Health

रासायनिक मसाला…

भारतीय भोजन में एक ख़ास प्रकार की खुशबू होती है. ये खुशबू जब हमारे नाक से होकर गुजरती है तब खाना खाने को दिल मचल जाता है. खाना में मसाले की जो खुशबू होती है वो हमारे भारत में प्राकृतिक मसालों से आती है. इन मसालों का प्रयोग हमसब मसाले ही नहीं बल्कि, आयुर्वेदिक ओषधि के लिए भी करते हैं. उसी तरह अजीनोमोटो भी एक रासायनिक मसाला है जिसका प्रयोग चायनीज व जापानी व्यंजन बनाने के लिए किया जाता है.

बताते चलें कि, टोक्यो इम्पीरियल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डा० किकुने इकेडा के अनुरोध पर बनाई गई थी. इस रसायन का नाम मोनोसोडियम ग्लूटामेट है उसे रासायनिक प्रक्रियाओं के द्वारा रासायनिक मसाल बनाया गया. ज्ञात है कि, डा० इकेडा कल्प रस के स्वाद में रूचि रखते थे और कई नमूनों का विश्लेषण करते समय उन्होंने अपने अद्वितीय स्वाद के कारक पदार्थ की खोज की और उसका नाम “उममी” रखा., और जो सब्जी , प्रोटीन , गेंहूँ और सोयाबीन से बना था. जापानी डॉक्टर दावा करते हैं कि, उमामी के स्वाद ने पचाने की सुविधा प्रदान कि है. जापानी पेटेंट प्राप्त करने के बाद उमामी को वानिजिय्क बनाने को कहा और इसका वानिजिय्क नाम “एजिआई-नो-मोटो” है. जापनी शैली के कपड़ा बनाने वाली महिला ने इस उत्पाद का प्रयोगशाला में परीक्ष्ण व मूल्यांकन किया तब पता चला कि, उत्पाद हानिकारक था लेकिन, मानव उपभोग के लिए उपयुक्त भी था.

ज्ञात है कि, 1960 के दशक में “एजिआई-नो-मोटो” बनाने के लिए उपयोग की जाने वाली तकनीक में एक क्रांतिकारी प्रक्रिया का रूपांतरण था. “एजिआई-नो-मोटो” का मुख्य घटक मोनोसोडियम ग्लूटामेट है जो गुल्टामिक एसिड का सोडियम नमक है. गुल्टामिक एसिड सब्जी, मांस और मछली की प्राकृतिक प्रोटीन में पाए गये बीस मूल एमिनो एसिड में से एक है. 1960 के दशक तक “एजिआई-नो-मोटो” को हाइड्रोलाइजिंग सोयाबीन प्रोटीन द्वारा निष्कर्षण द्वारा बनाया जाता था. उसके बाद गन्ना का उपयोग करके एमिनो एसिड के उत्पादन में सफल रही. 1964 में “नॉर” सूप लांच करके और 1968 में अपने खुद का मेयोनेज लांच किया गया. 1972 में अजिनोमोतो जनरल फूड्स इंक (एजिएफ़) की स्थापना करके एक स्वाद लांच किया गया. उसके बाद कौफी के बाद चायनीज व्यंजनों में इसका उपयोग किया लगा.

वर्तमान समय में एजिआई-नो-मोटो का उपयोग रेस्तरां ही नहीं घरों में भी किया जाता है या यूँ कहें कि, विभिन्न संसाधित खाद्य पदार्थों में भी इसका प्रयोग किया जाता है. एजिआई-नो-मोटो के मुख्य अवयव हैं गुड औए टैपिओका स्टार्च जिसे गन्ने से (किण्वन की ख़ास प्रक्रिया से निकाला जाता है) से लिया जा सकता है. चायनीज व्यंजन को और अधिक स्वादिष्ट बनाने के लिए स्वादानुसार इसका प्रयोग किया जाता है. बताते चलें कि, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों में भी एजिआई-नो-मोटो का प्रयोग किया जाता है. आसन शब्दों में कहें तो नुडल्स बनाने में एजिआई-नो-मोटो का भारतीय बाजार में प्रयोग किया जाता है.

मोनोसोडियम गुल्तामेट (MSG) यानी अजिनोमोटो एक सोडियम साल्ट है जो दिखने में सफेद रंग का चमकीला होता है. यह सफेद रंग का मीठा जहर होता है जिसे हम सभी धडल्ले से प्रयोग करते हैं. इसका प्रयोग चाइनीज नुडल्स, सूप और भी कई खाने के चीजों में मसाले के रूप में प्रयोग होता है. ज्यादातर इसक प्रयोग डब्बा बंद खाने में किया जाता है.

  1. अजिनोमोटो के प्रयोग के कई साइड इफेक्ट भी होते हैं जैसे…
  2. यह खाने में स्वाद तो देता है लेकिन दिमाग को नुक्सान भी पहुंचाता है.
  3. इसके खाने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है.
  4. सर दर्द, पसीना आना और चक्कर आने जैसे खतरनाक बीमारी भी आपको हो सकती है.
  5. चेहरे में सुजन व त्वचा में खिचाव होना भी इसके साइड इफ्फेक्ट हो सकते हैं.
  6. इसके ज्यादा प्रयोग से साइन में दर्द, सांस लेने में दिक्कत, थकान व आलस भी पैदा करता है.
  7. इसके खाने से ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है.
  8. माइग्रेन की भी समस्या हो सकती है.
  9. गर्भवती महिलाओं को इसका प्रयोग नहीं करना चाहिए, अगर आप करते है तो इस केमिकल की वजह से बच्चा मनोरोगी भी हो सकता है.
  10. बच्चों को सॉस व केचप से दूर रखना चाहिए. चुकिं इसका प्रयोग करने से बच्चों के पाचन तन्त्र को नुक्सान पहुंचाता है.
  11. पैकेट वाले आलू चिप्स का प्रयोग नहीं करना चाहिए. चुकिं इसमें भी अजिनोमोतो का प्रयोग किया जाता है और इसके प्रयोग से मोटापे की समस्या हो सकती है.

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Chemical Spice…

Indian food has a special kind of fragrance. When this fragrance passes through our noses, then we feel like eating food. The aroma of spices in the food comes from the natural spices in India. We all use these spices not only for spices but also for Ayurvedic medicine. Similarly, Ajinomoto is also a chemical spice that is used to make Chinese and Japanese dishes.

Let us tell that it was made at the request of Professor Dr. Kikune Ikeda of Tokyo Imperial University. The name of this chemical is monosodium glutamate, it was made a chemical spice through chemical processes. It is known that Dr. Ikeda was interested in the taste of kalpa juice, and while analyzing several samples, he discovered its unique taste factor and named it “umami”. was made. Japanese doctors claim that the taste of umami facilitates digestion. After receiving the Japanese patent, Umami was asked to make commercialized and its commercialized name is “Ajii-no-moto”. A Japanese-style cloth maker tested and evaluated this product in a laboratory and found that the product was harmful but also suitable for human consumption.

It is known that in the 1960s, a revolutionary process was the conversion of the technology used to make “Ajii-no-moto”. The main ingredient of “Ajii-no-moto” is monosodium glutamate which is the sodium salt of glutamic acid. Glutamic acid is one of the twenty basic amino acids found in the natural proteins of vegetables, meat, and fish. Until the 1960s, “Ajii-no-moto” was made by extraction by hydrolyzing soybean proteins. After that, it was successful in the production of amino acids using sugarcane. In 1964 “Knorr” soup was launched and in 1968 its own mayonnaise was launched. A flavor was launched in 1972 by the establishment of Ajinomoto General Foods Inc. (AGIF). After that, it was used in Chinese cuisine after coffee.

At present, Ajii-no-moto is used not only in restaurants but also in homes or rather, it is also used in various processed foods. The main ingredients of aji-no-moto are molasses and tapioca starch, which can be obtained from sugarcane (extracted through a special process of fermentation). It is used according to taste to make Chinese dishes more delicious. It should be mentioned that aji-no-moto is also used in processed foods. In simple words, Aji-no-moto is used in the Indian market for making noodles.

Monosodium glutamate (MSG) i.e. Ajinomoto is a sodium salt that is bright white in appearance. It is a white-colored sweet poison that is used by all of us indiscriminately. It is used as a spice in Chinese noodles, soups, and many other food items. Mostly it is used in canned food.

  1. There are many side effects of using Ajinomoto like…
  2. It gives taste to the food but also damages the brain.
  3. By eating this, there is a shortage of water in the body.
  4. You can also have dangerous diseases like headaches, sweating, and dizziness.
  5. Swelling of the face and stretching of the skin can also be side effects.
  6. Excessive use of it also causes pain in the sinuses, difficulty in breathing, fatigue, and lethargy.
  7. Eating this increases blood pressure.
  8. Migraine can also be a problem.
  9. Pregnant women should not use this, if you do, then the child can also become a psychopath because of this chemical.
  10. Children should be kept away from sauce and ketchup. Because using it damages the digestive system of children.
  11. Packet potato chips should not be used. Because Ajinomoto is also used in this and its use can cause obesity problems.
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