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विपक्ष की पहली महिला नेता थीं सुषमा…

सुषमा स्वराज का जन्म 14 फरवरी 1952 को हरियाणा के अंबाला में हुआ था. इनके पिता का नाम हरदेव शर्मा और माता का नाम लक्ष्मी देवी था. उन्होंने अंबाला छावनी के एसडी कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की. इसके बाद पंजाब विश्वविद्यालय से एलएलबी की डिग्री ली. सुषमा का विवाह 13 जुलाई 1975 को सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ वकील स्वराज कौशल से हुआ था. उनकी बेटी का नाम बांसुरी है, जो लंदन में वकालत कर रही हैं. सुषमा स्वराज का निधन 06 अगस्त 2019 को दिल का दौरा पड़ने से 67 साल की उम्र में निधन हो गया था.

सुषमा स्वराज ने वर्ष 1977 में अपना राजनीतक सफ़र शुरू करते हुए हरियाणा विधान सभा के लिए चुनी गईं और कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली थी. सुषमा स्वराज भारत में सबसे कम उम्र की कैबिनेट मंत्री बनी और वर्ष 1977-79 तक 08 पद जिनमें सामाजिक कल्याण, श्रम और रोजगार संभाले थे.

उन्होंने चार सालों तक जनता पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्या भी रह चुकी थी. साथ ही चार सालों तक हरियाणा राज्य में जनता पार्टी की अध्यक्षा भी रह चुकीं हैं. भारतीय जनता पार्टी की अखिल भारतीय सचिव भी रहीं हैं.

वर्ष 1987 में स्वराज को हरियाणा विधान सभा से फिर से चुना गया था. वर्ष 1990 में सुषमा स्वराज को राज्य सभा की सदस्य के रूप में निर्वाचित किया गया था. वर्ष 1996 में सुषमा स्वराज 11वीं लोकसभा के दूसरे कार्यकाल की सदस्य बनीं. वर्ष 1996 में स्व० अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में तेरह दिन की सरकार के दौरान, इन्होंने सूचना और प्रसारण की केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के रूप में ‘लोकसभा वार्ता’ के लाइव प्रसारण का एक क्रांतिकारी कदम भी उठाया था. वर्ष 1998 में स्वराज को तीसरी बार 12वीं लोकसभा की सदस्या के रूप में फिर से निर्वाचित किया गया था.

वर्ष 1998 में इन्हें दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री के रूप में निर्वाचित किया गया था. इनका कार्यकाल 13 अक्टूबर से 3 दिसंबर 1998 तक था. नवंबर 1998 में सुषमा दिल्ली विधानसभा के हौज खास विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से चुनी गई, लेकिन लोकसभा सीट को बरकरार रखने के लिए विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया था. वर्ष 2000 में सुषमा को पुनः राज्यसभा की सदस्या के रूप में निर्वाचित किया गया था.

30 सितंबर 2000 से 29 जनवरी 2003 तक इन्होंने सूचना एवं प्रसारण मंत्री के पद पर सेवा की. 19 मार्च से 12 अक्टूबर 1998 तक, वे सूचना एवं प्रसारण और दूरसंचार (अतिरिक्त प्रभार) विभाग में केंद्रीय कैबिनेट मंत्री रहीं. 29 जनवरी 2003 से 22 मई 2004 तक, वे स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री तथा संसदीय मामलों की मंत्री रहीं. अप्रैल 2006 में इन्हें पुनः पांचवे सत्र के लिए राज्य सभा की सदस्य के रूप में निर्वाचित किया गया था. 16 मई 2009 को सुषमा स्वराज को छठी बार 15वीं लोकसभा की सदस्य के रूप में चुना गया था.

सुषमा 03 जून 2009 को लोकसभा में विपक्ष की उप नेता बनी. 21 दिसंबर 2009 को सुषमा स्वराज विपक्ष की पहली महिला नेता बनी थीं और तब इन्होंने लालकृष्ण आडवाणी के बाद यह पद ग्रहण किया था. 26 मई 2014 को सुषमा स्वराज भारत सरकार में विदेश मामलों की केंद्रीय मंत्री बनीं. सुषमा स्वराज को राष्ट्रीय स्तर की राजनीतिक पार्टी की पहली महिला प्रवक्ता होने का गौरव प्राप्त है साथ ही वो दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री भी थीं. वो पहली महिला केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के साथ-साथ विपक्ष की पहली महिला नेता भी थी.

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