सऊदी अरब…

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नये प्रिंस के फैसलों के बाद से सऊदी अरब के कदम भी आधुनिकता की ओर बढ़ रहें हैं साथ ही महिलाओं को धीरे-धीरे अधिकार मिल रहें है. फोटो:- गूगल

सउद द्वारा स्थापित “सउदी अरब” मध्यपूर्व में स्थित एक सुन्नी मुस्लिम देश है और यंहा इस्लामी राजतन्त्र का प्रयोग किया जाता है. पूर्व देशान्तर के आसपास सउदी अरब अरब प्रायद्वीप के 80 प्रतिशत इलाकों में फैला हुआ है. बताते चलें कि, यह विश्व का 14 वाँ सबसे बड़ा देश माना जाता है. अगर सऊदी अरब की भौगोलिक दृष्टि से देखा जाय तो एशिया में पांचवां सबसे बड़ा राज्य और अरब दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा राज्य अल्जीरिया के बाद है. इसराइल और मिस्र अकाबा की खाड़ी के द्वारा अलग किया जाता है. यंहा की धरती रेतीली और उष्णकटिबंधीय मरुस्थल प्रदेश है साथ ही 1% भूमि ही कृषि के योग्य है. सउदी अरब की गिनती विश्व के अग्रणी तेल निर्यातक देशों में गिना जाता है. ज्ञात है कि, सउदी अरब के पश्चिम की ओर लाल सागर जिसके दूसरी तरफ मिस्र है, दक्षिण की ओर  ओमान और यमन है, उततर में ईराक और जॉर्डन, पूरब में संयुक्त अरब अमीरात, कुबैत और फारस की खाड़ी है, जबकि दक्षिण में हिन्द महासागर.

सउदी अरब में इस्लाम के प्रवर्तक मुहम्मद साहब का जन्म हुआ था और यहीं पर इस्लाम के दो पवित्र स्थल मक्का और मदीना अवस्थित हैं. इतिहास को अगर देखे तो प्राचीन काल में दिल्मन सभ्यता, सुमेर और मिस्र की प्राचीन सभ्यता के समकालीन हुआ करती थी. सन् 3500-2500 ईसापूर्व के मध्य में कुछ अरबों का बेबिलोनिया-असीरिया के इलाकों में अरबों के इतिहास का पता चलता है.

फोटो:- गूगल
फोटो:- गूगल

इस्लामी राजतन्त्र में इस्लामी कानून का ही प्रयोग किया जाता है जिसमें सभी के लिए बंदिशे होती है लेकिन, महिलाओं की स्थिति अच्छी नहीं होती है.उन्हें कई अधिकारों से बंचित रखा जाता है. लम्बे समय तक सउदी अरब में रूढ़िवादी मौलवियों ने मजहब का हवाला देते हुए बंदिशे कायम रखा था लेकिन सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने उदारवादी फैसले लेकर सउदी अरब में नई बयार बह रही है. बताते चलें कि, यहाँ का शाही परिवार वहाबी सिद्धांतों को मानता है. नये प्रिंस के फैसलों के बाद से सऊदी अरब के कदम भी आधुनिकता की ओर बढ़ रहें हैं साथ ही महिलाओं के अधिकार धीरे-धीरे मिल रहें है. नये प्रिंस के फैसलों के बाद से ही कुछ ऐसी भी महिलाएं हैं जो देश में क्रान्ति लाने का भी काम किया है.लम्बे समय से महिलाओं को गाडी चलाने का अधिकार नहीं था लेकिन, प्रिंस के उदारवादी कदमों में महिलाओं को भी गाडी चलाने की छुट दी गई जो एक सराहनीय कदम है.

सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने नये फैसले में निर्णय लिया है कि, अगले साल से पूरे देश में सिनेमा घर खोले जाएंगे. बताते चलें कि, धार्मिक कट्टरपंथ को अपनाने वाले देश ने 80 के दशक में सिनेमा के साथ सार्वजनिक मनोरंजन की सभी चीजों को प्रतिबंधित कर दिया था. सरकार को उम्मीद है कि मनोरंजन उद्योग के विकास के बाद देश की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी चुकी, पिछले कुछ समय से घटी तेल की कीमतों के कारण यहां की अर्थव्यस्था को काफी नुकसान हुआ है. पिछले दिनों, सऊदी अरब ने कॉन्सर्ट, कॉमिक-कॉन पॉप कल्चर फेस्टिवल का आयोजन किया था, जिसमें लोगों को पहली बार इलेक्ट्रॉनिक संगीत पर सड़कों पर झूमते हुए नजर आये. जल्द ही सऊदी अरब में 300 सिनेमा हॉल बनाए जाएंगे, जिसके कारण करीब 30 हजार नौकरियों का सृजन होगा और सऊदी की अर्थव्यवस्था को लगभग 1.54 लाख करोड़ रुपये का फायदा होगा. वास्तविकता तो यह है कि, सऊदी नागरिकों के द्वारा विदेशों में खर्च किए गए 20 अरब डॉलर का एक चौथाई हिस्सा हासिल करना है, जो शो और मनोरंजन पार्कों को देखने के लिए विदेशों की यात्रा करने के दौरान खर्च होते हैं.