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स्वाद बढ़ाता है नमक…

नमक का नाम आते ही नमकीन स्वाद जेहन में आता है, और इसका प्रयोग हर कोई अपने भोजन में इस्तेमाल करता है. यह ना  केवल भोजन के स्वाद को बढ़ाता है, बल्कि अनेकों  प्रयोगों में भी इस्तेमाल किया जाता है. अगर खाना में नमक कम या फिर ज्यादा हो जाए तो भोजन का स्वाद ही खराब हो जाता है. नमक देखने में क्रिस्टल पारदर्शक एवं घनाकार होता है. शुद्ध नमक रंगहीन होता है, किंतु लोहमय अपद्रव्यों के कारण इसका रंग पीला या लाल हो जाता है. यह ठंडे पानी में सुगमता से घुल जाता है और गरम जल में इसकी विलेयता कुछ बढ़ जाती है.

बर्फ के साथ नमक को मिला देने से मिश्रण का ताप -21 डिग्री सें. तक गिर सकता है. विश्व के विभिन्न भागों में प्राकृतिक नमकीन जलस्रोतों के विशाल भंडार मौजूद हैं. नमक की कई सौ फुट तथा कहीं-कहीं कई हजार फुट तक मोटी तहें पर्वतों के रूप में एवं धरातल के नीचे पाई जाती हैं. प्राकृतिक नमकीन स्रोत के अंतर्गत नमकीन जल की झीलें, कुएँ आते हैं.चुकिं समुद्र के जल में नमक प्रचुर मात्रा में विद्यमान होता है, इस जल को वाष्पित कर आसानी से नमक प्राप्त किया जाता है.

  • संसार में नमक का उत्पादन करने में भारत का स्थान तीसरा है. भारत में 70 प्रतिशत नमक समुन्द्रों के पानी से ही बनता है. भारत की आजादी से पहले नमक की इतनी कमी थी के इसे आयात करना पड़ता था.
  • काला बनाने के लिए नमक के पानी में हरड के बीज घोल कर बनाया जाता है, सबसे पहले काला नमक भारत में बनाया गया था.
  • भारत में सेंधा नमक का एकमात्र स्त्रोत हिमाचल प्रदेश में स्थित मंडी है.
  • भारत तकरीबन 20 देशों को 5 मिलियन टन नमक निर्यात करता है.
  • उचित नमक हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है, यह हमें बीमारियों से लड़ने की शक्ति देता है. ज्यादा नमक सेवन करने से ब्लड प्रेशर के बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है.
  • इंसान के शरीर की सभी कोशिकायों में नमक होता है हर मनुष्य के शरीर में 250 ग्राम नमक होता है.
  • पुराने समयों में नमक को सफेद सोना कहा जाता था, क्योंकि उस समय इसे प्राप्त करना इतना आसान नहीं था.
  • रोमन में एक समय ऐसा था जब सिपाहियों को पैसे की जगह नमक दिया जाता था.
  • जब सोडियम के कणों को क्लोरीन गैस के साथ मिलाया जाता है तो नमक बनता है.
  • अमेरिका में केवल 6% नमक ही खाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जबकि 17% नमक ठंड के मौसम में बर्फ़ को पिघलाने के लिए किया जाता है.
  • नमक हमारी आयु बढ़ाता भी है और नमक ही आयु घटाता भी है.
  • नमक का गिरना अच्छा नहीं माना जाता है. बुल्गारिया, यूक्रेन और रोमानिया जैसे देशों में इसे दुर्भाग्य और विवाद का सूचक माना जाता है.
  • भारत में भी इसका गिरना अशुभ माना गया है, चुकिं नमक को गिराने से चंद्रमा और शुक्र दोनों कमजोर हो जाते हैं.
  • नमक को सीधे-सीधे किसी व्यक्ति के हाथ में नहीं देना चाहिए, हो सके तो नमक का पैकेट देने भी से बचना चाहिए, ऐसी मान्यता हैं कि इससे व्यक्ति के संबंध खराब हो जाते हैं.
  • वैज्ञानिको के अनुसार नमक कभी खत्म नही हो सकता. क्योंकि समुंद्र कभी खत्म नही होंगे.
  • अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण न होने के कारण अंतरिक्ष यात्री भोजन पर नमक या मिर्च नहीं छिड़क सकते.
  • यदि भारत के समुंद्री तटों पर बेमौसम बारिश ज्यादा हो जाए तो, नमक के उत्पादन में भारी कमी आ सकती है.
  • एक आदमी को एक दिन में सिर्फ 2300 मिलीग्राम नमक खाना चाहिए. लेकिन बढ़ते चाइनीज फूड के कारण भारतीय बच्चे कुछ ज्यादा ही नमक खाने लगे है.
  • ज्यादा नमक खाने से इंसान की मौत भी हो सकती है. दावा किया गया है कि अगर 100 kg वजन वाला इंसाम 100 gm नमक खा ले तो उसकी मौत हो सकती है.
  • पार्टी में या खाना खाने से पहले हम सलाद काटकर रख देते हैं, लेकिन खाना खाते वक्त सलाद फ्रेश नहीं लगता, इसके लिए आप सलाद परोसने से पहले नमक डाल दें. इससे सलाद फ्रेश भी रहेगा और स्वाद भी बढ़ जाएगा.
  • कपड़ो पर पसीने के दाग रह जाते हैं, तो एक कप गुनगुने पानी में एक चम्मच नमक डालकर पसीने के दाग पर लगाकर ब्रश या हाथ से रगड़ें. दाग अपने आप खत्म हो जाएंगे.
  • हमारी त्वचा को साफ और सुंदर बनाने में भी नमक का प्रयोग किया जाता है. नमक से बने स्क्रब से आप अपनी त्वचा में निखार ला सकते हैं.

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