वनस्पति विज्ञान से संबंधित-22. - Gyan Sagar Times
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वनस्पति विज्ञान से संबंधित-22.

  1. विकास का सिद्धान्त किसने प्रतिपादित किया था? = चार्ल्स डार्विन.
  2. योग्यतम की उत्तरजीविता (survival of the fittest) का सिद्धांत प्रतिपादित किया है? = चार्ल्स डार्विन.
  3. किसके द्वारा आनुवंशिकता के विज्ञान को ‘आनुवंशिकी’ कहा गया? = वॉटसन.
  4. क्लोन किस विधि से उत्पन्न किया जाता है? = अलैंगिक विधि.
  5. एजोला को किस रूप में प्रयोग किया जाता है? = जैव उर्वरक के रूप में.
  6. ‘जीवद्रव्य जीवन का भौतिक आधार है’ यह किसका कथन है? = लैमार्क.
  7. शैवालों की कोशिका भित्ति किस पदार्थ की बनी होती है? = सेल्यूलोज.
  8. फूलगोभी का खाने योग्य भाग कौन-सा होता है? = पुष्पक्रम.
  9. ‘तना काट’ आमतौर पर किसके प्रवर्धन के लिए प्रयोग किया जाता है? = गन्ना.
  10. नारियल का खाने योग्य भाग कौन-सा होता है? = भ्रुणपोष.
  11. निषेचन क्रिया क्या है? = एक नर युग्मक का अण्डाणु से संयोजन.
  12. जीवनचक्र की दृष्टि से पौधे का सबसे महत्त्वपूर्ण अंग कौन-सा है? = पुष्प.
  13. कोशिका को एक निश्चित रूप कौन प्रदान करती है? = कोशिका भित्ति.
  14. आरएनए (RNA) का मुख्य कार्य होता है? = प्रोटीन का संश्लेषण करना.
  15. प्रकीर्णन किसे कहते हैं? = पौधों के बीजों के बिखरने को हीप्रकीर्णन कहते हैं.
  16. मूलरोम किसे कहते हैं? = पेड़ों की जड़ों की सतह पर जो रोएँ से दिखाई देते है उन्हें मूलरोम कहते हैं.
  17. पत्तियों का हरा रंग किसके कारण होता है? = पत्तियों का हरा रंगपर्णहरिम या क्लोरोफिलके  कारण होता है.
  18. काष्ठ किसे कहते हैं? = बहुवर्षी द्विबीजपत्री व नग्नबीजी के स्तम्भों में एधा वलय के विभाजन द्वारा इसके बाहर की ओर द्वितीयक फ्लोएम व भीतरी सतह पर द्वितीयक जाइलम का निर्माण होता है. द्वितीयक जाइलम को ही काष्ठ कहते हैं जो वृक्ष के स्तम्भ के भीतरी भाग का अधिकांश हिस्सा बनाता है.
  19. पुष्प कितने प्रकार के होते हैं? = 04 (बाह्य दलपुंज (Calyx), दलपुंज (Corolla), पुमंग (Androecium) और जायांग (Gynoecium).
  20. पुष्प किसे कहते हैं? = पुष्पीय पौधों में पुष्प एक अत्यन्त महत्त्वपूर्ण अंग होता है. आकारकीय रूप से पुष्प एक रूपान्तरित प्ररोह (स्तम्भ) है जिस पर गाँठे तथा रूपान्तरित पुष्पी पत्तियाँ लगी रहती हैं. पुष्प प्रायः तने या शाखाओं के शीर्ष अथवा पत्ती के अक्ष में उत्पन्न होकर प्रजनन (Reproduction) का कार्य करती है तथा फल एवं बीज उत्पन्न करता है.
  21. बाह्य दलपुंज (Calyx) किसे कहते हैं? = यह पुष्प के सबसे बाहर का चक्र होता है. यह हरे छोटी पत्तीनुमा संरचनाओं का बना होता है जिन्हें बाह्य दल (sepals) कहते हैं. जब ये स्वतंत्र होते हैं तो इन्हें पृथक बाह्यदलीय (Polysepalous) कहते हैं और जब जुड़े होते हैं तो इन्हें संयुक्त बाह्यदलीय (Gamosepalous) कहते हैं. ये कली (Buds) को तथा उसके अन्य आन्तरिक भागों की सुरक्षा प्रदान करते हैं. कुछ पुष्पों में यह रंगीन होकर परागण के लिए कीटों को आकर्षित करने का काम करता है.
  22. दलपुंज (Corolla) किसे कहते हैं? = यह पुष्प का दूसरा चक्र होता है जो बाह्य दलपुंज के अन्दर स्थित होता है. यह प्रायः 2-6 दलों (Petals) का बना होता है. आमतौर पर रंगीन होते हैं. इसका मुख्य कार्य परागण हेतु कीटों को आकर्षित करना है. जब दल (Petals) स्वतंत्र होते हैं, तो उन्हें पृथक दलीय (Polypetalous) तथा जब वे जुड़े होते हैं तो उन्हें संयुक्त दलीय (Gamopetalous) कहते हैं.
  23. पुमंग (Androecium) किसे कहते हैं? = यह पुष्प का तीसरा चक्र है जो नर अंगों का बना होता है. प्रत्येक नर अंग पुंकेसर (stamen) कहलाता है. पुंकेसर ही पुष्प का वास्तविक नर भाग होता है. पुंकेसर के तीन भाग होते हैं- तन्तु या फिलामेंट (Filament), परागकोष या ऐन्थर (Anther) तथा योजी या कनेक्टिव (Connective).

नोट:- पुतन्तु पतला सूत्रनुमा भाग होता है जो पुंकेसर को पुष्पासन से जोड़ता है. पुंकेसर में एक द्विपालिक (bilobed) रचना होती है जिसे परागकोष (Anthers) कहते हैं. परागकोष में चार कोष्ठ होते हैं, जिन्हें परागपुट (Pollen sacs) कहते हैं. परागपुट में ही परागकण (Pollen grains) की उत्पत्ति होती है. परागकण ही वास्तविक नर युग्मक (Male gamete) होता है. जब परागकोष पकने के बाद फट जाते हैं और परागकण प्रकीर्णन के लिए तैयार होते हैं.

  1. जायांग (Gynoecium) किसे कहते हैं? = जायांग पुष्प का मादा भाग होता है. यह पुष्प का चौथा और सबसे भीतरी चक्र है. यह अण्डपों (Carpels) से निर्मित होता है. आकारकीय दृष्टि से अण्डप एक वर्टीकली मुड़ी हुई पर्ण है जिसके जुड़े हुए किनारों पर बीजाण्ड (Ovules) उत्पन्न होते हैं. इन्हीं बीजाण्डों में मादा युग्मक अण्डाणु होते हैं. विभिन्न पादपों में बीजाण्डों की संख्या निशिचत होती है. वर्तिका अंडाशय के ऊपर का लम्बा एवं पतला भाग होता है जबकि वर्तिकाग्र (stigma) वर्तिका (style) का सबसे ऊपर का भाग होता है जो प्राय: चिपचिपा होता है.

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