व्यक्तित्व

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काम्बली ने ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर शेन वार्न के एक ओवर में 22 रन ठोककर तहलका मचा दिया था वहीं,लाम्बा की इच्छा पत्रकार बनने की थी लेकिन, वो अभिनेत्री बन गई. छायाचित्र:- दीनानाथ शर्मा.

भारतीय इतिहास के स्वर्ण पन्नों में आज की तारीख कई मायनो में अद्वितीय है. प्रसिद्ध राष्ट्रवादी, समाज सुधारक, विद्वान् और न्यायविद महादेव गोविन्द रानाडे, क्रिकेटर विनोद काम्बली, बैडमिंटन खिलाड़ी अपर्णा पोपट, अभिनेत्री मिनिषा लांबा का जन्म हुआ था.

महादेव गोविन्द रानाडे:-

महादेव गोविन्द रानाडे का जन्म 18 जनवरी 1842 को पुणे में हुआ था. उनके पिता का नाम ‘गोविंद अमृत रानाडे’ था. उनकी पुणे में आरंभिक शिक्षा पाने के बाद रानाडे ने ग्यारह वर्ष की उम्र में अंग्रेज़ी शिक्षा आरंभ की.उन्होंने मुंबई विश्वविद्यालय से प्रवेश परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की और 21 मेधावी विद्यार्थियों में उनका अध्ययन मूल्यांकन शामिल था.पुणे के ‘एलफिंस्टन कॉलेज’ में वे अंग्रेज़ी के प्राध्यापक नियुक्त हुए थे.रानाडे ने एल.एल.बी. पास करने के बाद वे उप-न्यायाधीश नियुक्त किए गए और निर्भीकतापूर्वक निर्णय देने के लिए प्रसिद्ध थे.

महादेव गोविन्द रानाडे भारत के प्रसिद्ध राष्ट्रवादी, समाज सुधारक, विद्वान् और न्यायविद थे और उन्हे “महाराष्ट्र का सुकरात” भी कहा जाता है.उन्होंने समाज सुधार के कार्यों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया था. प्रार्थना समाज, आर्य समाज और ब्रह्म समाज का रानाडे के जीवन पर बहुत ही गहरा प्रभाव था.रानाडे ‘दक्कन एजुकेशनल सोसायटी’ के संस्थापकों में से एक थे साथ ही इन्होंने ‘भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस’ की स्थापना का भी समर्थन किया था. वो स्वदेशी के समर्थक के साथ-साथ देश में ही निर्मित वस्तुओं का प्रयोग करने के पक्षधर भी थे.

रानाडे ने कई  ग्रंथों की भी रचना की थी जिनमें से प्रमुख हैं-

  • विधवा पुनर्विवाह
  • मालगुजारी क़ानून
  • राजा राममोहन राय की जीवनी
  • मराठों का उत्कर्ष
  • धार्मिक एवं सामाजिक सुधार.

विनोद काम्बली:-

विनोद काम्बली का जन्म 18 जनवरी 1972, मुम्बई, महाराष्ट्र में हुआ था. उनके पिता का नाम गणपत है जो मैकेनिक थे. बताते चलें कि, कांबली के पिता भी मुंबई के क्लब क्रिकेटर रहे हैं, लेकिन उसका लाभ कांबली को नहीं मिला

अक्सर कांबली की प्रतिभा की तुलना उनके स्कूली दिनों के साथी रहे मास्टर ब्लास्टर से की जाती है.काम्बली भारत के लिए मध्यक्रम बलेबाज़ थे. कांबली ने 21 साल में पहला टेस्ट ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ खेला था. उन्होंने इस टेस्ट मैच को यादगार बना दिया था.उन्होंने ऑस्‍ट्रेलियाई स्पिनर शेन वार्न के एक ओवर में कांबली ने 22 रन ठोककर तहलका मचा दिया था.

बताते चलें कि,कांबली ने अपने बचपन के दोस्‍त सचिन तेंदुलकर के साथ मिलकर घरेलू क्रिकेट में 664 रन साझेदारी का वर्ल्‍ड रिकॉर्ड बनाया था.

  • फरवरी-मार्च 1993 में कांबली ने क्रिकेट में इतिहास रचा था, जब उन्होंने दो लगातार दोहरे शतक बना डाले थे.
  • मुंबई के वानखेड़े में इंग्लैंड के खिलाफ 224 रन की पारी खेली.
  • दिल्ली में जिंबाब्वे के खिलाफ 227 रन की पारी खेली.
  • कांबली ने महज 14 टेस्‍ट पारियों में 1000 रन बनाये, यह रिकॉर्ड आजतक किसी भारतीय क्रिकेटर तोड़ नहीं पाया.

अपर्णा पोपट:-

अपर्णा पोपट का जन्म 18 जनवरी 1978 को मुंबई में एक गुजराती परिवार में हुआ था. उनके पिता का नाम लालजी पोपट और माता का नाम हिना पोपट है. अपर्णा ने मुंबई के जे0 बी0 पेटिट हाई स्कूल में पढ़ाई की एवं मुंबई विश्वविद्यालय से वाणिज्य में स्नातक की डिग्री ली.

अपर्णा ने 08 साल की उम्र में बैडमिंटन की कोचिंग अनिल प्रधान से ली. अपर्णा ने वर्ष 1986 में मुम्बई में बैडमिंटन खेलना शुरू किया और वर्ष 1994 में, उन्होंने अपनी क्षमताओं का और विस्तार करने के लिए बैंगलोर में प्रकाश पादुकोण बैडमिंटन अकादमी में दाखिला ले लिया.

  • अपर्णा पोपट ने लगातार 8 वर्षों तक महिला बैडमिंटन जीती है.
  • 1996 में डेन्मार्क में हुई विश्व जूनियर चैंपियनशिप में अपर्णा रनर-अप रहीं.
  • 1998 में पेरिस में हुए फ्रेंच ओपन मुकाबले में अपर्णा ने महिलाओं का एकल खिताब जीता.
  • 1998 में कुआलालंपुर में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में उन्होंने रजत पदक जीता.
  • 2005 में अपर्णा पोपट को ‘अर्जुन पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया.

मिनिषा लांबा:-

मिनिषा लांबा का जन्म 18 जनवरी 1985 को  नई दिल्ली में हुआ था. उन्होंने  शेरवुड हाई स्कुल में पढ़ाई की और बाद में चेत्तीनाद विद्याश्रम चेन्नई में पढ़ी. वर्ष 2004 में मिनिषा ने अंग्रेज़ी में स्नातक डिग्री दिल्ली के मिरांडा हाउस से पुरी की.

ज्ञात है कि, लाम्बा की इच्छा पत्रकार बनने की थी लेकिन, वो अभिनेत्री बन गई. दिल्ली में अपनी डिग्री करते वक्त उन्हें एलजी, सोनी, कैडबरी, हाजमोला, एयरटेल, सनसिल्क आदि के विज्ञापनों में काम करने के प्रस्ताव मिले परन्तु वह कैडबरी का विज्ञापन था.

लाम्बा ने वर्ष 2005 में अभिनय की दुनिया में कदम रखा. वर्ष 2008 में सिद्धार्थ आनंद की फ़िल्म बचना ए हसीनो में बिपाशा बसु, दीपिका पदुकोने और रणबीर कपूर के साथ मुख्य भूमिका अदा की. श्याम बेनेगल की फ़िल्म वेल डन अब्बा फिल्म कैनंस फ़िल्म समारोह में काफ़ी तारीफ की गई. उन्होंने कॉर्पोरेट, रॉकी: द रेबेल, अन्थोनी कौन है, हनीमून ट्रेवेल्स प्राइवेट लिमिटेड, अनामिका, शौर्य और दस कहानियाँ में सह सह-अदाकारा की भूमिका निभाई.