोले भी दर्शकों को हंसा सकते हैं.

जॉनी लीवर का विवाह सुजाता से हुआ और उनके दो बच्चे हैं – बेटी जेमी लीवर और बेटा जेस लीवर. उनकी बेटी जेमी लीवर भी एक मशहूर स्टैंड-अप कॉमेडियन और अभिनेत्री हैं, जो अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ा रही हैं.

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अभिनेता इरफ़ान ख़ान

इरफ़ान ख़ान एक प्रमुख भारतीय अभिनेता थे, जिन्होंने अपनी शानदार अभिनय कला के लिए प्रशंसा प्राप्त की थी। उनका जन्म 7 जनवरी 1967 को राजस्थान के ज़ोनपुर में हुआ था और उन्होंने अपने कैरियर की शुरुआत टेलीविज़न सीरिज़ “सर्कस” (1989) से की थी।

इरफ़ान ख़ान ने अपनी अभिनय कला के लिए विभिन्न फ़िल्मों में अपने शानदार प्रदर्शन के लिए पहचान बनाई. उनकी कुछ प्रमुख फ़िल्में इंग्लिश मीडियम (2020), हिंदी मीडियम (2020), पिक्चरेस्क (2015), बाज़ीरा (2013), पान सिंग टॉमरो (2015), हैदर (2014), लाइफ इन अ मेट्रो (2007), और स्लमडॉग मिलियनेयर (2008) शामिल हैं.

इरफ़ान ख़ान को अपने अभिनय के लिए कई पुरस्कार मिले और उन्होंने बॉलीवुड फ़िल्म इंडस्ट्री में अपनी अद्भुत पेशेवर क्षमताओं के लिए सम्मान प्राप्त किया. उनकी मौत 29 अप्रैल 2020 को हो गई, जिससे भारतीय फ़िल्म इंडस्ट्री ने एक महत्वपूर्ण कला निष्ठान को खो दिया.

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