अर्थशास्त्र से संबंधित(24)… - Gyan Sagar Times
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अर्थशास्त्र से संबंधित(24)…

Q1. What is barter system and what are its drawbacks?

The barter system is the direct exchange of goods from one commodity to another, such as – wheat for rice, honor of utensils for clothes, etc.

Barter system difficulties :-

  1. It is always difficult to find double coincidences in this system. Like as – one person is looking for another person who can take his extra item and give it to him.
  2. There are many things which cannot be divided. Partitioning ends the usefulness of those items. Like as- cows, goats.
  3. There is a lack of transfer of value in barter. For example, transfer of land and house from one place to another is not possible.
  4. Purchasing power combination is not possible in barter. You cannot store and keep items for the future.
  5. There is a lack of universal price measure in the barter system. It is very difficult to determine the value of each item in other items. Like as – how much wheat or rice will be received for one meter of cloth.
  6. In the barter system, there was no basis for making future payments.

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प्र0 :- वस्तु विनिमय प्रणाली क्या है और इसकी कमियाँ क्या है?

एक वस्तु से दूसरी वस्तु के प्रत्यक्ष विनिमय को ही वस्तु विनिमय प्रणाली कहते है, जैसे –  चावल के बदले गेहूँ का, कपड़ों के बदले बर्तनों का आदन-प्रदान इत्यादि.

वस्तु विनिमय प्रणाली की कठिनाइयां :-

  1. इस प्रणाली में दोहरे संयोग का मिलना हमेशा ही कठिन होता है. जैसे – एक व्यक्ति को ऐसे दूससे व्यक्ति की तलाश रहती है जो उसकी अतिरिक्त वस्तु लेकर उसको इच्छित वस्तु दे सके.
  2. बहुत-सी ऐसी वस्तुएँ होती है जिनका विभाजन नहीं किया जा सकता है. विभाजन करने से उन वस्तुओं की उपयोगिता समाप्त हो जाती है. जैसे- गायें, बकरी.
  3. वस्तु विनिमय में मूल्य के हस्तान्तरण का अभाव रहता है. जैसे- भूमि तथा मकान को एक स्थान से दूसरी स्थान में हस्तान्तरण संभव नहीं होता है.
  4. वस्तु विनिमय में क्रय शक्ति संयच संभव नहीं है. आप भविष्य के लिए वस्तुओं का संग्रह नहीं कर के रख सकते है.
  5. वस्तु विनिमय प्रणाली में सर्वमान्य मूल्य मापक का अभाव रहता है. प्रत्येक वस्तु का मूल्य अन्य वस्तुओं में तय करना बहुत ही कठिन होता है. जैसे – एक मीटर कपड़े के बदले कितना गेहूँ या चावल मिलेगा.
  6. वस्तु विनिमय प्रणाली में भविष्य में भुगतान करने का आधार नहीं था.

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