होलिका दहन होली के त्योहार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो होली से एक दिन पहले मनाया जाता है. यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और हमें यह संदेश देता है कि सत्य और धर्म की हमेशा जीत होती है. होलिका दहन के पीछे एक पौराणिक कथा है, जो हमें यह सिखाती है कि अहंकार और बुराई का अंत निश्चित है.
प्रह्लाद भगवान विष्णु के परम भक्त थे, लेकिन उनके पिता हिरण्यकश्यप उनकी भक्ति से नाराज थे. हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन होलिका से कहा कि वह प्रह्लाद को गोद में लेकर अग्नि में बैठ जाए. होलिका को वरदान प्राप्त था कि वह अग्नि में नहीं जल सकती. लेकिन जब होलिका प्रह्लाद को लेकर अग्नि में बैठी, तो भगवान विष्णु की कृपा से प्रह्लाद सुरक्षित रहे और होलिका जलकर भस्म हो गई. इस घटना को याद करते हुए होली से एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है.
संकलन: – ज्ञानसागरटाइम्स टीम.
Video Link: – https://youtu.be/SpWfvZpZopU



