Dhram Sansar

सरस्वती पूजा…

सनातन संस्कृति में ज्ञान या यूँ कहें कि, विद्या की देवी माँ सरस्वती जो त्रिदेवियों में एक देवी है. उनकी पूजा आराधना माघ मास की पंचमी को किया जाता है. माघ पंचमी के दिन को वसंत पंचमी या श्रीपंचमी के नाम से भी जाना जाता है. माँ वीणावाद्नी की पूजा-आराधना भारत ही नहीं भारत के अलावा पश्चिमोत्तर बांग्लादेश, नेपाल सहित कई देशों में धूम-धाम से मनाया जाता है.

पौराणिक ग्रंथों के अनुसार वाग्देवी सरस्वती ब्रह्मस्वरूपा, कामधेनु तथा समस्त देवों की प्रतिनिधि हैं. ये ही विद्या, बुद्धि और ज्ञान की देवी हैं. ऋग्वेद में भी माँ सरस्वती देवी के असीम प्रभाव व महिमा का वर्णन है. ऋग्वेद वेद के अनुसार सरस्वती के रूप में ये हमारी बुद्धि, प्रज्ञा तथा मनोवृत्तियों की संरक्षिका हैं. हम में जो आचार और मेधा है उसका आधार भगवती सरस्वती ही हैं.

बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा करने से वाणी मधुर होती है, स्मरण शक्ति तीव्र होती है, प्राणियों को सौभाग्य प्राप्त होता है, विद्या में कुशलता प्राप्त होती है.   

संकलन :- ज्ञानसागरटाइम्स टीम.

Video Link:- https://youtu.be/v6eN5JiUWlE

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