भूगोल से संबंधित-43… - Gyan Sagar Times
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भूगोल से संबंधित-43…

… लाल ग्रह…

शुक्र ग्रह के बाद पृथ्वी का निकटतम ग्रह मंगल है. हमारी धरती का सबसे पड़ोसी ग्रह “मंगल” जो देखने में लाल रंग का है, और इसे लोग “लाल ग्रह” के नाम से भी जानते है. मंगल सौरमंडल में सूर्य से चौथा ग्रह है. पृथ्वी की ही तरह, मंगल भी एक स्थलीय धरातल वाला ग्रह है और इसका वातावरण विरल है. इसकी सतह देखने पर चंद्रमा के गर्त और पृथ्वी के ज्वालामुखियों, घाटियों, रेगिस्तान और ध्रुवीय बर्फीली चोटियों की याद दिलाती है. हमारे सौरमंडल का सबसे अधिक ऊँचा पर्वत, ओलम्पस मोन्स मंगल पर ही स्थित है.सौरमंडल के ग्रह दो तरह के होते हैं – “स्थलीय ग्रह” जिनमें ज़मीन होती है और “गैसीय ग्रह” जिनमें अधिकतर गैस ही गैस है.

मंगल ग्रह बेहद ही ठंडा और बंजर है यंहा का औसत तापमान 60 डिग्री सेल्सियस और, जाड़ों में मंगल ग्रह के ध्रुवों का तापमान करीब 126 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है. मंगल ग्रह, पृथ्वी के व्यास का लगभग आधा है, और पृथ्वी से कम घना है. इसके पास पृथ्वी का 15% आयतन व 11% द्रव्यमान है, सौरमंडल में सबसे लम्बा पहाड़ मंगल ग्रह पर ही मौजूद है, इस पहाड़ को ओलंपस माँस भी कहा जाता है, इसकी ऊंचाई करीब 27 किलोमीटर है, जो मांउट एवरेस्ट से तीन गुना बड़ा है.

मंगल ग्रह के वायुमंडल में मुख्यत कार्बन डाई आक्साइड, नाइट्रो व् आक्रिय गैस पायी जाती है. मंगल ग्रह की मिटटी में लोह आक्साइड भी पाया जाता है, जिससे इसका रंग लाल दीखता है. मंगल ग्रह पर भी पृथ्वी की भांति  ॠतुऐं होती है. मंगल ग्रह सौरमंडल का 7 वां बड़ा ग्रह है. मंगल ग्रह को सूर्य की परिक्रमा करने में 687 दिन लगते हैं. मंगल ग्रह को अपने अक्ष पर घुमने में करीब 25 घन्टे लगते है. सूर्य से दूर होने की वजह से मंगल ग्रह पर मौसम की लंबाई पृथ्वी से दोगुनी होती है, चुकिं मंगल ग्रह का एक साल पृथ्वी के दो साल के बराबर होता है. सूर्य मंगल ग्रह से पृथ्वी की अपेक्षा आधा ही दिखता है.1965 में पहली बार मेरिनर 4 ने मंगल ग्रह के लिए उड़ान भरी थी. मंगल के दो चन्द्रमा, फो़बोस और डिमोज़ हैं, जो छोटे और अनियमित आकार के हैं. मंगल ग्रह की सतह से, फोबोस और डिमोज़ की गतियां हमारे अपने चाँद की अपेक्षा काफी अलग-अलग दिखाई देती हैं. फोबोस पश्चिम में उदय होता है, और पूर्व में अस्त होता है. जबकि डिमोज पश्चिम में अस्त होने के लिए 2.7 दिन का समय लेता है, चुकिं, यह मंगल ग्रह की घूर्णन दिशा में साथ साथ घूमते हुए धीरे-धीरे डूबता है, उदय होने के लिए भी फिर से इसी तरह लंबा समय लेता है.

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