मुंहासे या पिटिका… - Gyan Sagar Times
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मुंहासे या पिटिका…

चेहरे या त्वचा पर सफेद, काले या लाल दाग के रूप में दिखाई पड़ते हैं यह दाग आमतौर पर पहले छोटे-छोटे दानों के रूप में उभरते हैं, इन्हें आम भाषा में मुंहासे के नाम से जानते हैं. चिकित्सा विज्ञान के अनुसार मुंहासों का कारण होता है वसा ग्रन्थियों से निकलने वाले स्राव का रुक जाना. यह स्राव त्वचा  को स्निग्ध रखने के लिए रोम छिद्रों से निकलता रहता है. यदि यह रुक जाए तो फुंसी के रूप में त्वचा के नीचे इकट्ठा हो जाता है और कठोर हो जाने पर मुंहासा बन जाता है. यदि इसमें पस पड़ जाए तो इसे कील यानी पिम्पल कहते हैं.

मुंहासे कई प्रकार के होते हैं जैसे पसदार मुंहासे, बिना पस कील के रूप में, काले खूटें के रूप में… यह आमतौर पर 14 वर्ष की आयु से शुरू होकर 30 वर्ष तक की आयु में निकलते हैं. यह ज्यादातर चेहरे में भी ललाट, गालों और नाक पर होते हैं. यदि रोग की तीव्रता ज्यादा हो तो कंधे, पीठ और हाथ-पैरों पर हो सकते हैं. मुंहासे के ये दाने आकार में बड़े होकर पीवयुक्त गांठों के रूप में भी हो जाते हैं, इन मवादयुक्त गांठों में दर्द, जलन, सूजन और लालिमा भी पाई जाती है. कुछ मुंहासे काले सिर वाले होते हैं जिन्हें “कील” कहा जाता है, यदि इनको दबाया जाए, तो काले सिर के साथ-साथ भीतर से सफेद रोम जैसा पदार्थ बाहर निकलता है और इससे पैदा होने वाला छेद स्थाई हो जाता है.

अगर आपके चेहरे पर ऐसे ही दाने निकलते है और उसमे कील भी होता हो तो आप अपने जीवन शैली में बदलाब करें और संतुलित आहार का प्रयोग करें. भोजन में ज्यादा घी, तेल, मसालों का प्रयोग बिलकुल  ना करे, साथ ही चिकनाई वाले कॉस्मेटिक उत्पाद का भी प्रयोग नहीं करना चाहिए. चेहरे को किसी अच्छे मैडीकेटेड साबुन से धोना चाहिए. ज्यादा चाय, कॉफ़ी, मिर्च- मसालों के प्रयोग से बचना चाहिए. चुकि, ज्यादा चाय, कॉफ़ी, मिर्च- मसालों के प्रयोग से कब्ज होते हैं. भरपूर मात्रा में कच्ची सब्जियों का प्रयोग करना चाहिए, साथ ही दिन में कम से कम 10-12 ग्लास पानी पीना चाहिए.

गर्म चीजों का सेवन बिलकुल नहीं करना चाहिए. तनाव मुक्त रहें, क्योंकि तनाव व नींद पूरी न होने से भी मुंहासे बढ़ते हैं. प्रात: काल ताजी स्वच्छ हवा में घूमना और व्यायाम करना चाहिए. अगर आपके चेहरे पर मुंहासें हों तो, चेहरे को धोकर गर्म पानी से भाप लें, ब्लैक हैड रिमूवर से कील दबाकर निकाल दें, अब रूई से कील वाले स्थान पर स्किन टोनर लगाएं. कुछ देर बाद ठंडे पानी से मुँह धो कर फेस पैक लगाना चाहिए. मुंहासों को दबाने, फोड़ने या रगड़ने का प्रयास बिलकुल नहीं करना चाहिए, साथ ही हाथ या अंगुलियों से चेहरो को छूने से भी परहेज करना चाहिए.

अगर आपको मुंहासे की बीमारी हो गई हो तो, आप आप अपने खाने में लहसुन, ब्राउन राईस, ब्रोकली, नट्स, मछली, सौंफ का प्रयोग करें. इसके अलावा आप कुछ घरेलू उपचार भी कर सकते हैं जैसे…

  • मसूर दाल का पाउडर दो चम्मच, चुटकी भर हल्दी, नीम्बू की कुछ बुँदे और दही मिलाकर लेप बनाये और चेहरे पर लगाये. मिश्रण सूखने के बाद गुनगुने पानी से चेहरा धो लें.
  • एक बड़ा चम्मच तुलसी के पत्तों का पाउडर, एक चम्मच नीम के पत्तों का पाउडर और एक चम्मच हल्दी पाउडर, थोड़ा सा मुल्तानी मिट्टी के पाउडर को मिला लें. इस मिश्रण में पानी (जल) मिलाकर इसका पेस्ट बना लें और इसे सप्ताह में दो बार चेहरे पर लगायें. मिश्रण सूखने के उपरान्त इसे साफ़ पानी से धो लें. अगर आपको मुंहासे ने गम्भीर रूप ले लिया है तो आप त्वचा विशेषज्ञ से मिलें.

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