Education

वनस्पति विज्ञान से संबंधित-119.

प्रकाश संश्लेषण…

प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) दो शब्दों से मिलकर बना है, जिसमें पहला शब्द है फोटो (Photo) और दूसरा शब्द है सिंथेसिस (synthesis). इसमें फोटो (photo) का अर्थ है “प्रकाश” और सिंथेसिस (synthesis) का अर्थ होता है “बनाना”. दुसरे शब्दों में कहें तो… सजीव कोशिकाओं के द्वारा प्रकाशीय ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में बदलने की प्रक्रिया को ही प्रकाश संश्लेषण कहते हैं.

आसन शब्दों में कहें तो, प्रकाश संश्लेषण एक प्रक्रिया है जिसके द्वारा हरे पौधे सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में जल (पानी) एवं कार्बन डाईऑक्साइड के संयोग से कार्बोहाइड्रेट का निर्माण करते हैं और ऑक्सीजन को छोड़ते हैं.

6CO6 + 12H2O = C6H12O6 + 6H2O + CO2

प्रकश संश्लेषण एक रासायनिक प्रक्रिया है जिसमें हरे पौधे सूर्य के प्रकाश को हरितलवक की सहायता से अवशोषित करके इस प्रकाश को रासायनिक ऊर्जा में बदल देते हैं और कार्बनिक पदार्थ के रूप में पौधे में संचित(जमा) हो जाता है. यूँ कहें कि, हरे पौधे के खाना पकाने की प्रक्रिया को ही प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) कहते हैं.

प्रकाश संश्लेषण के हरे भाग मुख्यत: पत्तियाँ, कभी-कभी हरे तने एवं पुष्प कलिकाओं द्वारा भी होता है. पत्तियों की विशिष्टीकृत कोशिकाएँ जिन्हें मीसोफिल कहते हैं, उनमें हरितलवक पाये जाते हैं और ये हरितलवक ही प्रकाश संश्लेषण के वास्तविक केंद्र होते हैं.

 प्रकाश संश्लेषण प्रक्रिया के चरण…

  • क्लोरोफिल द्वारा प्रकाश उर्जा को अवशोषित करना,
  • प्रकाश उर्जा को रासायनिक उर्जा में रूपांतरित करना,
  • जल के अणुओं का हाइड्रोजन तथा ऑक्सीजन में अपघटन,
  • कार्बन डाइऑक्साइड का कार्बोहाइड्रेट में अपचयन (Reduction).

पेड़-पौधे में उपस्थित क्लोरोफिल के कारण उसकी पत्तियाँ हरे रंग की दिखती है. पत्तियों की कोशिकाओं (Cells) में हरे रंग के बिन्दु कोशिकांग (Cell Organelles) होते हैं जिन्हें हरित लवक (क्लोरोप्लास्ट Chloroplast) भी कहा जाता है जिनमें क्लोरोफिल रसायन होता है. हरी पत्तियों में उपस्थित ये क्लोरोफिल, सूर्य के प्रकाश से उर्जा अवशोषित कर रासायनिक परिवर्तन द्वारा रासायनिक उर्जा में बदल देती हैं. क्लोरोफिल द्वारा सूर्य की प्रकाश से प्राप्त उर्जा इस जल को हाइड्रोजन तथा ऑक्सीजन के अणुओं में विखंडित (Split) कर देती है.

पत्तियों की सतह पर सूक्ष्म धिद्र होते हैं, जिन्हें रंध्र छिद्र (Stomatal Pore) भी कहा जाता है. इन रंध्र छिद्रों (Stomatal Pore) के द्वारा पत्तियाँ हवा से कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषित करती हैं. इन्ही रंध्र छिद्रों (Stomatal Pore) की सहायता से ही पत्तियों में गैस का आदान-प्रदान होता है.

===========  =============  ============

Photosynthesis…

Photosynthesis is made up of two words, the first word is photo and the second word is synthesis. In this, photo means “light” and synthesis means “to make”. In other words, the process of converting light energy into chemical energy by living cells is called photosynthesis.

In simple words, photosynthesis is a process by which green plants, in the presence of sunlight, combine water and carbon dioxide to form carbohydrates and release oxygen.

6CO6 + 12H2O = C6H12O6 + 6H2O + CO2

Photosynthesis is a chemical process in which green plants absorb sunlight with the help of chlorophyll and convert this light into chemical energy and it gets stored in the plant in the form of organic matter. In other words, the process of cooking food from green plants is called Photosynthesis.

Photosynthesis occurs mainly in the green parts of the body, mainly leaves, sometimes also through green stems and flower buds. Chloroplasts are found in the specialised cells of leaves called mesophyll and these chloroplasts are the actual centres of photosynthesis.

Steps of photosynthesis process…

  • Absorbing light energy by chlorophyll,
  • Converting light energy into chemical energy,
  • Decomposition of water molecules into hydrogen and oxygen,
  • Reduction of carbon dioxide into carbohydrates.

Due to chlorophyll present in trees and plants, their leaves appear green. The cells of the leaves contain green colored cell organelles which are also called chloroplasts which contain the chemical chlorophyll. The chlorophyll present in green leaves absorbs energy from sunlight and converts it into chemical energy through chemical transformation. The energy from sunlight by chlorophyll splits this water into hydrogen and oxygen molecules.

There are microscopic pores on the leaves surface, also called stomatal pores. Leaves absorb carbon dioxide from the air through these stomatal pores. With the help of these stomatal pores, gas exchange takes place in the leaves.

: [responsivevoice_button voice="Hindi Female"]

Related Articles

Back to top button