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व्यक्ति विशेष

भाग - 92.

कवि भवानी प्रसाद मिश्र

कवि भवानी प्रसाद मिश्र भारतीय हिंदी कवि थे. उन्होंने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज के विभिन्न मुद्दों पर चिंतन किया और उन्हें उजागर किया.

भवानी प्रसाद मिश्र का जन्म 1913 में हुआ था. उनकी कविताएं विभिन्न हिंदी कवि संग्रहों में प्रकाशित हुईं, और उन्होंने अपने साहित्यिक योगदान के लिए कई पुरस्कार भी प्राप्त किए. उनकी कविताओं में समाज, राष्ट्रीय भावनाएं, और व्यक्तिगत अनुभवों पर ध्यान दिया गया.

भवानी प्रसाद मिश्र की कविताओं में गहराई, भावनात्मकता, और विचारशीलता का अद्वितीय आलंबन था. उनका योगदान हिंदी साहित्य के विकास में महत्वपूर्ण माना जाता है. उनका निधन 1980 में हुआ था.

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राजनीतिज्ञ रोमेश भंडारी

रोमेश भंडारी भारतीय राजनीतिज्ञ और भूतपूर्व राज्यपाल थे. उन्होंने  त्रिपुरा, गोवा और उत्तर प्रदेश के राज्यपाल के रूप में कार्य किया था. रोमेश भंडारी का जन्म 29 मार्च 1928 में लाहौर में हुआ था.

भंडारी ने 1950 में इन्होंने भारतीय विदेश सेवा में प्रवेश किया और न्यूयॉर्क में भारतीय कान्स्यूलेट में भारत के उपकौन्सिल नियुक्त हुए.1970-71 में वे मॉस्को में स्थित भारतीय दूतावास में मंत्री रहे.1971-74 तक वे थाईलैंड में भारत के राजदूत रहे तथा तत्कालीन ‘‘ईकेस’’ एवं ‘‘इस्कैप’’ संगठनों में भारत का प्रतिनिधित्व किया.1974-76 तक वे इराक में भारत के राजदूत रहे.

सेवानिवृत्ति के बाद भंडारी को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (आई) के विदेश विभाग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया.  1988 को दिल्ली के उपराज्यपाल बने और उन्होंने 13 दिसम्बर, 1990 को इस पद से त्यागपत्र दे दिया. भंडारी ने भारतीय राजनीति में विभिन्न भूमिकाओं का भी निर्वाह किया है और उन्होंने अपने राज्यपाल कार्यकाल के दौरान उत्तर प्रदेश में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर काम किया. रोमेश भंडारी का निधन 7 सितंबर 2013 को नई दिल्ली में हुआ था.

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अभिनेता उत्त्पल दत्त

उत्त्पल दत्त एक प्रमुख भारतीय फ़िल्म अभिनेता थे, जिन्होंने बॉलीवुड में अपना नाम किया. उत्त्पल दत्त का जन्म 29 मार्च, 1929 को पूर्वी बंगाल (ब्रिटिश भारत) के बारीसाल में एक हिन्दू परिवार में हुआ था.

उत्त्पल दत्त ने हिन्दी और बांग्ला फ़िल्मों में अपनी अमिट छाप छोड़ी. एक अभिनेता के रूप में उत्पल दत्त ने लगभग हर किरदार को निभाया. दत्त ने थिएटर और फ़िल्म एक्ट्रेस शोभा सेन से विवाह किया.

उत्त्पल दत्त ने कैरियर की शुरुआत थिएटर से की. थियेटर के दौरान नाटक ‘ओथेलो’ से उन्हें काफ़ी प्रशंसा मिली थी.1950 के बाद उन्होंने प्रोडक्‍शन कंपनी जॉइन कर बंगाली फ़िल्मों में अभिनय कैरियर की शुरुआत की.

उन्होंने अपने कैरियर के दौरान कई प्रमुख फ़िल्मों में काम किया, जैसे “मेमेंटो मोरी”, “आनंद”, “गोलमाल”, “बाज़ार” और “शान”. उत्त्पल दत्त की अदाकारी, उनकी व्यक्तित्व और उनकी एकल शैली काफी प्रशंसा प्राप्त कर चुकी थी. उनका कार्य सिनेमा के इतिहास में महत्वपूर्ण योगदान के रूप में माना जाता है. उत्त्पल दत्त का निधन 2018 में हुआ था.

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अभिनेता जगदीप

जगदीप एक भारतीय फ़िल्म अभिनेता थे, जिन्होंने अपने कैरियर के दौरान बॉलीवुड में अपनी अनोखी पहचान बनाई. उन्होंने न केवल अभिनय की जद्दोजहद की बल्कि उनकी मीमिक्री और कॉमेडी का अंदाज़ भी लोगों को प्रभावित किया. वे अपनी कॉमेडी और अदाकारी के लिए अपने अद्भुत प्रदर्शन के लिए जाने जाते थे.

जगदीप ने बहुत सी फ़िल्मों में अभिनय किया, जिनमें “शोले”, “अंधेरा नगरी चौपट राजा”, “ब्रह्माचारी”, “फ़िल्मी दुनिया”, “कुछ कुछ होता है”, “आनंद” और “गोलमाल” शामिल हैं. उन्होंने अपने अदाकारी के लिए कई पुरस्कार भी प्राप्त किए.

जगदीप का जन्म 29 मार्च 1939 को हुआ था और उनका निधन 8 जुलाई 2020 को हुआ था. उन्होंने अपने अभिनय के माध्यम से लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाई.

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क्रिकेटर हनुमंत सिंह

क्रिकेटर हनुमंत सिंह भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान थे और भारतीय क्रिकेट की दिग्गज व्यक्तित्वों में से एक थे. उन्होंने वर्ष 1964 -69 तक भारतीय टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला।

हनुमंत सिंह को विशेषत: उनकी बल्लेबाज़ी के क्षेत्र में प्रशंसा मिली थी, उन्होंने कई बार भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने टेस्ट मैचों में 14 और रनबन्दी में 2 शतक बनाए।

क्रिकेटर हनुमंत सिंह का जन्म 29 दिसम्बर 1939 को हुआ था. उनका निधन 29 जनवरी 2006 को हुआ था.

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साहित्यकार सियारामशरण गुप्त

 सियारामशरण गुप्त भारतीय हिंदी साहित्य के एक प्रसिद्ध कवि थे. उनका जन्म 4 सितम्बर 1895 में उत्तर प्रदेश के चिरगांव में हुआ था. गुप्त जी का निधन 29 मार्च 1963 को हुआ. उनके साहित्य में देशभक्ति, प्रकृति, सामाजिक और आध्यात्मिक विचारों का सुंदर मिश्रण मिलता है. उन्होंने छंदबद्ध कविता को नया आयाम दिया और हिंदी साहित्य में उनकी रचनाएँ आज भी प्रासंगिक हैं.

सियारामशरण गुप्त की प्रसिद्ध कृतियों में ‘आर्द्रा, ‘दुर्वादल, ‘विषाद, ‘बापू तथा ‘गोपिका आदि शामिल हैं. उनकी पहली रचना ‘मौर्य विजय’ थी. इसके अतिरिक्त इन्होंने ‘गोद, ‘नारी, ‘अंतिम आकांक्षा (उपन्यास), ‘मानुषी (कहानी संग्रह), नाटक, निबंध आदि लगभग 50 ग्रंथ रचे थे.

 गुप्त की भाषा-शैली पर घर के वैष्णव संस्कारों और गांधीवाद का प्रभाव था.  हिंदी में शुद्ध सात्विक भावोद्गारों के लिए गुप्त जी की रचनाएँ स्मरणीय रहेंगी. हिंदी की गांधीवादी राष्ट्रीय धारा के वह प्रतिनिधि कवि हैं सियारामशरण गुप्त. उनका साहित्यिक योगदान हिंदी साहित्य को एक नई दिशा और दृष्टिकोण प्रदान करता है.

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कलाकार श्याम सुंदर कलानी

श्याम सुंदर कलानी का नाम हिंदी और राजस्थानी रंगमंच, टेलीविजन और फिल्मों में उनके योगदान के संदर्भ में जाना जाता है. वे विशेष रूप से रामानंद सागर की प्रसिद्ध टेलीविजन श्रृंखला ‘रामायण’ में ‘सुग्रीव’ और ‘वालि’ की भूमिका निभाने के लिए जाने जाते हैं. इस शो में उनकी अद्भुत अभिनय प्रतिभा और संवेदनशीलता ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई.

श्याम सुंदर कलानी ने राजस्थानी सिनेमा में भी काम किया और वहां की फिल्मों और रंगमंच के विकास में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा. उनकी अभिनय क्षमता और विविध भूमिकाओं में उनका निपुणता हासिल करने की क्षमता ने उन्हें एक विशिष्ट पहचान प्रदान की.

श्याम सुंदर कलानी का जन्म 1940 में मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर में हुआ और उनका निधन 29 मार्च 2020 को हुआ था.

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