होली…

होली…

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भारत में होली का पर्व ऐतिहासिक ही नहीं सांस्कृतिक भी है और यह सदियों से चली आ रही है. पुराणों में भी वर्णित है रंगोत्सव या यूँ कहें मदनोत्सव. होली का सांस्कृतिक महत्व ‘मधु’ अर्थात ‘मदन’ से भी जुड़ा है. संस्कृत और हिन्दी साहित्य में इस मदनोत्सव को वसंत ऋतु का प्रेम-आख्यान माना गया है. वसंत यानी शीत और ग्रीष्म ऋतु की संधि-वेला अर्थात एक ऋतु का प्रस्थान और दूसरी का आगमन माना जाता है. होली की बात चल रही हो और श्यामसुन्दर की याद ना आये ऐसा संभव ही नहीं है. मथुरा में होली के कई रंग होते हैं पूरी दुनिया में सबसे अच्छी होली मथुरा में ही खेली जाती है. होली की शुरुआत तो बसंत ऋतू के आगमान के साथ ही हो जाता है.

वर्तमान समय मे सम्पूर्ण विश्व एक महामारी के दौर से गुजर रहा है. और इस महामारी में बुराई पर अच्छाई का प्रतीक होली का महापर्व मनाने की तैयारी चल रही है. रंग, अबीर और पिचकारी की दुकाने सज गई है लेकिन खरीदार इक्के-दुक्के ही नजर आ रहें हैं.

संकलन :- दीनानाथ शर्मा.

Video link :-  https://youtu.be/l2wKWpqDGR8