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सौरमंडल में सूर्य से चौथा ग्रह मंगल है. यह ग्रह पृथ्वी ग्रह के व्यास का आधा और कम घना है. सौरमंडल में सबसे लंबा पहाड़ मंगल ग्रह पर ही है और इस पहाड़ को ओलंपस मास कहा जाता है. इसकी उंचाई करीब 27 किलोमीटर है जो माउंट एवरेस्ट से तीन गुना बड़ा है. पृथ्वी से इस ग्रह को देखते हैं तो इसकी आभा रक्तिम (लाल) दिखाई पड़ती है जिसके कारण इस ग्रह को लाल ग्रह भी कहते हैं.

बताते चलें कि, सौरमंडल में दो तरह के ग्रह होते हैं पहला स्थलीय या यूँ कहें कि, जहां जमीन होती है और दूसरा होता है गैसीय अर्थात केवल गैस ही गैस हो. ज्ञात है कि, पृथ्वी की ही तरह लाल ग्रह भी एक स्थलीय धरातल वाला ग्रह है और यहां का वतावरण विरल है. इसकी सतह को देखने पर चन्द्रमा के गर्त और पृथ्वी के ज्वालामुखीयों, घाटियों, रेगिस्तान और ध्रुवीय बर्फीली चोटियों की तरह है. अपनी भौगोलिक विशेषताओं के अलावा मंगल का घूर्णन काल और मौसमी चक्र भी पृथ्वी के समान ही है.

ज्ञात है कि, सौरमंडल में सूर्य का चौथा निकटतम ग्रह है साथ ही 7 वां सबसे बड़ा ग्रह है जबकि शुक्र ग्रह के बाद पृथ्वी का निकटतम ग्रह मंगल ही है. इसकी आभा रक्तिम होने के कारण इसे लाल ग्रह के नाम से भी जाना जाता है. मंगल ग्रह के वायुमंडल में मुख्यत: कार्बन डाई ऑक्साइड, नाइट्रोजन व अक्रिय गैस पाई जाती है. इस ग्रह की मिटटी में लौह ऑक्साइड की मात्रा अधिक होने के कारण इसका रंग लाल दिखाई देता है.

मंगल ग्रह को अपने अक्ष पर घुमने में 25 घंटे लगते हैं जबकि सूर्य की परिक्रमा करने में 687 दिन लगते हैं. सूर्य से दूर होने की वजह से मंगल ग्रह पर मौसम की लंबाई पृथ्वी से दोगुनी होती है. मंगल ग्रह का एक साल पृथ्वी के दो साल के बराबर होता है. मंगल ग्रह के दो चन्द्रमा फोबोस और डिमोज जो छोटे और अनियमित आकार के है.

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