Apni Baat
-
पाटने की बजाय खोदने का नाम है राजनीति..?
राजनीति, जिसे अक्सर ‘जनसेवा’ और ‘लोक कल्याण’ का माध्यम कहा जाता है. राजनीति का मूल उद्देश्य समाज में समरसता, न्याय…
Read More » -
वन्दे मातरम् का विरोध पहले भी आज भी…?
“वन्दे मातरम्” महज़ एक राष्ट्रिय गीत ही नहीं, बल्कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक महामंत्र रहा है. बंकिम चंद्र चटर्जी…
Read More » -
क्या ट्रंप की नीतियों ने किया…अमेरिका का बेडा गर्क?
अमेरिका फर्स्ट का नारा देने वाले डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों, खासकर उनकी टैरिफ (आयात शुल्क) लगाने के फैसलों का अमेरिका…
Read More » -
जातीय अंकगणित हुआ फेल: – बिहार चुनाव 2025
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण का मतदान संपन्न हो चुका है, और प्रारंभिक विश्लेषण से यह स्पष्ट संकेत…
Read More » -
क्यूँ मर जाती है संवेदनाएं…?
भारतीय रेल नेटवर्क दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्कों में से एक है और यह नेटवर्क देश की जीवन रेखा…
Read More » -
जातिवाद, मकड़जाल और विकास – भारत
भारत एक ऐसी विशाल और जटिल सामाजिक-आर्थिक प्रयोगशाला है, जहाँ सदियों पुरानी सामाजिक संरचनाएँ आधुनिक विकास के महत्वाकांक्षी लक्ष्यों से…
Read More » -
राजनीति और छठ का कॉकटेल…
बिहार, झारखंड, और पूर्वी उत्तर प्रदेश का महापर्व, श्रद्धा और लोक आस्था का अद्भुत संगम है साथ ही वर्तमान समय…
Read More » -
क्या वंशवाद ही वर्तमान राजनीती का मूल आधार है…?
भारतीय लोकतंत्र की आत्मा जनप्रतिनिधित्व में निहित है, जहाँ हर नागरिक को समान अवसर मिलना चाहिए। वहीँ, वंशवाद ही वर्तमान…
Read More » -
विभीषण से परेशान…कैसे जीत पायेंगें किला!
अरे भाई! यह बिहार चुनाव का ‘किला’ तो रावण की लंका से भी ज़्यादा अभेद्य हो गया है! लंका में…
Read More » -
बॉम्बाली, धुआँआली = दीपावली
दीपावली शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के दो शब्दों से मिलकर बना है, “दीप” का अर्थ होता है “दिया” और “आवली”…
Read More »