वैश्विक प्रभाव एवं भारत की स्थिति…

वैश्विक प्रभाव एवं भारत की स्थिति…

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सर्वे भवनतु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामया.

प्रभाव :- कोरोना वायरस का प्रभाव ना तो राष्ट्र की सीमाओं में बंधा है, न ही ये कोई क्षेत्र देखता है और न ही मौसम. यह विश्व के अधिकांश देशों मे अपना प्रभाव डाला है,  यद्यपि चीन, इटली और अमेरिका ज्यादा प्रभावित देश है. परन्तु भारत सरकार के संवेदनशीलता, दूरदर्शीता एवं  जनमानस के सहयोग के कारण हम सभी सुरक्षित हैं एवं इसका प्रभाव अन्य देशों से कम है. सभी के प्रयास से ज्ञान, विज्ञान, गरीब,  संपन्न, कमजोर, ताकतवर ने इसे चुनौती दे दिया.

सभी लोगों को, पूरी मानवजाति को इस वायरस को खत्म करने के लिए, एकजुट होकर संकल्प लेना ही होगा. कोविड 19 के कारण देशो की घरेलू प्राथमिकताओं के साथ अन्तराष्ट्रीय कूटनीति का रूप मे बदलाव संभव है. अमेरिका, चीन के साथ अन्य देशों की वैश्विक भूमिका भी आने वाले दिनों में बदल सकती है. कोरोना वायरस के कारण कई देशों की अर्थव्यवस्था प्रभावित होनी तय है. चीन के साथ कई देशों में उत्पादन में आई कमी से भारत से व्यापर प्रभावित होगी. विशेषकर यूरोप के अर्थिक सहयोग मे भी कमी आने की संभावना है. पर्यटन उधोग, पेट्रोलियम उद्योग, इलेक्ट्रॉनिक एवं अन्य कई उधोग पर कोरोना वायरस का बुरा प्रभाव पड़ेगा. इस वायरस ने वैश्विक मंदी ला दी है.

भारत मे तत्काल बंद के कारण अन्य देशों के तुलना मे नुकसान कम हुआ है. सबसे महत्वपूर्ण है कि सरकार आर्थिक मामलों में संरक्षणवादी रूख ले चुकि है. इसके अन्तर्गत आयात को हतोत्साहित करना एवं घरेलू उधोग को संरक्षण देना है. इसके लिए सरकार को दुनिया के साथ मिलकर उदारवादी नीतियां बनानी होगी. साथ ही संतुलित आर्थिक संरचना विकसित करना होगा.

विशलेषण :- इसके लिए आवश्यक है कि वैश्विक स्तर पर समेकित नीति की आवश्यकता है जो विश्व की आर्थिक, सामाजिक, धार्मिक, अध्यात्मिक, सांस्कृतिक, स्वास्थय, राजनैतिक, सामाजिक, सुरक्षा, कूटनीति, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आदि के द्वारा मानसिक संतुलन को स्थापित कर सके. सरकार के साथ सभी सामाजिक संगठनों एवं जनमानस के सहयोग से नई नीति तय कर जागरूकता अभियान चलाकर विश्व के परदृशय मे सबसे आगे निकल सकता है एवं भविष्य मे नेतृत्व प्रदान कर सकतीं हैं. इस वायरस ने मानव को जीवन जीने के लिए साफ-सफाई, खान-पान,स्वास्थय एवं आत्मनिरीक्षण करने के लिए सीखा दिया. भारतीय मनीषा ने कहा- सर्वे भवनतु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामया.

प्रो०. विजय कुमार,

संयोजक सह संयुक्त सचिव बिहार मैथमेटिकल सोसाइटी.